Back
Explore every episode of the podcast Teen Taal
Dive into the complete episode list for Teen Taal. Each episode is cataloged with detailed descriptions, making it easy to find and explore specific topics. Keep track of all episodes from your favorite podcast and never miss a moment of insightful content.
| Title | Pub. Date | Duration | |
|---|---|---|---|
| नकबंसा फाड़ गमक, कष्ट'मेलन की गंध और फुरसतगंज का मुख-सुख : तीन ताल, S2 Ep 67 | 31 Aug 2024 | 02:30:08 | |
• ताल सीजन 2 के 67वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', कुलदीप 'सरदार' और आसिफ़ 'खां चा', के साथ सुनिए : - नाक-नाक जोक्स और साथ कंगना को RC क्या! - कंगना रनौत का 'रनआउट' और ईमानदारी का असर - पुतला लेके भागने वाली पुलिस और मूंछों वाला पुतला - सिंबल माइंडेड लोग और बदतमीज़ देश का इलाज - फुरसतगंज का मुख-सुख और फुलौरी बिना कइसे 'बनी' - इंदिरा की गोद में राजीव और राहुल चौक की कहानी - अथॉरिटी वाला नींबू और रातरानी की महक - तमाम प्रकार की गंध और स्वाद का कनेक्शन - प्यार की दुर्गंध और घर के बिस्तर की महीन बू - अदृश्य गंध और गोबर की खुशबू - इंडियन लोगों की गंध और जेनेटिक जुगाड़ का रोल - कलकत्ता, मुंबई और बैंकॉक की स्मेल - तेल गमकउआ और शैतान का पाखाना - जादुई इत्र से आम की महक - जानवरों की गंध और और कबाड़ी वालों से कुत्तों का कंपटीशन - डायरेक्ट से थन से दूध और ट्रेन में मोजे की बदबू - कथरी की स्मेल-मेमरी और मूतहे चद्दर की नींद - टेस्टेरोन की गंध का मुहावरा और तौलिए की बत्तख - 'कबीरा कंपनी ऑफ जेंटलमेन' का हिंदी अनुवाद - दाल की छौंक और 'गंध का मामला है दिलबर' - बारिश की गंध से बौराया हुआ बाबर - जाफरानी जरदा की महक वाली महिलाएं - तेलजले आशिक और पेट्रोल, थिनर और केरोसिन ऑयल की गंध - 'मस्कमेलन' और 'पस्तमेलन' की गमक - चारबाग स्टेशन पर मुतही महक और अस्पतालों की गंध - सिनेमा हॉल की ठुस्की और नकबंसा-फाड़ गंधक - मासूम रिश्वत और बालू का शाहीपन - तीन तालियों की चिट्ठियां | |||
| औजार का चमत्कार, नेलकटर की आइस-पाइस और मछली की अंत्येष्टि: तीन ताल, S2 Ep 66 | 24 Aug 2024 | 02:36:24 | |
• ताल सीजन 2 के 64वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', कुलदीप 'सरदार' और आसिफ़ 'खां चा', के साथ सुनिए : - भारत बंद में SDM सा'ब के साथ लाठी-ब्लंडर - आरक्षण का गिरगिट बीजेपी-पीडीए की रेसिपी - दिलीप मंडल का बदलाव और स्पूफ वर्ड का फोबिया - कोलकाता डॉक्टर-केस में समाज का दोगलापन - कड़े कानून का लूप होल और परिवर्तन का तरीका - चुप्पी की कॉन्सपिरेसी और इज्जत के असल मायने - बलात्कार जैसी घटनाओं पर समाज की हिपोक्रेसी - औज़ारबक्से का सौन्दर्य और टूल का आकर्षण - टेस्टर से फ्यूज़ जांचने और उड़ाने की कहानी - घोड़ी का सीक्रेट स्ट्रगल और ट्यूबलाइट चबाने का शौक - शॉक लगने से फेंका जाने तक की कहानी - कुछ भी खोल देने की इच्छा और पेंचकस का खेल - साइकिल की ओवरहॉलिंग और कुत्ता फेल होने की कहानी - स्टार मुंह वाला पेंचकस और मेंटल जलाने की कला - मिस्त्रियों की डेढ़ इंची वाली भाषा और पंखा चलाने की मज़ा - संघर्ष का टेप और मछली की अंत्येष्टि - घड़े में स्टीरियो इफेक्ट और तीन ताल का फ़्यूज़ कंडक्टर - बिजली का झटका और शून्य का एहसास - चुंबक की चाह और कैंची की क्वालिटी - कहीं भी कील गाड़ने वाले हथौड़ा त्यागी - फावड़ा, सब्बल, कुदाल और खंती की कहानियां - सद्दी, वाशर और क्लैंप की कथा - नेलकटर की आइस-पाइस और बेलचा से मर्डर - अच्छे कसाई की पहचान और रंदा मार बतकही - कुल्हाड़ी का सरनेम है तो कटार क्यों नहीं? - अंत में टीटी स्टाफ की चिट्ठियां • प्रड्यूसर : अतुल तिवारी • साउंड मिक्स : नितिन रावत | |||
| तंदूर की तानाशाही, राजमा का घमंड और अपना अपना तड़का: तीन ताल, S2 E57 | 22 Jun 2024 | 02:49:32 | |
तीन ताल सीजन 2 के 57वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', कुलदीप 'सरदार', पुष्पेश पंत 'गुरु' और आसिफ़ 'खां चा' के साथ सुनिए: - पुष्पेश शब्द का अर्थ और प्रोफ़ेसर पंत का फ़ेवरेट पुष्प - बुरांश की वाइन भी कोई वाइन है महाराज - राहुल गांधी का विट और मांसाहारियों को मैसेज - मछली मांस नहीं, जल का फल है और 124 बकरों का क्या करेंगे जैन साहब - वायनाड से चुनाव लड़कर प्रियंका कैसे इंडियन मिडिल क्लास वैल्यूज का सम्मान कर रही हैं - अलका याग्निक की बीमारी और संगीतकार के लिए न सुन पाना कितनी बड़ी चुनौती - मटकाफोड़ प्रदर्शन की नवैयत - भोजन कितना ज़रूरी है और उपनिवेशवाद-साम्राज्यवाद की जड़ में खाना क्यों है - पुतिन और किम जोंग उन को ताऊ का न्योता - मुगलिया खाना और रोगन का जोश, तंदूर और करी का इतिहास - करी-कढ़ी का फ़र्क़ और दिल्ली में पानी का संकट - गर्मी के ड्रिंक्स और शरबत जिनको हम भूल गए हैं - चटनी राहत जान, शरबत - ए - शिकंजवी और जैन शिकंजी का मसाला - छौंक, तड़का और बघार का रहस्य, खाना बनाने वाले हाथ-हाथ का फ़र्क़ - सबसे बुरा मसाला और मसालों को इस्तेमाल करने की तमीज़ - गरम मसाले को घर पर कैसे बनाएं, जावित्री और जायफल के उपयोग की शर्तें - तीन चीज़ें हिन्दुस्तान के खाने में बड़ा कहर ढाती हैं - फ्राइड खानों की आसक्ति और विरक्ति, पूड़ी का बेस्ट साथी, स्वाद और मेमोरी का संबंध - पहाड़ का बड़ा गर्क करने वाले तीन ब्राह्मण - नाश्ते का रिवाज़ कहां से आया और सबसे शानदार नाश्ते कौन से हैं - स्टार्टर और ऐपेटाइज़र का फ़रेब, बिरायानी-पुलाव की डिबेट - हिंदुस्तान की लॉस्ट रेसिपीज़ को सहेजने का उपक्रम - राजमा का घमंड, गोभी का भ्रम और ये हिंदुस्तान तक कैसे पहुंची - स्वाद और भोजन की प्रवृत्ति के आधार पर होना चाहिए राज्यों का विभाजन - हर 10 किलोमीटर पर क्यों बदल जाता है समोसे का स्वाद और समोसों का निराला संसार - पहली पहली बार पान क्यों खाते थे लड़के, पान खाने का तरीक़ा, पान खाने की संस्कृति शऊर - बिज़ारोत्तेजक ख़बर में सुनिए जंगल की फायर लाइन, दावनल का मर्म और जंगलों में जानबूझकर क्यों लगाई जाती है आग - जंगल का फायर ऑफिसर, प्रॉपर गैंडा और प्रोपोगैंडा - प्रतीकों की पॉलिटिक्स और प्रतीकात्मक प्रतिरोध और आख़िर में प्रिय तीन तालियों की प्रेमपूर्ण चिट्ठियां प्रड्यूसर: अतुल तिवारी / कुमार केशव साउंड मिक्सिंग: कपिलदेव सिंह | |||
| खपरैल पर चलने का हुनर, छाता कैसे पकड़ें और Hi-Hello का मर्म: तीन ताल, Ep 93 | 23 Jul 2022 | 01:48:04 | |
तीन ताल के 93वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: - आज तक रेडियो के नए रिकॉर्डिंग स्टूडियो का चित्रण - बाबा और ताऊ आजकल क्या देख रहे हैं - Peaky Blinders की मज़ेदार देसी व्याख्या - बाहर की कॉमेडी क्यों बाबा के पल्ले नहीं पड़ती - सावन पर बाबा की टेक और पानी क्यों उत्साहित करता है - सावन में ताऊ की कांवड़ यात्रा और घुघनी का सेवन - शहरों की बारिश और ट्रैफिक जाम - बारिश का साग जो बाबा चाव से खाते हैं - बरसात के मौसम में बचपन में इरिटेट करने वाली चीज़ें जो मिस करते हैं - बारिश में चाय पकौड़े क्यों पसंद आते हैं - शहर की बारिश में बाबा क्या करते हैं - लोहागढ़ में ताऊ का कागस्नान और तेज़ बहाव में तैरने की बेक़रारी - गोंडा में इंद्रदेव के खिलाफ शिकायत क्यों दर्ज हुई - खपड़े के प्रकार, इसको बनाने की प्रक्रिया और इस पर चलने का हुनर - छाते की विकासयात्रा, शिमला के छाते और इसको पकड़ने का तरीक़ा - गांवों के पायदान और कौन से पायदान अच्छे - बारिश कराने और रोकने के टोटके, सियार-सियारिन की शादी वाली बारिश - बरसात के यूज़लेस चप्पल और प्लास्टिक के जूते - एक किताब और लंबी ट्रेन यात्रा का रेकमेंडेशन - Hi, Hey, Hello का मर्म और बनारस के संबोधन - आप और तुम के प्रयोग - स्पर्श की असहजता, घुटने छूकर इम्पोर्टेंट बात बताने वाले लोग - खाली 'डियर' का इस्तेमाल क्यों न करें - महिलाओं के संबोधनों में आने वाले रिश्ते - संबोधनों में घुसे अंग्रेजी के शब्द जो अटपटे लगते हैं - और आखिर में तीन तालियों की चिट्ठियां प्रड्यूसर - कुमार केशव साउंड मिक्सिंग - नितिन रावत | |||
| संसद का ‘वर्ड वॉर’, श्रीलंका में ‘माचा माचा’ और अच्छे रेस्तराँ के गुण: तीन ताल, Ep 92 | 16 Jul 2022 | 01:51:03 | |
तीन ताल के 92वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: - श्रीलंका के राष्ट्रपति भवन में घुसे आम लोगों की तस्वीरों को देखकर ताऊ और बाबा को कैसा लगा - राजपक्षे को लेकर ताऊ और बाबा की तुकबंदी - ताऊ और बाबा के श्रीलंका भ्रमण के अनुभव, सबसे रोचक दृश्य और 'माचा-माचा' - संसद की कार्यवाही से निकाले गए शब्दों की नवैयत - ताऊ ने इसे टेक्स्ट नहीं कॉन्टेक्स्ट का मसला क्यों कहा - संसद के गिरगिट, गधे और क्लासिक ह्यूमर - जयचंद के साथ इतिहास में क्या बुरा हुआ है - संसद की कार्यवाही से कुछ शब्दों को निकालना कैसा षड्यंत्र है - मॉनसून सेशन को लेकर ताऊ का तंज़ और सरदार का अवधी खेल - गुजरात में फेक आईपीएल से ठगी करने वालों को क्यों इनाम मिलना चाहिए - ऑटो में 27 लोग को बिठाने की कहानी सच है या नहीं - पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सीट को लेकर संघर्ष और 'एडजस्ट कर रहे हैं' वाला जवाब - खाने के बढ़िया ठिकानों की पहचान कैसे करें - रेस्तराँ जाएं तो खाने से पहले इन चीज़ों पर ध्यान दें - ताऊ ने सुनाई कनॉट प्लेस के काके दा ढाबा की कहानी - खाकर हाथ धोने के बाद उंगलियों से पानी उड़ाने वालों को क्या सज़ा मिलनी चाहिए - कुल्ली करने वालों पर ताऊ की टिप्पणी और पका हुआ खाना क्यों नहीं खरीदते बाबा - बाबा को ऑनलाइन रेटिंग पर क्यों भरोसा नहीं है और फाइव स्टार होटलों में खाना बनाने की धमकी प्रड्यूसर - कुमार केशव साउंड मिक्सिंग - नितिन रावत | |||
