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Explore every episode of the podcast Padhaku Nitin - World Affairs Podcast

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TitlePub. DateDuration
पहले BRICS फिर Trump से मुलाकात, President Jinping के दिमाग में क्या पक रहा है? | BRICS 2026 Explained : Padhaku Nitin World Affairs22 Sep 202601:07:34
Diplomacy में Chronology की भूमिका बहुत बड़ी होती है। जब कोई राष्ट्राध्यक्ष किसी देश का दौरा करता है, तो दुनिया सिर्फ ये नहीं देखती कि वह वहां क्या कह रहा है—बल्कि ये भी देखती है कि वो कहां से आया है और अगला पड़ाव क्या है। कई बार यही chronology किसी देश की priorities और उसकी balancing strategy का संकेत देती है।

12-13 सितंबर को चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping नई दिल्ली पहुंचे। मौका था BRICS Summit का। PM Modi के साथ उनकी handshake की तस्वीरें वायरल हुईं, सोशल मीडिया पर India-China “bromance” की चर्चा हुई और International Media में भी ये सवाल उठा कि क्या BRICS में दिखती ये नज़दीकी Donald Trump के लिए चिंता की वजह बन रही है?

BRICS Summit खत्म हो चुका है। लेकिन अब कहानी का अगला chapter और भी दिलचस्प है—Xi Jinping Washington DC जा रहे हैं, Donald Trump से मुलाकात करने।

तो क्या Delhi के बाद Washington जाना महज़ एक coincidence है?
या फिर Diplomacy की इस chronology में कोई बड़ा message छिपा है?

इस एपिसोड में हम इसी पूरी कहानी को Dissect करेंगे। समझेंगे—

🇨🇳 China BRICS से क्या चाहता है?
🇺🇸 China और America एक-दूसरे से क्या चाहते हैं?
🇮🇳 India-China relationship में इस पूरी chronology का क्या मतलब है?
🌏 क्या China BRICS को America के counterweight के तौर पर देखता है?
🤝 Modi-Xi की बढ़ती engagement के पीछे क्या strategic calculation है?
♟️ और सबसे बड़ा सवाल—China आखिर अपना global game कैसे खेल रहा है?

इन सभी सवालों पर विस्तार से बातचीत करेंगे O.P. Jindal Global University में International Affairs पढ़ाने वाले Mohsin Raza Khan के साथ।
Japan फिर बना सकता है Atom Bomb? | The Story of Modern Japan | Padhaku Nitin Modern Empires15 Sep 202601:22:20
Padhaku Nitin World Affairs की Modern Empires Series के पिछले एपिसोड में हमने जाना कि कैसे जापान ने युद्ध के बाद खुद को एक आर्थिक और तकनीकी महाशक्ति में बदल दिया. लेकिन Modern Japan की कहानी सिर्फ Economic Miracle तक सीमित नहीं है.

इस एपिसोड में बात होगी उस जापान की, जहां Economic Reform, बदलती राजनीति, Religious Cult, 2011 की Tsunami, Nuclear Policy और तेजी से बढ़ती उम्रदराज आबादी ने देश के सामने नई चुनौतियां खड़ी कीं. जापान ने आर्थिक संकट से निकलने के लिए कौन से बड़े reforms किए? वे कौन से PM थे, जिन्होंने जापान की दिशा बदलने की कोशिश की? और Olympics ने जापान की global image को कैसे बदला?

साथ ही, Religious Cult से Nuclear हथियारों तक की कहानी क्या है? 1995 का Aum Shinrikyo हमला जापान के लिए बड़ा turning point क्यों बना? 2011 के Earthquake और Tsunami ने जापान की राजनीति और समाज को कैसे बदला? Fukushima Nuclear Disaster के बाद Japan की Nuclear Policy में क्या बदलाव आए?

आज जापान की घटती आबादी और लाखों खाली पड़े घर (Akiya) नई चुनौती बन चुके हैं. तो क्या Japan के Economic Model को अब बदलने की जरूरत है? घटती Population, Aging Society और बदलती Work Culture जापान के भविष्य को कैसे प्रभावित कर रहे हैं?
क्या जापान फिर से Nuclear हथियारों की ओर बढ़ रहा है? और क्या Modern Japan एक नए strategic और economic बदलाव के दौर में है?

इन तमाम सवालों के जवाब और Modern Japan की बदलती कहानी समझेंगे JNU में Japanese Studies की Prof. Srabani Roy Chaudhury के साथ.



Credit:
Producer: Manoj Rajpurohit
Host: Nitin Thakur
Sound: Rohan Bharti
Nuclear Bomb से राख हुआ Japan कैसे बना Modern Empire? : Padhaku Nitin World Affairs Modern Japan09 Sep 202601:02:47
पढ़ाकू नितिन World Affairs की Modern Empires Series में आपका स्वागत है!

आप इस सीरीज़ को जो प्यार दे रहे हैं, उसके लिए बहुत-बहुत शुक्रिया।

पिछले एपिसोड में हमने बात की थी Imperial Japan की—कैसे एक ऐसा देश, जिसके नक्शे पर कभी मुख्यतः एशिया के हिस्से दिखाई देते थे, एक बड़ी साम्राज्यवादी ताकत बनकर उभरा और दोनों विश्व युद्धों में शामिल हुआ।

फिर आया 1945।

दूसरा विश्व युद्ध खत्म हुआ। जापान तबाह था। शहर जल चुके थे, अर्थव्यवस्था गर्त में थी, सरकार कमजोर थी और लोग पूरी तरह टूट चुके थे। हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराए गए।

आज, 81 साल बाद, वही जापान दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और Technology, Industry और Innovation का एक global example माना जाता है।

लेकिन सवाल है—ये चमत्कार हुआ कैसे?

एक तबाह देश ने इतनी तेज़ी से खुद को कैसे बदला?
Japan की post-war reconstruction की कहानी क्या थी?
America और Japan के रिश्ते कैसे बदले?
Japanese economic miracle के पीछे कौन-सी policies और institutions थे?
और कैसे Japan ने युद्ध के बाद खुद को एक global economic powerhouse में बदल दिया?

इन तमाम सवालों के जवाब समझेंगे Prof. Srabani Roy Chaudhury के साथ। वह JNU में Japanese Studies पढ़ाती हैं और Japan की कई Universities में Visiting Professor के तौर पर भी काम कर चुकी हैं।

Credit:
Producer: Manav Dev Rawat
Host: Nitin Thakur
Sound: Suraj Singh
Samurais की असलियत, China Russia से जंग और Imperial Japan के Superpower बनने की पूरी कहानी!01 Sep 202601:42:05
Padhaku Nitin World Affairs की Modern Empires Series का ये है पांचवां एपिसोड — और इस बार कहानी है Japan की! 🇯🇵

सोवियत संघ, रूस और अमेरिका के बाद, आपकी राय को सिर-आंखों पर रखते हुए हम लौटे हैं उस जापान की कहानी के साथ, जिसे आज की दुनिया पहचानती ही नहीं।

ये कहानी है जापान के जन्म से लेकर 1945 तक के सफर की।

एक ऐसा जापान जिसने समुरायों का दौर देखा, शोगुनों का शासन देखा, सदियों तक दुनिया से लगभग कटकर रहा, और फिर जब दुनिया के लिए अपने दरवाज़े खोले… तो सीखने की ऐसी होड़ लगाई कि कुछ ही दशकों में खुद को एक बड़ी महाशक्ति में बदल दिया।

वो जापान जिसने कोरिया पर कब्ज़ा किया, चीन को चुनौती दी, रूस को युद्ध में हराया, सोवियत संघ से टक्कर ली और दोनों विश्व युद्धों में अपनी भूमिका निभाई।

लेकिन सवाल ये है कि—

एक बंद और अलग-थलग द्वीपीय देश आखिर इतनी तेज़ी से Imperial Power कैसे बन गया?