| 91 के कीवर्ड्स, देसी सेल्समैन का हुनर और लंगूरों की दबंगई: तीन ताल, Ep 91 | 09 Jul 2022 | 02:01:26 | |
तीन ताल के 91वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: - 91 को देखकर बाबा को क्या याद आता है, 1991 में बाबा कहाँ थे - 91 के कीवर्ड्स, खाड़ी युद्ध की बातें और मिसाइलों को ब्रह्मास्त्र मानते लोग - 91 का उदारीकरण और इसका तिपहिया वाहन - उदारीकरण के बाद कैसे सरस्वती और लक्ष्मी साथ साथ चलने लगी - प्री-उदारीकरण के बंधन और अमेरिका को क्यों माना जाता था विलेन - राजीव गाँधी की हत्या के बाद सियासत में आने से क्यों कतरा रहा था गांधी परिवार - प्राइवेटाइजेशन को लेकर लोग असहज क्यों होते हैं और सरकारी नौकरियों की तरफ क्यों भागते हैं - सरकार को लेकर ताऊ की किस बात से असहमत हुए बाबा - पूंजीवाद और समाजवाद की ज़ंजीर और अमेरिकन इकोनॉमी मॉडल पर ताऊ और बाबा के विचार - मारकिन कपड़े का माहात्म्य और ताऊ का अमेरिका प्रेम - बाबा ने भारत को 'जमूरे मदारी में फंसा देश' क्यों बताया - रोचक सेल्समैन, आयोजनों के विदूषक और अखाड़े के टिटिहरी - बार्गेन का आर्ट, ह्यूमर और ख़ुशी ख़ुशी जाओ वाला भाव - मॉल कल्चर के सेल ऑफर में बार्गेनिंग का बदला स्वरूप - ताऊ ने क्यों कहा कि दूसरे को हँसाना मनुष्य का उद्देश्य है - 'प्रिंसेस ऑफ़ टिकारी' के साथ ताऊ का एक्सपेरिमेंट और मुस्कुरा के बेचे गए प्रॉमिस - सूंघ कर पता लगाने वाले सेल्समैन और चूड़ी बेचने वालों का ट्रैप - चांदनी चौक के दुकानों की कहानी, बाबा की ज़ुबानी - प्रेमिका की सलाह पर उसकी मांग भरकर पिटने वाले युवक की नादानी, ताऊ के मित्र के पकड़ौआ विवाह की कहानी और हरनौत के लोगों का पानी - संसद से बंदर भगाने के लिए लंगूर की आवाज़ निकालने वाले लोग और एक फिल्म रेकमेंडेशन - बंदरों को भांग वाली रोटी क्यों खिलाते थे ताऊ और उससे पैदा हुए हास्य - लंगूरों की दबंगई, एक बच्ची को उठा ले जाने वाले लंगूर की घटना और उसका ताऊ के ऊपर असर - और तीन तालियों की चिट्ठी और प्रतिक्रियाएं. प्रड्यूसर - शुभम तिवारी & कुमार केशव साउंड मिक्सिंग - नितिन रावत | |||
| उदयपुर घटना की जड़, ग़ायब होती डिटेलिंग और खुले में सोच के नुक़सान: तीन ताल, Ep 90 | 02 Jul 2022 | 01:53:28 | |
तीन ताल के 90वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: -असली तीन ताल क्यों 90वें एपिसोड के बाद खुलेगा? शिव सेना कहें या शिंदे सेना? ताऊ ने उद्धव ठाकरे और शिवसेना पर बाबा से उलट भविष्यवाणी की. -उदयपुर नृशंसता की जड़ कहां है? तथाकथित मूल्यों का लबादा ओढ़े समाज की सोच क्यों अब भी कबीलाई है? आदमी में सतत बदलाव और आदमी के बदलने के बीच का फ़र्क़. -दण्ड और मानवीयता का घालमेल. सर कलम करना 'इस्लाम' सिखाता है या नहीं? तथाकथित एडवांस्ड देशों की गंदगी. -इस्लाम को किस तरह के आत्मावलोकन की ज़रूरत. किस बात पर आख़िर पार्टिशन हो गया? नफ़रत का समाधान क्या है? ताऊ क्यों धर्म को एन्जॉय करते हैं? -क्या समाज डिटेलिंग विहीन हो रहा है? मिनिमलिस्ट होना क्या है. मिनिमलिस्ट होने की कीमत. मिनिमम का मैक्सिमम क्या होता है? -जीवन में कंट्रास्ट और यूनीकनेस की अनिवार्यता. गांव के घरों की डिजाइनिंग. क्या डिजाइन की मौत होने वाली है? -और आख़िर में तीन तालियों की चिट्ठी और प्रतिक्रियाएं. प्रड्यूसर - शुभम तिवारी & कुमार केशव साउंड मिक्सिंग - नितिन रावत | |||
| डेमोक्रेसी का ‘एकनाथ’, बहरों की दुनिया और दो मिनट वाली इमरजेंसी : तीन ताल, Ep 89 | 25 Jun 2022 | 02:04:08 | |
तीन ताल के 89वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: -आधारकार्ड से बेहतर क्यों है विक्टिमकार्ड? ताऊ ने क्यों 'लोकतंत्र' को लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं कहा. -उद्धव ठाकरे के कन्फ्यूजन की वजह. भारतीय लोकतंत्र में 'ठोकतंत्र' की शुरुआत कब से हुई? -ताऊ ने शेर, बकरे और भेड़ के सहारे महाराष्ट्र की एक कहानी सुनाई. क्यों राष्ट्रीय राजनीति में सिर्फ़ लालू यादव के पास बारगेनिंग पॉवर? -बहरेपन पर आई फ्रांस की एक स्टडी के बहाने भारतीय समाज के लाउडनेस पर बात. 'बहरा समाज' किसके लिए वरदान और किस के लिए अभिशाप? -बहरा और 'सुन बहरा' का फ़र्क़. बाबा को हेडफोन से क्यों चिढ़ और ताऊ की हेडफोन से दूरी बनाने की सलाह. -सुनने की शक्ति हासिल करने के टिप्स. ताऊ किसे बोलते थे कान साफ करवाओ? ऊंचा सुनने वालों पर हंसे या नहीं? -इमरजेंसी होता है या मर्जेन्सी? इमरजेंसी के लौकिक अर्थ पर बात. थोड़ी देर मतलब कितनी देर होता है? बाबा ने क्यों फेसबुक पर लिखने से मना किया. -और आख़िर में तीन तालियों की चिट्ठी और प्रतिक्रियाओं के बहाने मम्मी की कुटाई के किस्से. प्रड्यूसर - शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग - अमृत रज़ी. | |||
| कांग्रेस का ‘इलेक्टाइल डिसफ़ंक्शन’, प्रोटेस्ट के अलबेले किरदार और जवानी के झामफाड़ गाने: तीन ताल, Ep 88 | 18 Jun 2022 | 02:15:06 | |
तीन ताल के 88वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: - देश का राष्ट्रपति कैसा होना चाहिए, प्रेसिडेंट कुर्ता-पायजामा क्यों नहीं पहनते और कोई युवा भारत का राष्ट्रपति क्यों नहीं बनता? - बाबा बचपन में राष्ट्रपति मगर बड़े होकर राष्ट्रपति के चीफ़ शेफ क्यों बनना चाहते थे? - ताऊ ने ED का असली मतलब क्या बताया? -.पिछले एक हफ़्ते में हुए प्रोटेस्ट्स की दो सबसे मज़ेदार तस्वीरें कौन सी हैं? - बाबा ने कांग्रेस के प्रोटेस्ट को बिना पकी उड़द की दाल क्यों बताया. - राहुल गांधी कहां चूक गए और अपनी दादी से क्या सीख सकते थे. - बाबा ने 'अग्निवीर' प्रदर्शनकारियों से कौन सा गाना बजाकर नाचने को कहा. - ताऊ ने अग्निपथ स्कीम पर क्या कहा और इसकी टाइमिंग को ग़लत क्यों बताया. - बीजेपी के क्रिएटिव प्रोटेस्ट और कांग्रेस पीछे क्यों रह जाती है. - प्रोटेस्ट के प्रकार, किरदार और नारावीर. - प्रोटेस्ट में ताऊ के पिटने और फिर चायवाले की ताऊ के हाथों कुटाई की कहानी. - प्रोटेस्ट में जाने के इनसाइडर टिप्स और मुफ़ीद कपड़े. - बिज़ार ख़बर में प्रेमी की बेवफ़ाई पर चर्चा, साथ जीने-मरने पर ताऊ की टेक और यमुना पर मुक़दमें की मांग. - यौम-ए-मौसीक़ी पर मधुमय चर्चा, लड़कपन में ताऊ और बाबा के फ़ेवरेट गाने. - जवानी की दहलीज पर क़दम रखते सरदार कौन से गाने गाते थे. - रफ़ी की नक़ल करने वाले सिंगर्स ताऊ को पसंद क्यों. - मुन्ना अज़ीज़, शब्बीर कुमार और अनवर हुसैन के गानों पर चर्चा और गोविंदा की वो फ़िल्म जो ताऊ कभी भी देख सकते हैं -और आख़िर में तीन तालियों की चिट्ठियाँ. प्रड्यूसर - कुमार केशव साउंड मिक्सिंग - अमृत रेजी. | |||
| अरब का वितंडा, पुराने ज़माने की कुटाई और गर्मी की छुट्टियों के मतलब: तीन ताल, Ep 87 | 11 Jun 2022 | 02:30:47 | |
तीन ताल के 87वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: - सत्ता के गलियारे होते हैं या नहीं? - क्या अरब कंट्रीज़ कहीं का गुस्सा कहीं निकाल रहे हैं और नूपुर शर्मा की असल सज़ा क्या है . - धर्मनिरपेक्षता के लिए सहिष्णुता क्यों ज़रूरी है, अच्छे हिंदू और मुसलमान बनने से पहले अच्छा इंसान बनने पर ज़ोर क्यों हो. -.ताऊ ने मुसलमानों और हिंदुओं से क्या फ़ॉलो करने को कहा. - कबीर अभी होते तो क्यों कूटे जाते, ताऊ के हिसाब से देश के दो सबसे बड़े फ्रिंज कौन हैं और तीन ताल में फ्रिंज पर इतनी चर्चा क्यों हुई? - सरदार की फ्रिंज कॉमेडी, दुनिया की सबसे बड़ी प्रॉब्लम और गुजरात के जमण, भ्रमण और रमण के मतलब. - बाबा ने बुल्डोज़र को क्या हिंदी नाम दिया और 'भेड़िया आया, भेड़िया आया' से इसे क्यों जोड़ा? - ताऊ के यमराज शिक्षक, बचपन की कुटाई के क़िस्से और थप्पड़ का दुलार. - बच्चे की चमड़ी मोटी क्यों करनी चाहिए और बाबा के मार खाकर नौटंकी देखने की कहानी. - पड़ोसियों के लिए बाबा की विशेष संज्ञा और ताऊ का सिनेमा देखने का 'कुटाई-फ़्री' जुगाड़. - पुराने ज़माने की पिटाई, पीटने के शौक़ीन शर्मा जी और हैंडलूम-पावरलूम बच्चों का अंतर. - बाबा के 'आइंस्टीन' दोस्त और ताऊ के मास्टर साहब जो बच्चों की नाभि मरोड़ देते थे. - बच्ची के हाथ-पैर बांधकर धूप में छोड़ देने वाली मां के लिए ताऊ और बाबा ने क्या कहा? - बिज़ार ख़बर में बिहार में झपटमारी के स्टार्टअप पर चर्चा. - मच्छरों और चोरों में क्या समानता है और छिनतई पर बनी एक फिल्म जिसे ताऊ ने रिकमेंड किया. - छुट्टियों के प्रकार और किन छुट्टियों को बाबा छुट्टी नहीं मानते. - छुट्टियों के लिए बाबा की फ़ेवरेट जगह और ज़रूरी टिप्स. - समुद्र देखने कब जाएं और ताऊ को पहली बार समुद्र देखने पर क्या रियलाइज़ हुआ? - बाबा बनारस में क्या करने जाते हैं और ताऊ का कन्फेशन. - ताऊ ने देश भर के लोगों से क्या अपील की और बचपन की छुट्टी, बचपन की छुट्टी क्यों नहीं होती? - गर्मी की छुट्टियों के मतलब, सबसे बुरे कांटे और बाबा के कॉन्ट्रडिक्शन्स. -और आख़िर में तीन तालियों की चिट्ठियाँ. प्रड्यूसर - कुमार केशव साउंड मिक्सिंग - अमृत रेजी. | |||
| करेले की चतुराई, पंजाब का पास्ट-प्रजेंट और जनवासे के माइकल कोलिन्स: तीन ताल, Ep 86 | 04 Jun 2022 | 02:04:19 | |
तीन ताल के 86वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: -उपनिषद का कौन सा सूत्र ताऊ का फ़ेवरेट. साइकिल चलाने वाले पर्यावरण बचा पाएंगे? साइकिल से कहीं जाने और साइकिल चलाने के बीच का अंतर. -पर्यावरण बचाने का इकलौता तरीका ताऊ ने सुझाया. बाबा, बनारस और लकड़ी का किस्सा. -'कन्जयूमर क्रांति' के नुकसान. गरीबी और पर्यावरण का कनेक्शन. ताऊ ने क्यों जीवन को एक STD कहा जो घातक और लाइलाज है. -सिद्धू मूसेवाला के बहाने पंजाब के खाने, गाने और साणे लोगों पर बातचीत. पंजाब में कैसे पनपते हैं ‘सुक्खा’ सरीखे गैंगस्टर. -पंजाब की चित्त वृत्ति में 'उग्रता' कहां से आई. असली पंजाब को किसने ऑटो ट्यून कर दिया. ताऊ का कनेड्डा वाला किस्सा और लाहौर से जुदाई का आलम. -बिज़ार ख़बर में पश्चिम बंगाल से आए ताऊ के ‘पेट टॉपिक’ और ममता बनर्जी के मध्यप्रदेश वाले प्रयोग पर बात. स्वयं से शादी करने वाली लड़की की 'सनक'. -और आख़िर में तीन तालियों की चिट्ठियाँ और दो स्पेशल वॉइस नोट्स. प्रड्यूसर - शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग - अमृत रेज़ी. | |||