समुरायों से लेकर Emperor तक, Meiji Restoration से Imperial Japan तक, और फिर 1945 की तबाही तक — इस एपिसोड में समझिए जापान के उस सफर को जिसने पूरे East Asia और दुनिया की राजनीति को बदल दिया।
World War 2 ना होता तो America Superpower ना होता? Padhaku Nitin World Affairs25 Aug 202601:47:49
Modern Empire Series के पिछले एपिसोड में हमने उस अमेरिका की बात की जो
खुद गुलामी की बेड़ियों के निकला.. दुनिया की सबसे शुरूआती Modern Democracy बना.. Civil War लड़े और लड़ते लड़ते पहुंचा World War तक. लेकिन 1945 के बाद का अमेरिका एक अलग अमेरिका है. इसलिए एक अलग एपिसोड. एक अलग गेस्ट. Prof. Chintamani Mahapatra. alinga Institute of Indo-Pacific Studies के संस्थापक और चेयरमैन हैं. JNU के School of International Studies में 23 सालों तक प्रोफेसर रहे. अमेरिकन स्टडीज़ पढ़ाते हैं. अमेरिका की Truman, Eisenhower, Kennedy और Johnson Presidential Libraries समेत US National Archives और British archives में शोध किया है. अमेरिका के उपर कई किताबें लिख चुके है और 70 से भी ज्यादा रिसर्च आर्टिकल लिख चुके हैं.

Credits:
Producer: Manav Dev Rawat
Host: Nitin Thakur
Sound: Suraj Singh
KGB Agent से लेकर President: Putin ने कैसे पार लगाई Russia की नैय्या? Modern Empires #2 Padhaku Nitin11 Aug 202601:15:42
ये Padhaku Nitin World Affairs की Modern Empires सीरीज़ है. इस सीरीज़ के पिछले एपिसोड में हमने समझा कि कैसे ज़ारशाही से निकला एक कम्यूनिस्ट देश.. पहले एक सुपरपावर बना… और फिर कैसे एक दिन उसका विघटन हुआ.. ये कहानी हुई 1991 तक की.. Disintegration of Soviet Union तक की.. कहानी वहीं से शुरू करते हैं.. Soviet Union के टूटने के बाद जो देश USSR का उत्तराधिकारी बना वो है, Russia.
Russia आज जितना बड़ा Geopolitical Player नज़र आता है. उसके पीछे USSR के Collapse के बाद घटे घटनाक्रम एक अहम भूमिका निभाते हैं. Economic Collapse के बीच जन्मा एक देश, कैसे अपने Traumas से जीता, लड़ा.. इस एपिसोड में यही कहानी है..

कहानी उन Political Turmoils की जिनके चलते ये देश एक वन पार्टी सिस्टम से मल्टी पार्टी सिस्टम में दाखिल हुआ. कहानी उन नेताओं की जिन्होंने इस देश में डेमोक्रेसी को नाम का बना कर छोड़ दिया. कहानी रूस में वेस्ट की एंट्री की. कहानी रूस की चीन और भारत से दोस्ती की. कहानी येल्सिन की. कहानी रूस के सबसे बड़े लीडर, पुतिन की. KGB Agent से लेकर President बनने तक की. कहानी Russia की उन सभी जंगों की जिन्हें दुनिया ने देखा.. चाहे चेचेन्या हो, क्रीमिया या यूक्रेन.

सुनिए सारे किस्से Professor Rajan Kumar से. JNU में Russian Studies के Professor हैं. अक्सर रूस जाते रहे हैं, और वहां की राजनीति और सोसाइटी की तासीर पर पकड़ रखते हैं

ये Padhaku Nitin World Affairs की Modern Empires सीरीज़ है. इस सीरीज़ के पिछले एपिसोड में हमने समझा कि कैसे ज़ारशाही से निकला एक कम्यूनिस्ट देश.. पहले एक सुपरपावर बना… और फिर कैसे एक दिन उसका विघटन हुआ.. ये कहानी हुई 1991 तक की.. Disintegration of Soviet Union तक की.. कहानी वहीं से शुरू करते हैं.. Soviet Union के टूटने के बाद जो देश USSR का उत्तराधिकारी बना वो है, Russia.
Russia आज जितना बड़ा Geopolitical Player नज़र आता है. उसके पीछे USSR के Collapse के बाद घटे घटनाक्रम एक अहम भूमिका निभाते हैं. Economic Collapse के बीच जन्मा एक देश, कैसे अपने Traumas से जीता, लड़ा.. इस एपिसोड में यही कहानी है..

कहानी उन Political Turmoils की जिनके चलते ये देश एक वन पार्टी सिस्टम से मल्टी पार्टी सिस्टम में दाखिल हुआ. कहानी उन नेताओं की जिन्होंने इस देश में डेमोक्रेसी को नाम का बना कर छोड़ दिया. कहानी रूस में वेस्ट की एंट्री की. कहानी रूस की चीन और भारत से दोस्ती की. कहानी येल्सिन की. कहानी रूस के सबसे बड़े लीडर, पुतिन की. KGB Agent से लेकर President बनने तक की. कहानी Russia की उन सभी जंगों की जिन्हें दुनिया ने देखा.. चाहे चेचेन्या हो, क्रीमिया या यूक्रेन.

सुनिए सारे किस्से Professor Rajan Kumar से. JNU में Russian Studies के Professor हैं. अक्सर रूस जाते रहे हैं, और वहां की राजनीति और सोसाइटी की तासीर पर पकड़ रखते हैं


This is Padhaku Nitin World Affairs’ Modern Empires series.

In the previous episode of this series, we understood how a Communist country that emerged from Tsarist Russia first became a superpower… and then, one day, disintegrated.

That was the story up until 1991… the story of the Disintegration of the Soviet Union.

But the story begins right there.

The country that emerged as the successor to the USSR after its collapse was Russia.

Russia’s position as the major geopolitical player that we see today has been shaped significantly by the events that unfolded after the collapse of the USSR.

A country born amid an economic collapse—how did it live through and fight its traumas? That is the story of this episode.

The story of the political turmoils through which the country transitioned from a one-party system to a multi-party system.

The story of the leaders who reduced democracy in the country to little more than a formality.

The story of the West’s entry into Russia.

The story of Russia’s friendship with China and India.

The story of Yeltsin.

The story of Russia’s most powerful leader, Putin—from a KGB agent to becoming President.

And the story of all the wars involving Russia that the world has witnessed—whether Chechnya, Crimea, or Ukraine.

To tell us all these stories, we have Professor Rajan Kumar.

He is a Professor of Russian Studies at JNU, has frequently travelled to Russia, and has a deep understanding of the country’s politics and the character of its society.

Credits:
Producer: Manav Dev Rawat
Host: Nitin Thakur
Sound: Suraj Singh
Karl Marx का सबसे बड़ा Experiment क्यों Fail हो गया? Modern Empires #1 : Padhaku Nitin World Affairs04 Aug 202601:40:51
सिर्फ़ हेडलाइंस और न्यूज़ देखकर Geopolitics को समझना बिलकुल वैसे है… जैसे सिर्फ़ कवर को देखकर किताब को जज करना.. आधा अधूरा.. क्योंकि Geopolitics सिर्फ़ आज घट रही चीज़ों का Analysis नहीं है.. ये दशकों से घटी उन घटनाओं का Consequence भी है.. जिन्होंने आज दुनिया को उस रूप में ला खड़ा किया.. जैसी आप को और हमें वो नज़र आती है… हेडलाइंस का Analysis करके तो हम Padhaku Nitin World Affairs में बात करते आए ही हैं…

अब आपके लिए Padhaku Nitin World Affairs की नई सीरीज़ हाज़िर है.. Modern Empires. इस सीरीज़ में एक एक करके हम उन सभी Modern Empires की बात करेंगे… जिन्होंने आज Geopolitics में बड़ा कद पाया है.. America सुपरपावर बना कैसे? China, जो कभी ख़ूद सिविल वॉर से जूझ रहा था.. उसने धीरे धीरे कैसे अपने आप को एक बड़ी ताकत के तौर पर Establish किया.. Iran… Israel.. Turkey.. Europe.. इन सबके इतिहास ने कैसे इनकी आज की Foreign Policy को शेप किया.. इस सीरीज़ में इसी पर खुलकर बात करेंगे. पहले एपिसोड में शुरूआत करते हैं Soviet Union से… वो सोवियत यूनियन, जिसे अमेरिका अपना Competitor मानता था… लैंडमास के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा देश.. दूसरे वर्ल्ड वॉर का विजेता.. कैसे 1991 में टूटा…. पूरी कहानी.. सारे Complication समझेंगे… Prof. Amitabh Singh से… JNU में Russian Studies पढ़ाते हैं.. एपिसोड पूरा देखिएगा और कमेंट करके इसपर अपनी राय भी बताइएगा