| अखिलेश के हाथ की ‘सैफई’, अनूठे लाइटर और बारातों की दारूबंदी: तीन ताल, EP 85 | 28 May 2022 | 01:49:10 | |
तीन ताल के 85वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: - इंटरनेशनल बुकर प्राइज विनर 'रेत समाधि' को हिंदी में क्यों पढ़ें? अनुवाद के मामले में भारत क्यों पिछड़ा हुआ देश है? - यूपी विधानसभा में अखिलेश की भाषा पर बात. योगी आदित्यनाथ के लिए उनका नया उद्बोधन और केशव प्रसाद मौर्य के लिए अपमानजनक बातें. बाबा ने क्यों कहा कि पिछड़ी जाति के नेताओं के बीच संवाद का सुख अगड़े उठा रहे होंगे? - ताऊ ने अखिलेश के यादवत्व की तुलना बाबा के ब्राह्मणत्व से क्यों की और व्यवहार से विप्र होने को बाबा ने कैसे जस्टिफाई किया? - आग से इंसान ने क्या सीखा, भाषा का विकास कैसे आग के अराउंड हुआ, आग को खोजने से ज़्यादा अहम आग को साधना क्यों है, जंगलों में आग क्यों लगाए गए और सबसे कुरूप आग कौन सी है? - बाबा ने इंसान को सबसे हल्की चमड़ी का जानवर क्यों कहा, ताऊ ने आग को नरक की चीज़ क्यों कहा और अलग अलग धर्मों में आग की क्या अहमियत है? - बाज़ क़िस्म के लाइटर्स और उन्हें इकठ्ठा करने का शौक. - आग पर शे'र-ओ-शायरी और एसिडिटी वाली कविता. - बिज़ार ख़बर में गुजरात की शादी का ज़िक्र. जहाँ शादी के बाद दुल्हन के बिना ही विदा हुआ दूल्हा. शादियों में महंगी गाड़ियों से बारात और विदाई की परंपरा और रासायनिक पदार्थों के सेवन से पैदा हुए बवाल. - क्या नाचने के लिए पीना ज़रूरी है? ताऊ की भाइयों के साथ जैमिंग का क़िस्सा और गुजरात का आज़ादी से समझौता. - और आख़िर में तीन तालियों की चिट्ठी और प्रतिक्रियाएं. प्रड्यूसर - कुमार केशव साउंड मिक्सिंग - अमृत रेजी | |||
| पंचायत का ‘विनोद’, चिकन सैंडविच बनाम ढोकला और पावरकट का मज़ा : तीन ताल, Ep 84 | 21 May 2022 | 01:54:38 | |
तीन ताल के 84वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: -84 एपिसोड की यात्रा में क्या मुक्त हुआ. ताऊ और सरदार की नज़र से पंचायत वेब सीरीज पहले सीजन से बढ़िया या ख़राब? ताऊ ने क्यों पंचायत के आठवें एपिसोड को अवॉइड करने सलाह दी. -हार्दिक पटेल के इस्तीफ़े के बहाने हाथ के बुरे दिनों पर बात. वो लीडरशिप कैसी है जिसका नाम नहीं लिया जाता. -चिकन सैंडविच की मैसेजिंग. बाबा ने कहां के सैंडविच को रद्दी कहा. जातियों के मजबूत होने से क्या हिन्दू मजबूत हो रहा है? -बात करते समय फ़ोन देखना क्या ठीक बात है? चिकन सैंडविच और ढोकले की लड़ाई में कौन मजबूत? -बिजली कटौती के बहाने बिजली आने और जाने के आनन्द पर बतरस. क्यों बिजली आना एक घटना थी? -ढिबरी जलाने के जतन और लैम्प-लालटेन का फ़र्क़. माचिस और चक्कू की अहमियत. पेट्रोमैक्स की यादें और टॉर्च के अलग-अलग प्रकार और प्रयोग. -बिज़ार ख़बर में सबसे गर्म और ठंडे शहर चुरू से आई अनोखी शादी की जानकारी. ज्यादा नाचने के नुकसान और क्यों फूफा होना कलंक बना दिया गया है? -और आख़िर में तीन तालियों की चिट्ठी और प्रतिक्रियाएं. प्रड्यूसर - कुमार केशव साउंड मिक्सिंग - अमृत रेजी | |||
| इंडियन रेलवे की ब्यूटी, कल्चर का कॉकटेल और रिश्वत की EMI : तीन ताल S2 Ep 56 | 15 Jun 2024 | 02:29:50 | |
तीन ताल सीज़न 2 के 56वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', कुलदीप सरदार और सुंदर मूंछों वाले नए मेहमान राहुल गौड़ के साथ के साथ सुनिए : -शुरुआत वीरेन डंगवाल की कविता से -आखिरी वक़्त में क्या खाक संघी होंगे -इलेक्शन का खेला सलून में सेकुलर चाहता हुआ आदमी -स्मृति ईरानी की हार के 99 कारण -तीन तालियों का डेडीकेशन, -मंत्रीमंडल विस्तार पर मीम सेना -राम दास अठावले की तुकबंदी -कौन बनेगा सभापति -रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव का इंफ्रास्ट्रक्चर -मराठी बोलता अवधी और कानपुर के कलाकार कुली -जोधपुर की विनम्रता और हरियाणा का ह्यूमर -हरियाणा रोडवेज का ग्रंथ -दिल्ली आकर लगने वाला कल्चरल शॉक -खीरे पर बाबाघनौश और रोटी के खुल जाने की कहानी -मुंबई का एवेरेजपन और बिहारी होने पर रिजेक्शन -मारने की मजबूरी, वो साला बिहारी : कविता -श्रम के सम्मान में कमी -अवध का अहंकार और हरियाणा का Swag -मुंबई का एवरेजPUN, 'हम गया हूं' से 'तेरे-को-मेरे-को' -भाषा की आवाजाही और भोजन का संतुलन -खाने में लेस एडवेंचरस इंडियन -आर्ट को मेकिंग फ्रेंड्स और मुस्कुराने की अदा -बनारस में भोजपूरी बोलने वाला बंगाली -SHO का पावर और पगार का अंतर -किश्तों में घूस लेने की कला बटर स्कॉच में उंगली -अंत में तीन तालियों की कमाल-धमाल चिट्ठियां. | |||
| ताज महल का हाइप, वीडियो बनाने की लत और रुपए का बुढ़ापा : तीन ताल, Ep 83 | 14 May 2022 | 01:23:16 | |
तीन ताल के 83वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: -जब बाबा को सरदार ने फोन चलाने पर टोका. अस्वस्थता के बावजूद 'ऐतिहासिक' एपिसोड में शामिल हुए बाबा और ताऊ. -शिशु अवतार में भारत की जनता. ताऊ ने क्यों किया भारतीय जनमानस के साहस का सम्मान. -बाबा ने क्यों ताजमहल को गिराने की वक़ालत की. औरंगजेब की जल्दबाजी और ज्ञानवापी पर 'साइनबोर्ड' का आइडिया. -रुपये और लोगों के गिरने में अंतर. ताऊ और बाबा ने कभी गिरा हुआ रुपया क्यों नहीं उठाया? गिरना क्यों आवश्यक है. क्या गिरना हमारे नियंत्रण में है? गिरने और फिसलने का फ़र्क़. -बिज़ार ख़बर में अंडरवियर में घूमते दीवान साहब की बात और उनसे सहानुभूति. क्यों मोबाइल कराएगा अगला पार्टिशन. -और आख़िर में तीन तालियों की चिट्ठियाँ. -पंडित शिव कुमार शर्मा के संगीत और संतूर पर बाबा और सरदार की बातचीत यहां सुनें. (22:47 मिनट से) https://podcasts.aajtak.in/news-current-affairs/din-bhar/why-government-want-sedition-law-discussion-in-parliament-1461261-2022-05-10 प्रड्यूसर - कुमार केशव साउंड मिक्सिंग - अमृत रजी | |||
| पार्टी ऐनिमल लीडरान, मई और मे के लफड़े और कटखने चूहे: तीन ताल, Ep 82 | 07 May 2022 | 01:12:36 | |
तीन ताल के 82वें एपिसोड में पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: -सरदार ने बाबा से ली हिंदी उधार. छोटा रिचार्ज वाला ‘तीन ताल’ जिसमें ताऊ बने श्रोता. -मई होता है या मे? मई दिवस की ठसक. मई के बादल को बाबा ने क्यों दयनीय कहा. - नेता भारत में पार्टी बना सकता है, पार्टी कर क्यों नहीं सकता? हिंदी पट्टी का पाखण्ड और स्टीरियोटाइपिंग. संघर्ष की लड़ाई कैसे लड़ी जानी चाहिए? -बिज़ार ख़बर में यूपी के मंत्री जी की चर्चा जिन्हें चूहे ने काट लिया. चूहों का मई कनेक्शन. क्या चूहे एंटी-नेशनल होते हैं? -चूहों की संग्रह की प्रवृत्ति. बाबा ने खुद को क्यों 'कुत्ता' कहा? चूहों और बन्दरों से कौन सी बात सीखने योग्य. और चूहों के चक्कर में कौन मारा गया. -और आख़िर में तीन तालियों की चिट्ठियों में शिशु मंदिरों के आख्यान. प्रड्यूसर - कुमार केशव साउंड मिक्सिंग - अमृत रज्जी | |||
| समोसे का त्रिकोण, भूलने के फ़ायदे और कांग्रेस की स्टोरीटेलिंग: तीन ताल, Ep 81 | 30 Apr 2022 | 01:59:04 | |
तीन ताल के 81वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: - प्रशांत किशोर और इलोन मस्क की चाहतों का अंतर. पीके की तपस्या में क्या कमी रह गई? - कॉंग्रेस के पास स्टोरी का अभाव या स्टोरीटेलिंग का? बाबा ने क्यों कॉंग्रेस को दूब कहा. -लॉजिक और इमोशन में कौन सर्वोपरि. क्या आम खाना हराम है? -भूलने और याद रखने के नफ़े-नुकसान. क्या भूलने और याद करने को नियोजित किया जा सकता है? -बाबा, ताऊ और सरदार कौन सी चीज़ अक़्सर भूल जाते हैं? ताऊ ने जब एक साधक को बीयर पिलाया. जब सरदार ने सुनी जीवन की पहली गाली. विभाजन को भूले या याद रखें? -बिज़ार ख़बर में उस रेस्तराँ की बात जहां समोसा टॉयलेट में बन रहा था. समोसे कहाँ के अच्छे? समोसा बांधने और खाने की कला. -ताऊ क्यों महीने में एक बार अनहाइजेनिक खाना खाते हैं? गोलगप्पे का मज़ा बाहर ही खाने में क्यों. पश्चिम की 'कैन' बीमारी. -‘वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे’ के बहाने कपड़े प्रेस करने के कुछ टिप्स. ताऊ को क्यों प्रेस का ज़िक्र सुन याद आएं अज़ीज़ मियां. -और आख़िर में तीन तालियों की चिट्ठियाँ और प्रतिक्रियाएं. प्रड्यूसर - शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग - अमृत रजी | |||
| जेसीबी की पॉलिटिक्स, कोहनी मारने का एक्सप्रेशन और जॉइंट फ़ैमिली के रायते : तीन ताल, Ep 80 | 23 Apr 2022 | 01:32:20 | |
तीन ताल के 80वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: -जेसीबी पर सवार शून्य को क्या दिखता होगा? बुलडोज़र पर बोरिस. ब्रिटेन के पीटर और पटेल. -पीले पंजे को नीले करने पर तुले पीके की बात. नव निर्माण और विध्वंस का कनेक्शन. -एकल बनाम संयुक्त परिवार. परिवार के सदस्यों से अच्छे सम्बन्ध बनाने के लिए दोनों में कौन सा ठीक? -जड़ों की तरफ लौटने की समस्याएं. संयुक्त परिवारों के प्रेम के पीछे की दारुण कथा. कोहनी मारने का एक्सप्रेशन. जॉइंट फैमिली क्यों बिना तानाशाही के नहीं चल सकती. -गांधी परिवार और संघ परिवार में कौन संयुक्त, कौन एकल. तीन तालियों का परिवार किस श्रेणी में आएगा. -बिज़ार ख़बर में आधार कार्ड पर 'मधु का पांचवा बच्चा' लिखने वाले दम्पति की बात. ताऊ को क्यों आधार से कोई शिकायत नहीं और बाबा की आधार से चिढ़. -और आख़िर में तीन तालियों की कुछ चिट्ठी और प्रतिक्रियाएं. प्रडयूसर - शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग - अमृत रेजी | |||
| आर्ट्स-साइंस का भेद, कटिया फँसाने की तकनीक और गोधरा के बाद का जुलूस: तीन ताल, Ep 79 | 16 Apr 2022 | 01:38:50 | |
तीन ताल के 79वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: -कोरोना को लगा 79 का चक्कर. कोई चीज़ 79, 89 और 99 की ही क्यों मिलती है? ताऊ ने क्यों कहा हमें चीन जैसी समृद्धि और राष्ट्रवाद नहीं चाहिए? -यूजीसी के एक आदेश के बहाने कला और आर्ट्स के बीच का सामंजस्य तलाशने की कोशिश. ताऊ ने क्यों पॉलिटिकल साइंस पढ़ा जबकि वो असल में हिस्ट्री पढ़ना चाहते थे? -ह्यूमैनिटीज़ के ग़ायब होने से नुकसान. पढ़ाई और नौकरी के बीच किस बात का रिश्ता. ताऊ ने क्यों आर्ट्स को महतारी और बाबा ने अरहर की दाल कहा. -क्या है विज्ञान और कौन हैं वैज्ञानिक? परसेंटेज पर टिकी शिक्षा व्यवस्था की खामी. -बिज़ार ख़बर में चार थानों की बिजली काटने वाले बिजली विभाग के कर्मचारी की तक़लीफ़. बिहार और यूपी के गांवों की कटिया की यादें. -जुलूस कहाँ से डिस्कोर्स में आया? जुलूस का चरित्र क्या है. गोधरा दंगा था या घटना? बैठे हुए आदमी और खड़े आदमी में अंतर क्या है. उत्सव और उन्माद के बीच कैसा रिश्ता. -और आख़िर में तीन तालियों के तनक़ीद भरे प्रेम पत्र. प्रडयूसर - कुमार केशव साउंड मिक्सिंग - कपिल देव सिंह. | |||
| इस summer में कौन तटस्थ, हलाल-हराम का फ़र्क़ और काफ़िर नींबू की खूबियाँ : तीन ताल, Ep 78 | 09 Apr 2022 | 02:22:56 | |
तीन ताल के 78वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: -AC की तैसी. आपराधिक किस्म की गर्मी में ताऊ को क्यों आयी रामधारी सिंह दिनकर की याद. दिल्ली की सरकार जो प्याज़ की भेंट चढ़ गयी. -नवरात्र में मीट की दुकान बंद कराने वाले मेयर को लानत. कैसे एक-एक इंच आज़ादी छीनी जा रही? मुर्दों की धरती कब मुर्गों की धरती हो जाएगी. हिंसा और अहिंसा के बीच का फ़र्क़. -हलाल क्या है और हराम क्या है? हलाल का उल्टा क्या झटका होता है. हलाल सर्टिफिकेशन के खेल की पड़ताल. नमक शब्द हराम से कैसे जुड़ गया. -हिंदी, हिन्दू, हिंदुस्तान के पोलिटिकल नारे का छिद्रान्वेषण. भाषा की राजनीति और राजनीति की भाषा पर बहस. पाकिस्तान के लोग हिंदुस्तान क्यों नहीं बोलते? -बिज़ार ख़बर में नीम्बू पर चर्चा. नीम्बू की दुकान पर जब पहुंचे सरदार. नीम्बू की महंगाई का कारण और नीम्बू की किस्में. नीम्बू की फ्रेशनेश पर लम्बी गुफ़्तगू. -और आख़िर में तीन तालियों की कुछ चिट्ठी और प्रतिक्रियाएं. प्रड्यूसर - कुमार केशव साउंड मिक्सिंग - सचिन द्विवेदी | |||
| स्माइल के पीछे छिपे कांड, शराब से जुड़ी नागरिकता और एड़ा बनकर पेड़ा खाने के फ़ायदे : तीन ताल, Ep 77 | 02 Apr 2022 | 02:05:21 | |
तीन ताल के 77वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: -77 का अंक-विन्यास. तीन ताल सुनने पहुंचे कांति, आभा, रौनक और स्माइल. -किस की स्माइल पसन्द थी ताऊ और बाबा को? सबसे भयानक मुस्कान किसकी. किसने छीन ली राम की मुस्कान और मृत्यु के बाद की मुस्कान. -विल स्मिथ ने थप्पड़ मारा या तमाचा. क्या कॉमेडी है क्या नहीं. कॉमेडी की सीमा भी है क्या कोई? ताऊ ने क्यों क्रिस रॉक को 'मर्द' कहा? -किस चीज़ का मज़ाक नहीं उड़ाना चाहिए? अच्छा श्रोता होना क्यों शिव होना है. कॉमेडियन को हंसना चाहिए या नहीं? -साड्डा जीवन उच्च बिज़ार में नीतीश कुमार के शराब पर दिये बयान की चर्चा. क्या शराब पीना महापाप है? भारतीय न होने की खुशी. -अप्रैल फूल पर ताऊ ने क्यों कहा अप्रैल चलता है? ताऊ और बाबा को क्यों नहीं कोई बनाता अब मूर्ख. ताऊ ने जब अपने मरने की सूचना ख़ुद दी. -मूर्खता अर्जित की जा सकती है या नहीं. मनुष्य क्या जन्म से मूर्ख होता है? लोकतांत्रिक मूर्खता. मूर्खों की दुनिया और दुनिया के मूर्ख. कॉस्ट्यूम ने किस तरह लोगों को बनाया मूर्ख? समझदारों से क्यों सतर्क रहने की ज़रूरत. -और आख़िर में तीन तालियों की चिट्ठी और प्रतिक्रियाएं. प्रड्यूसर - कुमार केशव साउंड मिक्सिंग - अमृत रेज़ी | |||
| मास्टर मुरली का ख़ुमार, गधों की घटती आबादी और इमरान ख़ान की प्रॉब्लम : तीन ताल, Ep 76 | 26 Mar 2022 | 02:11:25 | |
तीन ताल के 76वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: -मार्च और मच्छर का कनेक्शन. गुजरते मार्च की कुछ दुखदायी और सुखमय तस्वीरें. -स्कूली किताबों के ज़िक्र पर ताऊ और बाबा को किस बात का मलाल हुआ? LHS=RHS का असली मतलब. जब रोल नम्बर 1 ताऊ हुए फेल. -शहंशाह-ए-क़व्वाली, क़व्वाली के 'मास्टर' मुरली से मुलाकात. ताऊ, बाबा और सरदार की मास्टर मुरली से मुलाकात. -ताऊ की नज़र से क़व्वाली का अजीबोगरीब डेफिनिशन. क़व्वाली की तकरार शैली का जादू. साढ़े तीन क़व्वाल क्या है? -भारत में गधों की घटती संख्या के बहाने गधों के हक़ की बात. गधा और गदहे के बीच का फ़र्क़. -बाबा ने क्यों कहा गधे के बिना गधों का सर्वाइवल कैसे होगा? गधों की अद्भुत ट्रेनिंग. गधे क्यों नहीं हो सकते आदर्श? एसेसिनेशन और गधे का कनेक्शन. -पाकिस्तान की राजनीतिक अस्थिरता पर बात. इमरान खान के भूत, वर्तमान और भविष्य पर एक समझ. -इमरान खान के संबंध में इंतखाब, मुन्तख़ब और चुंतखब का फ़र्क़ क्या. पाकिस्तान में क्रिकेट और धर्म का रिश्ता. ताऊ ने क्यों पाकिस्तान को 'थोड़ा कंट्री' बताया. -भारत और पाकिस्तान के लोगों में समानता. आर्मी को पूजने के नुकसान. पाकिस्तान में आर्मी का रूल क्यों बेहतर? -और आख़िर में तीन तालियों के शिक़ायत और उलाहने से भरे प्रेम पत्र. पहली हस्तलिखित चिट्ठी. -मास्टर मुरली की कुछ भूली-बिसरी क़व्वालियाँ :- मंज़िल पे आ के हाय लुटा कारवाँ-ए-दिल https://youtu.be/deIz2KIJ-MI मेरे हक़ में क्या न होगा कभी https://youtu.be/QRclDSjSOug तुम्हरी ओर नयन दोउ हमरे https://youtu.be/ZMx6L9Brp00 मास्टर मुरली की फ़ारसी ग़ज़ल https://youtu.be/6OREB2-N-QU प्रड्यूसर ~ शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग ~ अमृत रेगी | |||
| पॉलिटिक्स का पालतू सिनेमा, सामान्य मानविकी के डर और राम सलाम की याद : तीन ताल, Ep 75 | 19 Mar 2022 | 01:43:38 | |
तीन ताल के 75वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: -तीन ताल का अमृत महोत्सव. होली से कितने दिन पहले होने लगती है होली. रँगभरी एकादशी और मणिकर्णिका घाट का महत्व. -हरिश्चन्द्र घाट को हाईकोर्ट और मणिकर्णिका को सुप्रीम कोर्ट क्यों कहा बाबा ने. ताऊ, बाबा और सरदार ने कहाँ मनाई होली. बनारस की होली का विस्तृत वर्णन. -‘द कश्मीर फाइल्स’ के बहाने सिनेमा और सियासत की हमजोली पर बात. कश्मीर फाइल्स का सबसे बड़ा झूठ क्या. राजनीतिक फ़िल्म बनाने का क्यों बाबा ने किया बचाव. -वामपंथ और दक्षिणपंथ के सिनेमा संकुलों का अंतर. ताऊ ने क्यों फ़िल्म नहीं समय के दोष को महत्वपूर्ण माना. -वर्ल्ड इस्लामोफोबिया डे के बहाने डर और फोबिया के अंतर पर बात. इस्लामोफोबिया से मुसलमानों को क्यों डरने की ज़रूरत? -इस्लामोफोबिया और मुस्लिमोफोबिया का फ़र्क़. इंटरनेट ने किस तरह धर्मों का किया बेड़ाग़र्क़. कैसे तय होते हैं अंतरराष्ट्रीय सम्बन्ध? -सामान्य मानविकी के डर. बाबा, ताऊ और सरदार को किस बात का डर. ताऊ को देश में किस बात का डर लगता है. ताऊ को 'ऊपर' क्यों अधिक मिलेगी इज़्ज़त? -और आख़िर में तीन तालियों की चिट्ठियाँ. रूस-यूक्रेन युद्ध में महाभारत के पात्रों की तलाश और गांव का सहज हास्य. -‘तीन तालिये’ व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें - https://chat.whatsapp.com/H1IH48xr8lg05OZTckVDv7 प्रड्यूसर ~ शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग ~ अमृत रेगी | |||
| कमंडल के भीतर मंडल, बुलडोज़र का संदेश और रंग का अर्थ विस्तार : तीन ताल, Ep 74 | 12 Mar 2022 | 01:43:22 | |
तीन ताल के 74वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: -तीन ताल में इस बार बाबा के साथ बाबा जी कौन आ गए. उत्तरप्रदेश क्या है? -उत्तरप्रदेश और पंजाब चुनाव नतीजों का हासिल. ताऊ ने क्यों कहा 'कमण्डल के अंदर मंडल घुस गया है.' नए ओबीसी, ईबीसी और 'महिला जात' की बात. -बीजेपी और अखिलेश के एमवाई का अंतर. मायावती की सियासत को ख़त्म समझा जाए? -राजनीति में रंग बदलने वाले मेंढकों, नेवलों का क्या हुआ. राजनीति में long term प्लानिंग होनी चाहिये या short term. -होली के बहाने रंगों पर बात. रंग शब्द का अर्थ विस्तार. रंगविहीन दुनिया की उदासी और रंगों की बाइनरी. शहर और गांव की होली का फ़र्क़. ताऊ, बाबा और सरदार के पसंदीदा कलर कॉम्बिनेशन. -और आख़िर में तीन तालियों की चिट्ठी और प्रतिक्रियाएं. -तीन ताल के पक्के वाले फैन ग्रुप में शामिल होने के लिए नीचे दिया यहाँ क्लिक करें https://chat.whatsapp.com/H1IH48xr8lg05OZTckVDv7 -बीते बरस की होली पर तीन ताल का एपिसोड यहाँ सुनें. https://podcasts.aajtak.in/comedy/teen-taal/why-removal-of-26-quran-verses-is-a-bad-idea-pros-and-cons-of-torn-jeans-unique-ways-of-celebrating-holi-1226640-2021-03-22 प्रड्यूसर ~ शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग ~ अमृत रेगी | |||
| टशन वाली जनता, मिक्स वेज सरकार और लोकसभा चुनाव पर सबसे मारक चर्चा : तीन ताल, S2 Ep55 | 08 Jun 2024 | 02:16:39 | |