Credits:
Producer: Manav Dev Rawat
Host: Nitin Thakur
Sound: Suraj Singh
Saudi के हाथ लगेगा Nuclear Formula? Trump की Deal ने क्यों मचाई हलचल? : Padhaku Nitin World Affairs29 Jul 202601:10:28
22 जुलाई की बात है. ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने एक घोषणा की. कहा कि हम सऊदी अरब के साथ एक डील साइन करने जा रहे हैं. सबने पूछा इस डील से क्या होगा.. बताया गया- अमेरिका सऊदी अरब की मदद करेगा.. उनके Civil Nuclear Program के लिए उन्हें हेल्प करेगा. बदले में अमेरिका को सऊदी अरब पैसा देगा.. डील साइन हो गई. अब सुनने में कितना सिंपल लगता है न?

अगले दिन ही ट्रंप ट्रुथ सोशल पर आए और कहा.. कि डील हो तो गई है.. लेकिन अंजाम तक पहुंचेगी या नहीं.. ये तो इस बात पर डिपेंड करेगा.. कि सऊदी अरब इज़रायल से अपने Diplomatic Relations शुरू करेगा.. अब पूरी दुनिया सर खुजा रही थी.. पूछ रही थी.. कि Mr. Trump. डील तो होती ही इसलिए है ना. कि सारी शर्ते अग्रीमेंट में लिखे जाए और फिर साइन हों. फिर आप साइन हो चुकी डील में ये शर्त कैसे एड कर सकते हैं.… मामला दरअसल इतना सिंपल है नहीं.. ना ये डील सिंपल है… इसलिए सालों से अटकी हुई थी.. और ईरान वॉर के दौरान इस डील का होना और भी मुश्किल है.. क्योंकि अंदर की बात ये है कि ये डील सिर्फ़ सऊदी अरब के लिए मदद भर नहीं है.. हो सकता है ये दुनिया में होने वाले अगले सबसे बड़े Chaos की शुरूआत हो.. The Big Nuclear Power Chaos.. इसलिए पढ़ाकू नितिन World Affairs का ये एपिसोड बहुत अहम हैं. हमारे सामने हैं War Veteran और Nuclear Policy Expert Retired Brigadier Arun Sehgal. 36 साल आर्मी में सर्व किया. इसके बाद आप Forum for Strategic Initiatives नाम के थिंक टैंक के Director भी हैं. आज हमारे साथ हैं. इनसे समझिए की पूरा मसला है क्या?

Credits:
Producer: Manav Dev Rawat
Host: Nitin Thakur
Sound: Suraj Singh
Tehran से लौटे Journalist ने बताया जंग के बाद Iran का आंखों देखा हाल : Padhaku Nitin World Affairs14 Jul 202601:03:52
अगर आप जानना चाहते हैं कि जंग के बाद ईरान कैसा दिखता है… वहां के लोग क्या सोचते हैं… और कैमरे में कैद न हो सकी कहानियां क्या हैं, तो यह एपिसोड आपके लिए है।

28 फ़रवरी 2026 को अमेरिकी-इज़रायली एयरस्ट्राइक में ईरान के तत्कालीन सुप्रीम लीडर अली ख़ामेनेई की मौत के साथ ही ईरान युद्ध का नया अध्याय शुरू हुआ। इसके बाद पूरी दुनिया ने मिसाइलों, धमाकों और भू-राजनीति पर चर्चा की। लेकिन जंग के बाद ज़मीन पर ईरान कैसा है? वहां की सड़कों, बाज़ारों, लोगों और माहौल में क्या बदला?