तीन ताल सीजन 2 के 55वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', आसिफ़ 'खां चा' और कुलदीप 'सरदार' के साथ सुनिए : -लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों का संदेश -सुख की विपदा दुख का अवसर -जय श्री राम टू जय जगन्नाथ -चुनाव में राम और रावण की जीत -एकम सत्यम पर बहुदा इज़ नॉट बैड -अखिलेश यादव PDA कार्ड -डेमोक्रेसी के लिए बनराकस के साथ विनोद ज़रूरी है -नरेंद्र मोदी की 5 साल हैपनिंग रखने की आदत -बाईइज़्ज़त बरी इवीएम -दलितों का वोट साइकिल पर -जुमला vs जुमला -ताऊ की बीजेपी को सलाह -किशोरीलाल होने की कला -अहंकार को नमस्कार -स्मृति ईरानी की कहानी -सांसदों को विकास क्यों नहीं करना चाहिए -नीतीश बाबू फिर से पलटी मारेंगे -पश्चिम बंगाल में लोग कहां के है -बंगालियों की आदत -बीजेपी का जाट-प्रेम -मध्य प्रदेश के भिया लोगों का वोटिंग पैटर्न -इलेक्शन मीम -चुनाव की हैप्पी एन्डिंग | |||
| शानदार वॉर फ़िल्में, सिनेमा टाकीज़ के क़िस्से और लिंग दोष का फ़र्ज़ी नैरेटिव : तीन ताल, Ep 73 | 05 Mar 2022 | 02:13:30 | |
तीन ताल के 73वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: - ताऊ ने क्यों बाबा और सरदार को विजयी भवः का आशीर्वाद दिया. तीन ताल ने ताऊ को कैसे अनुशासित किया? तीन ताल में चौथा कौन है? - बाबा ने क्यों की रूस की तरफदारी. रूस-यूक्रेन युद्ध में ताऊ को क्या समझ नहीं आ रहा? -रूस की मजबूरी और यूक्रेन के सविनय अवज्ञा आंदोलन का विश्लेषण. यूरोप और पुतिन को किस ग़लती का है इंतज़ार. नेटो क्यों नहीं कुछ रचनात्मक कर पाया. -वर्ल्ड सिनेमा की कुछ बेहतरीन वॉर मूवीज़ और उनके दृश्यों पर बतरस. वॉर फिल्मों की निष्पक्षता, उनमें छिपे तत्वों का अवलोकन. -क्यों बाबा को किसी फ़िल्म पर यक़ीन नहीं? युद्ध को ग्लोरिफाई करने के नुकसान क्या हैं? ताऊ, बाबा और सरदार की कुछ पसंदीदा वॉर मूवीज. -बिज़ार ख़बर में सड़क हादसे में मरने के बावज़ूद गांव में चाय की चुस्की ले रहे फुलेश्वर की बात. देवरिया के ब्राह्मणों और चाय के सुकून पर चर्चा. -और आख़िर में तीन तालियों की चिट्ठियों और प्रतिक्रियाओं के बहाने 'लिंग' में छिपे दोष और सिनेमाघरों की कहानी. प्रड्यूसर ~ शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग ~ अमृत रेगी | |||
| रूसी दादागिरी का नतीजा, फ़रवरी का इकलौता फ़ायदा और श्रीवल्ली का चार्म : तीन ताल, Ep 72 | 26 Feb 2022 | 01:59:28 | |
तीन ताल के 72वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: -बाबा के कौन से नए राज़ उद्घाटित हुए. फ़रवरी का एकमात्र फ़ायदा क्या? क्यों बाबा को 28 का अंक पसंद. -रूस-यूक्रेन युद्ध पर विस्तार से बात. युद्ध को कैसे समझें? पुतिन किस धुन में. -दुनिया में कितने SHO होने चाहिए? रूस और अमेरिका की कोतवाली में अंतर. अमेरिका की दादागिरी का नुकसान कितना और किसे हुआ. -ताऊ ने क्यों पेट काटकर अपनी सुरक्षा करने की वक़ालत की. यूएन नाम की एक संस्था का नाम सुन क्यों ताऊ हंसने लगे. -रूस पर लग रहे सैंक्शन में कौन सा झोल. बाबा ने क्यों प्रोपेगैंडा को युद्ध का सबसे महत्वपूर्ण टूल बताया. -भारत ने रूस से क्या लिया और उसको क्या दिया? भारत के अमेरिका के 'गोद' में बैठने पर बाबा को क्यों याद आए 'गोबरा के चोथ'. इमरान खान को मास्को बुलाकर रूस ने क्यों किया यूक्रेन पर हमला. - क्या यूक्रेन रूस युद्ध तीसरा विश्व युद्ध को जन्म दे सकता है? ताऊ ने क्यों कहा कि दुनिया को पुतिन से उनकी हरकत की क़ीमत वसूलनी चाहिए. -सरकारी नौकरी की उत्कंठा में सर सुजाकर और बालों में क्लिप लगा ख़ुद को लम्बा दिखाने वाले अभ्यर्थियों की बात. ताऊ, बाबा और सरदार ने लम्बे, मोटे दिखने के लिए कौन से करतब किये. -और आख़िर में तीन तालियों की मज़ेदार और सारगर्भित चिट्ठियों के बहाने महाराष्ट्र के पोहे, यात्रा के आनन्द, पुष्पा और उसके फैन्स पर बतरस. प्रड्यूसर ~ शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग ~ अमृत रेगी | |||
| जय मटन राष्ट्र, तकिए की महक और मानस पाठ के अलबेले सम्पुट : तीन ताल, Ep 71 | 19 Feb 2022 | 01:47:46 | |
तीन ताल के 71वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: -सियासी गर्मी के बीच बाबा को याद आए कंटाप मारते सूर्य देवता. यूपी से कहाँ आगे निकल गया पंजाब. -बाबा नए शहर के नए होटल में जाते ही क्यों सबसे पहले तकिया सूंघते हैं? बाबा की दाल के चर्चे कहाँ तक? -महाराष्ट्रियन थाली में मिसल पाव, पूरन पोली और वड़ापाव के अलावा और क्या. क्या मोदक एक ओवररेटेड मिठाई है? -महाराष्ट्र के किन तीन परिवारों की थाली देख लार चुआते हैं बाबा. ताऊ को कब लगा महाराष्ट्र मतलब 'मटन राष्ट्र'? -कीर्तन करते प्रधानमंत्री किसे अपील कर रहे हैं? कैसे वे लूट लेते हैं हर महफ़िल. -कीर्तन और भजन के अर्थ और प्रकार. भजन, कीर्तन और रामचरित मानस पाठ की अलबेली दुनिया. -कीर्तन की महिलाओं के लिए उपयोगिता और मानस पाठ के अलबेले सम्पुट. - छंद गाते हुए बाबा और सरदार. तुलसीदास को गाने और बरतने में अंतर क्या है? गीताप्रेस की समाज में भूमिका. -और आख़िर में तीन तालियों की प्रतिक्रियाओं और चिट्ठियों के बहाने विज्ञापनों की महिमा और बाय के दर्द पर मंथन. प्रड्यूसर - शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग - सचिन द्विवेदी | |||
| हिजाब का हिसाब किताब, अलबेले बायोडेटा और शिशु मंदिरों का सच: तीन ताल Ep 70 | 12 Feb 2022 | 02:21:50 | |
तीन ताल के 70वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: -बाबा के जन्मदिन की तैयारियाँ. वैलेंटाइंस डे के कुछ दिनों पर बतकही. टेडी हमेशा भालू क्यों. पांडा का आलसपन. पंडे गोल क्यों? -हिजाब के मुक़ाबले में भगवे पटका निकालने की बीमारी पर बात. औरतों के परदे के रिलिजियस, पोलिटिकल और साइकोलॉजिकल पहलुओं पर बात. -ताऊ ने क्यों चाहते हैं कि अदालत का फ़ैसला लड़कियों के पक्ष में आए और फिर वे लड़कियों से कहें कि जीतने के बावजूद तुम्हारी लड़ाई ग़लत थी. -तीन मुस्लिम औरतें जिनकी खूबसूरती के बाबा मुरीद रहे. क्या धर्म को घर पर छोड़ बाहर निकला जा सकता है? -इमोजी को क्यों ताऊ देते हैं सम्मान. बाबा, ताऊ और सरदार इमोजी के साथ कितने सहज. क्या इमोजी, स्टीकर और GIF का इस्तेमाल करना बचपना है? -बिज़ार ख़बर में सीवी के बदले पीरियड ट्रैकर भेजने वाली महिला की तक़लीफ़. सीवी के फंडे और पचड़े पर बतरस. -ताऊ और बाबा को 'अटैचमेंट' से किस बात की तक़लीफ़. ताऊ क्या मज़ेदार बात अपने सीवी में लिखते थे. -और आख़िर में तीन तालियों की कुछ चिट्ठियाँ और प्रतिक्रियाओं के बहाने विद्या भारती विद्यालयों के अनुभव. प्रड्यूसर ~ शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग ~ अमृत रेगी | |||
| यूपी टाइप घाघ, तकिया बरतने का शऊर और बसंत का पीलापन: तीन ताल Ep 69 | 05 Feb 2022 | 01:35:19 | |
तीन ताल के 69वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: -बजट की व्याख्या सुन सरदार को याद आई एक ‘बौद्ध कथा’. बाबा आर्थिक प्रबंधन से क्यों डरते हैं? -25 तारीख़ के बाद बाबा को किस SMS का होता है इंतजार. ताऊ क्यों 'खुले हाथ' के समर्थक? -वित्तमंत्री की एक टिप्पणी के बहाने 'यूपी टाइप' की बानगी पर चर्चा. आधुनिक भारत के सर्वोत्तम दार्शनिक कौन. -'यूपी टाइप' किसने गढ़ा. यूपी-बिहार के घाघ लोगों में समानता क्या. यूपी में कौन सा बिहार है? -सरदार को हर नीरस चीज़ क्यों पतझड़ लगती थी? दिल्ली और गांव वालों के लिए बसन्त का अलग मतलब. ताऊ ने क्यों पतझड़ को खूबसूरत बताया. -बसन्त के रहन-सहन, खान-पान और बसन्ती हवा के मिज़ाज पर बतरस. बसन्त और पीले रंग का कनेक्शन. -बिज़ार ख़बर में पिलो फ़ाइट चैम्पियनशिप पर बात. तकिया बरतने का शऊर. क्या तकिया समृद्धि का सूचक? दुनिया के सबसे मूर्ख लोग कौन. -और आखिर में तीन तालियों की चिट्ठी और प्रतिक्रियाएं. प्रड्यूसर ~ शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग ~ अमृत रेगी | |||
| 'ड़' का भौंडापन, सरकारी नौकरी की सनक और लैटरीन के अर्थ अनेक : तीन ताल Ep 68 | 29 Jan 2022 | 01:56:31 | |
तीन ताल के 68वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: -'ड़' क्यों रहा हमेशा अछूता. किसने इसे बचाया. ताऊ को किन अक्षरों से चिढ़ और ताऊ की 'ड़' केंद्रित कविता. -बाबा कौन सी सीरीज देख रो रहे हैं इन दिनों. सरदार का कम एपिसोड वाले सीरीज से प्रेम की वजह और ताऊ की ओर से कुछ फिल्मों के सुझाव. -सरकारी नौकरी की मार्केट वैल्यू. सरकारी और प्राइवेट नौकरी में कौन सी बेहतर. सरकारी नौकरियों की विडम्बना क्या. ताऊ ने क्यों रोजगार और नौकरी को अलग बताया? -एफडी और सरकारी नौकरी का रिश्ता. ताऊ ने सरकारी नौकरी क्यों नहीं की? बाबा ने शोषण और हरामखोरी का फ़र्क़ समझाया. क्या सरकारी नौकरी वाले प्रेम नहीं करते? -बिज़ार ख़बर में फ्लश की तेज आवाज़ को मानवाधिकार उल्लंघन बताने वाली इटली की एक कोर्ट और उस पर बतकही. . -बाथरूम की फ्लश और पड़ोसी में ज्यादा बड़ी समस्या कौन? पैखाना और पाकिस्तान का फ़र्क़. हिंदुस्तान में कमोड सिस्टम कैसे हुआ फेल. ताऊ क्यों ओबामा से हाथ मिलाते तो कतराते? -और तीन तालियों की चिट्ठी और प्रतिक्रियाओं के बहाने हिंदी दर्शकों का 'द्रविड़' प्रेम. रुख़सार पर तिल का असल मतलब. प्रड्यूसर ~ शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग ~ अमृत रेगी | |||
| रेफ़रेंडम के नुक़सान, अच्छे केले की पहचान और रिपब्लिक की क़िस्में : तीन ताल Ep 67 | 22 Jan 2022 | 02:23:41 | |
तीन ताल के 67वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: -तीसरी लहर में कोविड की गिरफ़्त में सरदार. किस बाइसिकल की घंटी से बाबा को डरने की ज़रूरत. -आप दिन में कितना पैदल चलते हैं? ताऊ ट्रेडमिल पर दौड़ने के क्यों ख़िलाफ़. अनजान शहरों को देखने का तरीका. -बाबा को जब ताऊ में समाजवादी सौष्ठव दिखा. यूपी की सभी पार्टियों में छिपा 'पा'. - आम आदमी पार्टी की रेफरेंडम पॉलिटिक्स के मायने. जनमत संग्रह क्यों आरती संग्रह जैसा. - रेफ़रेंडम में कितनी डेमोक्रेसी और कितनी अराजकता. हिटलर, ब्रिटेन और स्विट्ज़रलैंड के अनुभव. - रिपब्लिक डे पर सरदार का सिंहावलोकन. 'गनतंत्र' बनाम गणतंत्र? ताऊ और बाबा ने गणतंत्र दिवस परेड और झांकियों को क्यों बेमानी बताया. - तीन ताल वालों को क्यों केला पसन्द. अच्छा केला कैसे चुने. केले की किस्मों का आनन्द. -बिज़ार ख़बर में लिवर पर हस्ताक्षर करने वाले डॉक्टर साहब से बाबा की सहानुभूति. ताऊ, बाबा और सरदार ने किससे ऑटोग्राफ लिया. -ताऊ ने क्यों भारत में हस्ताक्षर को एक समस्या बताया. सरदार का लोन डॉक्यूमेंट पर साइन करने का अनुभव. सिग्नेचर, हस्ताक्षर और दस्तख़त के सुंदर फ़ोनेटिक्स. -और आख़िर में तीन तालियों की चिट्ठी और प्रतिक्रियाएं. प्रड्यूसर ~ शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग ~ अमृत रेगी. | |||
| सुअर को सम्मान, इस्तीफ़ों की टेंपी हुई भाषा और पान थूकने का सही समय: तीन ताल Ep 66 | 15 Jan 2022 | 02:10:31 | |
तीन ताल के 66वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: -ताऊ का पहला 'मील का पत्थर' और बाबा को क्यों पसन्द है 66. ताऊ के अंग्रेज़ी और बाबा के हिन्दी सीखने वाले गेम्स. -चुनाव से पहले इस्तीफा क्यों ज़रूरी. इस्तीफ़ों की भाषा क्यों तयशुदा. शादी ब्याह और भोज की चिट्ठी-पत्री की भाषा. -इस्तीफ़े में छिपा 85 और 15 का खेल. कुर्सी पर बैठने का सर्टिफिकेट और यूपी में माननीय का मतलब. - अटल बिहारी वाजपेयी की लिखी दो ज़ोरदार राजनीतिक चिट्ठियाँ. -पान खाने का शऊर और थूकने की कला. कितना थूकें और कितना निगलें. मुंह में पान रखकर बोलने की कला. -सुअरों की सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक अनदेखी. इस पशु को उसका ड्यू सम्मान क्यों नहीं मिला? कैपिटलिस्ट सोसाइटी में सुअर का मतलब. सुअर और इंसान के दिल में कौन सा बेहतर. -बिज़ार ख़बर में लोन रिजेक्ट होने पर बैंक फूंक देने वाले वसीम भाई का किस्सा. -और आख़िर में तीन तालियों की चिट्ठियों के बहाने ईश्वर के मज़ाक उड़ाने के आरोप पर सफ़ाई. मज़ाक उड़ाने का असल मतलब. प्रड्यूसर ~ शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग ~ अमृत रेगी | |||
| कोरोना का ताऊ वेरिएंट, PM की सुरक्षा और ‘टू मच डेमोक्रेसी’ के साइड इफ़ेक्ट: तीन ताल Ep 65 | 08 Jan 2022 | 01:34:06 | |
तीन ताल के 65वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए -बाबा के बिना पहला तीन ताल. 'ताऊ' वेरिएंट कैसा होगा. ब्लैकबेरी का टशन किस तरह उसे लील गया. -प्रधानमंत्री की 'सुरक्षा चूक' के लिए सही शब्द क्या. काफिलों के भौकाल और उसकी ज़रूरत पर बात. -ताऊ कब काफ़िले में फंसे और क्या वीवीआईपी कल्चर और सुरक्षा एक टिपिकल थर्ड वर्ल्ड प्रॉब्लम है. भारत में किसी माननीय की सुरक्षा बढ़ना चिंता की बात क्यों. -अखिलेश यादव के सपने में कौन से 'कृष्ण' आ रहे हैं? सपनों की राजनीति और राजनीतिक सपनों की महत्ता. -प्रधानमंत्री के राजनीतिक सपनों की ख़ास बात. क्या सपने सीक्वल और सीज़न में भी आते हैं. -पाकिस्तान के पत्रकार हसन निसार की निरकुंशवादी व्यवस्था की मांग को ताऊ ने क्यों 'फ्रस्ट्रेशन' कहा. लोकतंत्र, तानाशाही और लोकतांत्रिक तानाशाही के बीच का फ़र्क़. -टू मच डेमोक्रेसी के साइड इफेक्ट क्या. क्या तानाशाही का अनिवार्य अंग है ख़ून खऱाबा? -बिज़ार ख़बर में जर्मन लड़की को फ्रेंच समझ उसकी भाषा सीखने वाले लड़के की दुविधा. ताऊ और सरदार कौन सी भाषा सीखना चाहते हैं. -और आख़िर में तीन तालियों की चिट्ठी और प्रतिक्रियाएं. प्रड्यूसर ~ शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग ~ अमृत रेगी | |||
| नए साल पर ज्ञान के मोती, पुरातन बिहार के क़िस्से और मैं बनाम हम: तीन ताल, Ep 64 | 01 Jan 2022 | 02:05:32 | |
तीन ताल के 64वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: -इस न्यू ईयर में कितना उत्साह. नए साल की शुरुआत ताऊ के words of wisdom के साथ. - जीवन में दर्शक कैसे बने रहें? ताऊ क्यों नहीं लेते राजनीति की खेमेबाज़ी में हिस्सा. जाति का उन्मूलन क्यों दूर की कौड़ी. -मरना हो तो ऐसे मरें. ज़लज़ले के समय क्या कर रहे होंगे ताऊ, बाबा और सरदार. -तेज प्रताप यादव के यूट्यूब चैनल के बहाने पुरातन बिहार के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक हालात के क़िस्से. - बिहारियों में IAS बनने की उत्कंठा का कारण क्या है. वर्णिम इतिहास से ‘बिहारी’ एक गाली तक का क्रम. - मध्यप्रदेश के बीजेपी सांसद 'जॉन जानी जनार्दन' के एक बयान के बहाने भ्रष्टाचार को लीगलाइज करने की मांग. ताऊ ने डेमोक्रेसी का आधार भ्रष्टाचार क्यों बताया. - प्रधानमंत्री की महँगी मेबाक कार के पक्ष में क्यों हैं ताऊ? - मैं और हम की शंका का समाधान क्या. मुझे, मुझको और मेरे को की समस्या. साथ ही, तुम से लेकर तू तकाड़ तक का समाज, शायरी और गीतों में इनके इस्तेमाल पर बतरस. - बिज़ार ख़बर में महिला इंजीनियर की समस्या जिनका दावा है कि उनकी टिफिन अदृश्य शक्ति खा जाती है. -और आख़िर में तीन तालियों की चिट्ठियाँ. इस बहाने अच्छे सिनेमा की निशानी और फीचर मोबाइल रखने वालों की तक़लीफ़. प्रड्यूसर ~ शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग ~ अमृत रेगी. | |||
| चार बांस-चौबीस का एग्जिट पोल, कबूतरबाज़ी का असली मतलब, गर्मियों में ट्रांस'फार्मर्स की मुश्किल : तीन ताल, S2 Ep54 | 01 Jun 2024 | 02:22:43 | |
-पंचायत की पंचायत के साथ इलेक्शन का सस्पेंस -2024 चुनाव को लेकर ताऊ का सटीक प्रीडिक्शन -अनंत अंबानी की शादी और 140 करोड़ लोगों का Patience -बायोलॉजिकल बात का लॉजिकल कारण -नमाज़ माफ़ कराने वाले बाबा -अरविंद केजरीवाल का शरीर बाहर और आत्मा अंदर -साइलेंट पीरियड में नरेंद्र मोदी का साइलेंट मेडीटेशन -देर है अंधेर नहीं टू ऊपर वाला सब देख रहा है -बिग बैंग में मारे गए गॉड और अनंत अंबानी का दीर्घकालिक विवाह -ट्रांसफार्मर नीड कूलर, कूलर नीड ट्रांसफार्मर -गॉड का इनजस्टिस और ब्लेम करने का जुगाड़ -एयर कूल्ड और नॉट एयर कूल्ड सिनेमाघर -जेई की धुनाई और बिजली ऑफिस पर तोड़फोड़ -संजइया इज़ बैक विद स्टेबलाइज़र -दिमाग की बढ़ती गर्मी और मादरी ज़बान में गाली देने का मज़ा -झगड़ा करने की अनिवार्यता और गलतफ़हमियों के झगड़े -खां चा का दुद्धी कांड और गुंडागर्दी की इच्छा -कबूतरबाज़ी का खेला और कबूतरों के शौक -ट्रांसफार्मर और फार्मर का मुश्किल दौर -कबूतर की बीट और बेस की समस्या -गर्मी में हथिया बरसे और चित्त मंडराए -ज़्यादा मोहब्बत तलाक का कारण -झाड़ में फेंका गए खां चा के सगे चा -व्याकरण को लेकर झगड़ने वाले विद्वान -ओसामा बिन लागर और अल'कायदे की बात -फेमस रेस्तरां को अवॉइड करने का तरीक़ा -टैलेंट की जांच-परख पर ताऊ-ज्ञान -तीन ताल सुनकर शैतान का वकील बनने की स्किल -राहुल गांधी का लखटकिया का वादा -अदानी की पीली गाड़ी और खां चा की लाल गाड़ी -तीन तालियों की चिट्ठियां -प्रड्यूसर: अतुल तिवारी -साउंड मिक्सिंग: सौरभ कुकरेती | |||
| शाप देता विपक्ष, गूगल दी गल्लां और नान खटाई के गुण : तीन ताल, Ep 63 | 25 Dec 2021 | 01:36:11 | |
तीन ताल के 63वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: -36 और 63 अंकों के बहाने ‘पीठ पीछे’ और ‘सम्मुख’ का फ़र्क़. सरदार को तुलसीदास, बाबा को सुंदरकांड और ताऊ को सियाराम चन्द्र की आई याद. -ताऊ ने क्यों किया हेट स्पीच का समर्थन. क्या देश में कानून का राज नहीं. बाबा का लकी नम्बर कौन सा. -शीतकालीन सत्र नियत वक़्त से पहले ही साइन डाई क्यों हो गया. सबसे उपयोगी फूल कौन सा. किसने सुना गुलाब को. -जया बच्चन के शाप पर ताऊ ने कौन सा गीत गाया. कौन शाप देता है और कौन शाप खाता है. -गाली, बददुआ और शाप में अन्तर. शाप की कथाएँ और असर. शाप की बुनियादी शर्त क्या. -शाप श्रेष्ठता बोध या कमजोरी की निशानी. ताऊ को धार्मिक कॉस्ट्यूम से आपत्ति क्यों. -गूगल सर्च में घर पर ऑक्सीजन बनाने का तरीका ढूँढते भारतीयों की दिक्कत. -बाबा और ताऊ क्यों और कब गूगल का इस्तेमाल करते हैं. क्या गूगल ने हम सबको 'सीकर' बना दिया. -गूगल ने क्या दिया और क्या छीन लिया. 'विकी डोनर' और 'विकी कौशल' में अंतर. -बाबा की क्रिसमस और बेकिंग की तैयारियाँ. बेकिंग के टिप्स. कहाँ की नान खटाई सबसे शानदार. क्रिसमस क्यों मनायें. -और आख़िर में तीन तालियों की कुछ चिट्ठियाँ और प्रतिक्रियाएँ. तीन तालियों के लिए विशेष भेंट- अल्ताफ़ राजा वाला कैलेंडर. प्रड्यूसर ~ शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग ~ अमृत रेगी | |||
| थार में मुरझाती टहनियाँ, अज़ीज़ मियाँ को कैसे सुनें और पेनकिलर के नए अर्थ : तीन ताल, Ep 62 | 18 Dec 2021 | 01:41:02 | |
तीन ताल के 62वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: - असली ठंड कैसी होगी. नैतिक और आधार का फ़र्क़. सबके पास आधार होने के बावजूद क्या नहीं. - अजय मिश्रा ‘टेनी’ का वायरल वीडियो. बंद कमरों में राजनीति की भाषा कैसी होती है? नेताओं के अभिनय की सीमा क्या है? - उत्तर प्रदेश में चाचा भतीजे की मुलाकात का सुंदर और बदसूरत पहलू. अखिलेश के ट्वीट को ताऊ,बाबा और सरदार ने किया डिकोड. - भारत में क़व्वाली किस तरह फूली फली. क़व्वाली के विश्वनाथ अज़ीज़ मियाँ पर बात. ‘गॉड ऑफ़ म्यूज़िक’ को सुनने का सही तरीक़ा. -बाबा ने अज़ीज़ मियाँ के श्रोता को क्यों चन्द्रमा जैसा कहा. अज़ीज़ मियाँ की सबसे बेहतरीन क़व्वालियों पर बात. संगीत के तीन साँचे जो दोबारा नहीं बने. -पेनकिलर का जस्टिफिकेशन. पेनकिलर कब खाएँ और कब नहीं. शरीर के सबसे दर्दनाक दर्द. पेनकिलर शायरी का आनन्द. -जब ताऊ ने खुद को और शरीर को अलग समझ लिया. क्या दवा और दारू एक है. दर्द का देसी इलाज़ और नेचुरल पेनकिलर्स. - दर्द क़ाबू करने का ताऊ का अनूठा तरीक़ा. - तीन तालियों की चिट्ठियाँ और प्रतिक्रियाएँ. होम्योपैथी और आम आदमी पार्टी में समानता और अंतर. प्रड्यूसर ~ शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग ~ अमृत रेगी | |||
| देश को जोड़ता सैनिक, बाँटती टोपियाँ और मिस कॉल वाले रिश्तेदार: तीन ताल, Ep 61 | 11 Dec 2021 | 01:22:52 | |
तीन ताल के 61वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: - तीन ताल क्यों वर्णन या विस्तार नहीं, घटना है. सरदार ने किया ‘ऑफ़-माइक तीन ताल’ का उद्घाटन. - ताऊ को सुबह-सुबह याद आए दुष्यंत, कचौरी और आलू चना. - सैनिक की ज़िंदगी ज़्यादा महत्वपूर्ण क्यों. कौन सा सूत्र दक्षिण और उत्तर भारत को जोड़ता है. - टोपी पर छिड़ा गीत युद्ध. भाजपा और सपा के संगीत चुनाव में फ़र्क़ क्या. - सपा के साथ 'क्रांतिकारी' शब्द जोड़ना तमगा है या आरोप? टोपी पहनाने का ट्रेंड कब से शुरू हुआ. - टोपियों का कल्चरल और पॉलिटिकल पहलू. क्या ह्यूमन सभ्यता का ‘हैडएक’ हैं टोपियाँ? बाबा की फेवरेट टोपियों की सूची और ताऊ ने क्यों किया टोपियों का बहिष्कार. - मोबाइल रिचार्ज की लोकतांत्रिक दुनिया. पहले और के अब के रिचार्ज में अंतर. कॉल से निकल कर कौल ओ क़रार की यात्रा. - बॉब बिस्वास क्यों देखना चाहिए. ताऊ किन दो चीज़ों को हमेशा गरियाते हैं. होम्योपैथी को ताऊ धर्म क्यों मानते हैं. - और तीन तालियों की चिट्ठियों के बहाने कुछ वेब सीरीज और फिल्मों पर बात. ताऊ ने क्यों कहा कि इस देश में जीना एक एडवेंचर है. - नरेंद्र मोदी की निर्भीकता पर बतरस. प्रड्यूसर ~ शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग ~ अमृत रेगी | |||
| 6 दिसंबर को कहाँ थे, हंगामे के फ़ायदे और जैकेट की परिभाषा : तीन ताल Ep 60 | 04 Dec 2021 | 01:39:42 | |
तीन ताल के 60वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: -एजेंडा आजतक में बाबा और ताऊ ने क्या खाया, क्या छोड़ा. 6 दिसम्बर 1992 को बाबा और ताऊ कहाँ थे. बाबरी विध्वंस पर एक कमेंट्री. -बिहार में शराब की खाली बोतल खोजते डीजीपी पर ताऊ ने किस शर्म की बात कही. -पराग अग्रवाल के ट्विटर सीईओ होने पर गर्व होना चाहिए या नहीं. बाबा ने कौन सी दो चीज़ों को फ्रॉड बताया. ताऊ ने कौन सा गाना गुनगुनाया. - जैकेट, कोट और ब्लेज़र में फ़र्क़. टेक कम्पनियों के CEO टीशर्ट क्यों पहनते हैं? -हंगामे की उपयोगिता. संसद में हँगामे का विश्वकर्मा कौन. क्या पहले संसद में हंगामा नहीं होता था. बाबा ने क्यों कहा संसद चलने के लिए नहीं होती. -ताऊ क्यों हँगामे के समर्थक हैं और मौजूदा हँगामे से वे क्यों दुःखी. संसद के किन पुराने लोगों को सुनना चाहिए. -संसद कार्यवाही के प्रसारण में आया बदलाव. ताऊ, बाबा और सरदार का मंतव्य कि उल्कापिंड कहाँ गिरना चाहिए. नासा पर सरदार को सूझा चुटकुला. -और आख़िर में तीन तालियों की चिट्ठियों के बहाने दिसम्बर के अम्बर, उर्दू सीखने के टिप्स और 'त्यागी' सांसदों की पेंशन पर बतरस. प्रड्यूसर ~ शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग ~ अमृत रेगी | |||
| नार्कोस का नरक, योगी का संकोच और रेलवे का रोग : तीन ताल Ep 59 | 27 Nov 2021 | 01:32:32 | |
तीन ताल के 59वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: -Preamble (प्रस्तावना) को बाबा ने क्यों संविधान की जाति कहा. ताऊ के जन्मदिन का सरप्राइज. -Narcos (नार्कोस) निपटाते वक़्त बाबा को क्यों याद आती रही 'पहली मोहब्बत'. नार्कोस का नरक से क्या लेना देना? -बाबा और ताऊ की नज़रों से मोदी-योगी की तस्वीर का मतलब. क्यों संकोच से भरे दिख रहे हैं योगी. -लहसन को अदरक कहने वाले पाकिस्तानी मंत्री फवाद चौधरी को ताऊ ने क्यों मवाद चौधरी कहा. सब्जियों और मसालों के नाम जिनको लेते हुए लटपटाई ताऊ, बाबा और सरदार की ज़बान -रेलवे के 'भारत गौरव प्लान' पर बाबा को कौन से राजा और हाथी की कहानी याद आई. ख़राब पब्लिक ट्रांसपोर्ट का रेलवे से कनेक्शन क्या है. -रेलवे के साथ क्या दिक्कत और रेलवे की वो झकझोर देने वाली तस्वीरें जिनकी झलक बाबा ने दिखलाई. -ताऊ ने देश में ट्रकों की भारी संख्या पर क्यों जताया ऐतराज़. -रेलवे को क्यों डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाने की ज़रूरत और ट्रेनों में फर्स्ट क्लास कोच का क्या काम, साथ ही पान के लिए ट्रेन चलाने वाले मंत्री जी का किस्सा -बिज़ार ख़बर में डीजे पर शोर वाला संगीत सुनने से 63 मुर्गियों की मौत के बहाने जानलेवा संगीत पर बात. -बाबा ने किस बात पर पर तानाशाही की हिमायत की. हाल-फिलहाल में शादी करने वालों से ताऊ ने क्या अनुरोध किया. -और आख़िर में तीन तालियों की कुछ चिट्ठियाँ और प्रतिक्रियाएँ. प्रोड्यूसर- शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग- अमृत रेगी | |||
| अपना अपना इंडिया, जम्हूरियत के जमूरे और टीवी के बीज : तीन ताल Ep 58 | 20 Nov 2021 | 01:42:07 | |
तीन ताल के 58वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: -जमूरा और जम्हूरियत में फ़र्क़. जाड़े में सरदार का जो सुख, वही ताऊ और बाबा का दुःख. -कृषि कानून वापस लिए जाने पर बाबा को याद आयी कौन सी कहानी. कौन से सवाल रहे अनबुझे जिन पर सोचने की ज़रूरत. -बाबा ने किसको भारतीय राजनीति का 'नास्त्रेदमस' बताया. और ताऊ क्यों कर रहे हैं बार-बार चुनाव कराने की वकालत. -वीर दास के एक्ट से निकली 'टू इंडिया' वाली बहस में किस बात से सहमति और किस से असहमति. पश्चिम को हमें और हमारा पश्चिम को देखने का संकट. -बाबा के हिसाब से कौन सा गुण प्रगतिशीलता की बुनियादी शर्त. भारत की किस जटिलता ने बनाया इसे सबसे खूबसूरत. -वैक्सीन के डबल डोज़ की शर्त पर शराब मुहैया करानेवाले विभाग ने कौन सी गलती कर डाली. अफसर बाबू की किस लाइन ने कर डाला ताऊ, बाबा और सरदार तीनों को मुग्ध. -वर्ल्ड टीवी डे के बहाने टीवी के नॉस्टेल्जिया, दूरदर्शन के कार्यक्रम और संगीत की यादें. ताऊ कौन से टीवी शो में आते थे और क्या करते थे. -टीवी की सोशल इंजीनियरिंग. टीवी क्या हो सकता था जो हो न सका. अब और तब के टीवी में अंतर. -आख़िर में तीन तालियों की प्रतिक्रियाओं और चिट्ठियों के बहाने बाबा - केजरीवाल की दोस्ती और दृष्टि का फ़र्क़. अमृतसरी कुलचे, लस्सी और मछली पर बतरस. प्रड्यूसर ~ शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग ~ अमृत रेगी | |||
| ठेकुआ की ठेकेदारी, कूल ब्रोज़ के पचड़े और गमछे के सदुपयोग : तीन ताल Ep 57 | 13 Nov 2021 | 01:52:33 | |
तीन ताल के 57वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: -बाबा को फोम से याद आये हरिओम. दिल की आग और यमुना की झाग पर बतरस. साथ ही, सत्तावन का शब्द और मर्म विन्यास. -छठ और ठेकुआ से बाबा और ताऊ के साक्षात्कार और इस पर्व के कुछ मार्मिक दृश्यों पर बात. -छठ में बाजार कहाँ और कब घुस गया? ताऊ ने क्यों छठ को सेक्युलर पर्व कहा. -1996 के बाद पैदा हुए बच्चों की नवईयत. क्यों बाबा ने उनकी भाषा को आईबी और एनआईए के सामने एक चुनौती बताया. इनके खान-पान, वस्त्रों के चुनाव में दिक्कत क्या. -आभाषी दुनिया में जी रही पीढ़ी अगर संवेदना लाना चाहे भी तो दिक्कत क्या होगी और जब बाबरी मस्ज़िद गिरी तो बाबा क्या कर रहे थे? -पहले और अब के इन्फॉर्मेशन में अंतर. एक्सेस और लर्निंग का फ़र्क़. ताऊ ने क्यों सांप्रदायिकता को पहले से कम बताया. -बुलेट के आकार, प्रकार और व्यवहार पर बात. बाबा ने क्यों कहा कि 'बुलेट की आवाज़ कान में नहीं दिल में महसूस होती थी'. बदलते वक़्त के साथ बुलेट में आये कुछ बदलाव. -बिज़ार ख़बर में नहाने के बाद तौलिया न मिलने पर गुस्साए पति के बहाने तौलिये और गमछी के विविध संस्मरण. शहरों और गाँवों में तौलिये का अजब-गजब इस्तेमाल. कब और कैसे माँगा जा सकता है किसी से तौलिया और क्यों तौलिया एक राष्ट्रीय समस्या. -और आख़िर में तीन तालियों की कुछ प्रतिक्रियाओं के बहाने चूरा, लाई और साई-फाई फिल्मों पर सुझाव. प्रड्यूसर ~ शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग ~ अमृत रेगी | |||
| 56 भोग का रायता, कंजूसों की मजबूरियाँ और मय्यत का ह्यूमर : तीन ताल Ep 56 | 06 Nov 2021 | 02:00:47 | |
तीन ताल के 56वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: -ताऊ को पॉल्यूशन देख क्यों मज़ा आ गया. बारूद और पेट्रोल की महक का आकर्षण. नशेड़ियों की राष्ट्रभक्ति. -56वें एपिसोड में सुनिये 56 भोग का महत्व और किन सवालों का जवाब है 'अब तक छप्पन'. -कंजूसी और कंजूसत्व पर बतरस. बाबा और ताऊ के खर्च करने का तरीका क्या है और सबसे बड़ी समस्या पैसे बचाने की है या कमाने की? -क्या हुआ जब बाबा कर घर एक चोर आया? कंजूसों की घर वापसी क्या सम्भव है? -बिज़ार ख़बर में मेडिकल ट्रीटमेंट के दौरान रोने पर एक्स्ट्रा चार्ज चुकाने वाली महिला के हक़ की बात. इसी बहाने हमारी ज़िन्दगी के एक्स्ट्रा चार्जेज पर बात -उस बस का किस्सा जिसका टिकट लोग खरीदते हैं सोने के लिए. नींद पर किस का बस है. ताऊ क्यों हुए गौतम 'गम्भीर' और आज के वक़्त में सोना मुहाल क्यों? -श्वान निद्रा की समस्याएँ और क्या कई हजार बरस बाद इंसानों की आँखें बड़ी होंगी? -मय्यत का ह्यूमर. अन्तिम संस्कार के दौरान बिना माँगी सलाह देने वाले रायचंदों के किस्से और कैसे हमारे यहाँ मौत के बाद हक़ीक़त को मटकी में भर के हरिद्वार भेज देते हैं -और आख़िर में न्योता वाले श्रोता में कुछ चिठ्ठियों के बहाने साइकिल से लाहौर जाने वाले हरकिशन सिंह सुरजीत की याद और पंजाब के असल संगीत पर बात. प्रड्यूसर ~ शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग ~ अमृत रेगी | |||
| स्टूपिड और बेवक़ूफ़ का फ़र्क़, दिवाली सफ़ाई के टिप्स और कम्युनिस्ट चोर का क़िस्सा : तीन ताल, Ep 55 | 30 Oct 2021 | 01:33:04 | |
तीन ताल के 55वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: -ठंड की आमद के साथ सरदार को क्यों याद आये बाबा अमीर खुसरो. स्टोव की पिन का मेटाफर और उसको इस्तेमाल करने की दक्षता. -फेसबुक के नाम बदलने के पीछे की मंशा. ये एक तैयारी या साज़िश? ताऊ ने क्यों कहा कि 'मेटा भाई' को अमेरिका का राष्ट्रपति होने की ज़रूरत नहीं, -क्या भकचोन्हर गाली है? ताऊ और बाबा ने बताया इसका असल मतलब. स्टुपिड और बेवक़ूफ़ में फ़र्क़ -लालू प्रसाद यादव का फोनेटिक जस्टिस और आँचलिक शब्दों का इस्तेमाल. क्या हो जब सम्मानजनक वाक्य में अचानक अपमान लाया जाए. -सफाई क्यों ज़रूरी है और उसका सही तरीका क्या. कैसे उत्तर भारत में सफाई 'प्रोसेस इज द पनिशमेंट' बन गया है. -ताऊ और बाबा को सफाई करते हुए यूँ ही क्या मिला. सफाई के दोरान बाबा को दिक्कत काय बात की और पेपरबैक किताब लें या सजिल्द? -सफाई के दौरान मिले ख़त-ओ-किताबत की बात. सरदार को जब स्वरचित वीर रस की कविताएँ मिलीं तो उनकी पत्नी ने क्या कहा. -चूने की पुताई की ख़ुशबू और उसे खाने का आनन्द और ताऊ ने क्यों दी कबाड़ को फेंकने की सलाह. -हमनामों से हमारा गुमनाम रिश्ता क्या है? ताऊ को क्यों एक वक़्त के बाद 'कमलेश' नाम से परेशानी होने लगी और बाबा का 'पाणिनि' प्रेम. -बिज़ार ख़बर में उस चोर के किस्से जिससे हिंदुस्तान के कई लीडर सीख सकते हैं. -और आख़िर में तीन तालियों की चिट्ठियाँ. इस पर बात कि क्या स्वार्थी हुए बिना सुखी रहा जा सकता है? प्रड्यूसर ~ शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग ~ अमृत रेगी | |||
| ब्यूटी पार्लर वाली पॉलिटिक्स, चुटपुटिया डॉक्टरों की बातें और सेल्फ़ी की मजबूरियाँ : तीन ताल, Ep 54 | 23 Oct 2021 | 01:27:52 | |
तीन ताल के 54वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: -लम्बे अरसे बाद तीन ताल की स्टूडियो में रिकॉर्डिंग. बाबा ने कहा खुद को प्रस्तोता और ये सुनकर ताऊ के उड़ गए तोते. -वैक्सीनेशन के 100 करोड़ आँकड़े पर तीन तालियों की राय और को ताऊ की बाहर निकलने वालों को सलाह. -प्रियंका गाँधी की बात आते ही बाबा को याद आता है कौन सा गाना? उनकी राजनीति में शामिल आनन्द और कौतूहल के दृश्यों के बीच छीपी बुनियादी समस्या पर बात. -जवानी के कम्युनिस्ट और बूढ़ापे के कम्युनिस्ट का फ़र्क़. -तस्वीर खींचने और खिंचवाने के मोह और सनक पर बात. सबकुछ तस्वीरों में दर्ज कर लेने की चाहत अच्छी या बुरी? -सेल्फी की साइकोलॉजी और समाजशास्त्र. ताऊ के साथ सेल्फी लेने के बाद जब एक अनजान आदमी ने उनसे उनका नाम पूछा तो ताऊ ने क्यों कहा डिलीट कर दे. -ताऊ, बाबा और सरदार किन लोगों के साथ और किन जगहों पर तस्वीरें खिंचाने के लिए मरते हैं. -बिज़ार ख़बर में पथरी का इलाज कराने आये मरीज़ की किडनी निकाल लेने वाले डॉक्टर का नाम सुन कर ताऊ को क्यों हनुमान याद आए और बाबा ने खुद को क्यों चुटपुटिया डॉक्टर कहा. -समय और काल के किसी और छोर पर ताऊ, बाबा और सरदार होंगे तो किस वाहन से आयेंगे. सुनिए नेवता वाले श्रोता में मज़ेदार कल्पना और सबसे आख़िर में इनार झाँकने से लेकर कुँए में भांग घोलने का अर्थ. प्रड्यूसर ~ शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग ~ कपिल देव सिंह | |||
| बुआओं की दादीगीरी, सलोनी गौड़ का सीक्रेट सॉस और डबल LOL पीपल: तीन ताल, S2 Ep53 | 25 May 2024 | 02:17:55 | |
तीन ताल सीज़न 2 के 53वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', सलोनी गौड़ और कुलदीप 'सरदार' के साथ सुनिए: -बुलंदशहर के मंगौड़े -ज़बान फिसलने पर कवरअप और उपवास का उप -सलोनी की गुलाब भाटी और फेवरेट एक्ट्रेस -दुनिया में कितना धन है, ताऊ का धन कितना कम है -चाहत फतेह अली खान की 'बद्दो बद्दी' -लेवल सबके निकलेंगे, निकलेंगे किसके? -कान्स की दुकान का रेड कार्पेट -मीम की खान सूर्यवंशम, अमिताभ की घिनौनी उल्टी -फ़ेयरवेल की तोड़फोड़ और डबल LOL दादी के टॉन्ट -घरेलू महिलाओं के ह्यूमर, गारी गाने की क्रियेटिविटी -डोनट जोक्स और एबनॉर्मल का नॉर्मल -सुबह शाम एन्जॉय लेने वाले केसर काका -बुआओं का प्रोटोकॉल और झुमका चोरी का इल्जाम -'पलिवार' के लिए इत्ता करने वाली बुआ! -खुद के नाम में शहर जोड़ने वाला बुलंदशहर -यस नाही वस, वस नाही यस -आंटी आ गई टू अमौसा के मेला -कहानी सुनाने वालों की कला -जुड़वा होने का आश्चर्य, पहचाने की ट्रिक -बेरोजगारों को ताऊ-ज्ञान -दादी का डोनट और अंत में चिट्ठियां प्रड्यूसर: अतुल तिवारी साउंड मिक्सिंग: सौरभ कुकरेती | |||
| माफ़ीनामे के उपयोग, संडे का मज़ा कैसे लें और बॉस को क्या न बताएँ : तीन ताल, Ep 53 | 16 Oct 2021 | 01:55:47 | |
तीन ताल के 53वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: -भारतीयों की 'हाय' कहने की बीमारी. पत्रकारिता का अपशकुन क्या है और ताऊ क्यों अन्दर-बाहर का रावण नहीं जलाते? -क्यों गति शक्ति योजना पर बाबा की रहेगी नज़र और ताऊ क्यों आर्यन ख़ान ड्रग्स केस के ट्रायल से 'पगला' गए हैं? -क्यों इतिहास से नफ़रत करने में कोई बुराई नहीं है? 'वीर' सावरकर के माफ़ी माँगने में दिक्कत है या नहीं, इस पर ताऊ और बाबा की एक नज़र. किस से माफ़ी मांगे और किस से नहीं और माध्यम क्या हो माफ़ी माँगने का? -बिज़ार ख़बर में रविवार की छुट्टी माँग कर अहंकार का नाश करने वाले मध्यप्रदेशी इंजीनियर से बाबा और ताऊ के सवाल. सन्डे को क्यों कुछ न करें बल्कि सब कुछ यूँ ही होने दें. -बॉस कौन होता है? ताऊ को भोले बाबा और अली क्यों बॉस लगते हैं? ताऊ ने क्यों कहा नहीं जानना हर आदमी का अधिकार होना चाहिए. -बॉस से छुट्टी माँगने का सही तरीका क्या हो. बॉस से क्या कहें और क्या न कहें और बॉस किसी के बारे में राय कैसे बनाते हैं? -और न्योता वाले श्रोता में बिहार, गुजरात, हरियाणा और चंडीगढ़ से आयीं ऑडियो चिट्ठियाँ और उन पर बाबा, ताऊ और सरदार की प्रतिक्रिया. प्रड्यूसर ~ शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग ~ अमृत रेगी | |||
| ज़बरदस्ती का जस्टिस, मधुर हॉर्न की समस्याएँ और आलू कचालू का घमासान : तीन ताल, Ep 52 | 09 Oct 2021 | 01:48:39 | |
तीन ताल के 52वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: -निक़ाह और विवाह में छिपी आह और मैरेज के रेज पर ताऊ की राय. बाबा ने क्यों कहा कि अब नवरात्र में वो उत्साह कहाँ. -कोई त्योहार हर साल कुछ दिन आगे-पीछे क्यों हो जाता है? और क्या हो अगर होली नवम्बर में पड़े. -बाबा को लखीमपुर खीरी की कौन सी दो मिठाईयाँ याद आयीं? दो ध्रुवों में बंट चुके समाज के बीच में ताऊ को वहाँ क्या नज़र आता है और और सरदार ने किस बात पर कहा कि 'हमारा लड़का है ये इम्पोर्टेन्ट है'. -इस्तीफा देने की नैतिकता को किसकी नज़र लग गयी? लोग बदला न लें तो क्या करें? -हॉर्न अगर मधुर हो जाए तो क्या सबकुछ गड्डमड्ड हो जाएगा? ताऊ और बाबा के हॉर्न के साथ अनुभव और ताऊ क्यों कई बार बिना हॉर्न बजाए भी लम्बी यात्रा कर लेते हैं? भारत के लोगों को हॉर्न बजाने की आदत किस गाड़ी की वजह से पड़ी. -अलार्म जिसे लगाता है एक आदमी और जिसे सुन के दौड़ता है दूसरा आदमी. ताऊ का स्नूज़ अलार्म और बाबा का बॉडी क्लॉक. किस तरह अलार्म ने सरदार के कुछ पसन्दीदा गाने उनसे छीन लिए. -न्योता वाले श्रोता में एक चिट्ठी जिसे तीन लोगों ने मिलकर लिखा है और उनके ताऊ, बाबा और सरदार से सवाल-जवाब. मसलन, आसमान में क्या निहारते थे बचपन में. बाबा फ़ैज़ की किस पंक्ति पर घण्टो व्यख्यान दे सकते हैं और आलू-कचालू पर घमासान. -देहाती खेलों के किस्से - https://podcasts.aajtak.in/comedy/teen-taal/politics-over-bengal-election-and-zomato-delivery-boy-case-1222847-2021-03-15 प्रड्यूसर ~ शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग ~ सचिन द्विवेदी | |||
| कन्हैया बनने के टिप्स, सिक्कों के क़िस्से और अक्टूबर का कनफ़्यूजन : तीन ताल, Ep 51 | 02 Oct 2021 | 02:00:51 | |
तीन ताल के 51वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए: - तीन ताल के श्रवण जयंती एपिसोड के बाद सरदार हुए भावुक. बिटिया के ब्याह के बाद की उदासी. - ठोको ताली वाले सरदार और तीन ताल के सरदार के बीच का फ़र्क़. क्यों अक्टूबर को कमबख्त कहने का मन नहीं करता और अक्टूबर आठवां महीना है या दसवाँ. - गाँधी के आदर्शवाद की समस्याएँ. ताऊ ने गाँधी को क्यों 'देवता' कहा और सरदार ने क्यों ‘जंक्शन’ कहा? - इंटरनेशनल पॉडकास्ट डे के बहाने ताऊ, बाबा और सरदार की पॉडकास्ट यात्रा और कुछ पॉडकास्ट के सुझाव. साथ ही नेताओं को डांस करना चाहिए या नहीं, इस पर ताऊ और बाबा में गहरी असहमति. - सुबह जेएनयू, शाम को कांग्रेस. वामपंथियों की आख़िरी शरणस्थली कांग्रेस क्यों है? - ताऊ ने क्यों कहा कि राहुल गांधी वामपंथी विचारक जैसे नज़र आते हैं? -प्रेम विवाह का निपटारा सिक्का उछालकर करने वाली पंचायत से ताऊ की सहमति. सिक्कों की यादें,आकर्षण और खनखनाहट. -ताऊ का फ़लसफ़ा, क्यों सिक्का उछालकर जीवन के फ़ैसले लेना सबसे बेहतर. गुल्लक से सिक्का निकालने का सही तरीका क्या? सबसे खूबसूरत सिक्के कहाँ के. -बिज़ार ख़बर में सेब सा दिखने और केलों सा ज़ायक़ा देने वाले आमों पर बात. राजनीति के पके और अनपके आम. सरदार को आई देरिदा की याद और ताऊ की कविता - आम आदमी है या आदमी ही आम है. -न्योता वाले श्रोता में गुमला से लेकर अमरीका तक की चिट्ठी. उस श्रोता को प्यार जिन्होंने दिया तीन ताल को ‘हेराफेरी’ का नाम. भय का निदान और बिड़ला होस्टल की याद. प्रड्यूसर: शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग: सचिन द्विवेदी | |||
© My Podcast Data