सोशल मीडिया पर अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार की तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए—ईरान के झंडे में लिपटा ताबूत और उसे विदाई देने उमड़ा जनसैलाब। लेकिन उन तस्वीरों के पीछे की असली कहानी क्या है?

इन्हीं सवालों के जवाब लेकर आए हैं आजतक के पत्रकार सुमित चौधरी, जो हाल ही में ईरान से लौटे हैं। उन्होंने वहां से कई ग्राउंड रिपोर्ट्स कीं, लेकिन कैमरे से परे जो अनुभव, किस्से और ऑब्ज़र्वेशन्स रह गए—वो सब इस एपिसोड में पहली बार साझा करेंगे।

Padhaku Nitin World Affairs के इस विशेष एपिसोड में जानिए:

युद्ध के बाद ईरान की ग्राउंड रियलिटी
तेहरान का माहौल और आम लोगों की सोच
ख़ामेनेई के बाद ईरान में क्या बदला?
मीडिया की नज़र से छूट गईं अनसुनी कहानियां
और वो बातें जो सिर्फ़ ज़मीन पर जाकर ही समझी जा सकती हैं।

Producer: Manav Dev Rawat
Host: Nitin Thakur
Sound: Suraj Singh
White House से Trump की मोटी कमाई? President Trump Controversy Explained10 Jul 202600:08:20
डोनाल्ड ट्रंप और उनके परिवार पर अमेरिकी मीडिया और कई इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट्स ने गंभीर आरोप लगाए हैं. इन रिपोर्ट्स का दावा है कि ट्रंप ने राष्ट्रपति रहते हुए सिर्फ अमेरिका ही नहीं चलाया, बल्कि अपने बिज़नेस को भी बड़ा फायदा पहुंचाया.
आज के पढ़ाकू नितिन वर्ल्ड अफेयर्स में हम इन्हीं दावों और आरोपों को विस्तार से समझेंगे. जानेंगे कि आखिर किन वजहों से ट्रंप और उनके परिवार पर अरबों डॉलर कमाने के आरोप लग रहे हैं. साथ ही यह भी समझेंगे कि इतने विवादों और रिपोर्ट्स के बावजूद ट्रंप के कट्टर समर्थक MAGA उनके साथ मजबूती से क्यों खड़े हैं.


Credits:
Producer: Manoj Rajpurohit
Host: Nitin Thakur
Sound: Suraj Singh
200 साल राज करने के बाद अंग्रेज़ मुआवज़ा क्यों मांग रहे हैं? Suella Braverman08 Jul 202600:12:17
ब्रिटेन की पूर्व गृहमंत्री सुएला ब्रेवरमैन का कहना है कि ब्रिटेन ने जिन देशों पर राज किया, उन देशों को ब्रिटेन से किसी भी तरह का ऐतिहासिक मुआवज़ा मांगने के बजाय ब्रिटेन को पैसे वापस देने चाहिए! क्योंकि उनके अनुसार, ब्रिटेन ने इन देशों को आज का शानदार 'लोकतंत्र' बनाने में बहुत बड़ा निवेश किया था. बहुत कोशिशें की थीं और काफ़ी योगदान दिया था.

Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में समझेंगे कि कैसे एक क्रूर साम्राज्यवादी व्यवस्था को आज 'डेवलपमेंट प्रोजेक्ट' के तौर पर बेचा जा रहा है.


Credits:
Producer: Manoj Rajpurohit
Host: Nitin Thakur
Sound: Aman Pal
China-Taiwan से पढ़कर लौटी Student ने बताया Xi Jinping के दिमाग में क्या चल रहा है?: Padhaku Nitin World Affairs07 Jul 202601:07:02
ये हफ़्ता भारतीय डिप्लोमेसी के हिसाब से बड़ा अहम है. पिछले हफ़्ते जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची भारत में थीं, उनके फोटोज़ वीडियोज़ आपने भी देखें होंगे. फिलहाल जब हम बात कर रहे हैं तो पीएम मोदी भी तीन देशों के दौरे पर हैं- Indonesia, Australia और New Zealand. अब इन देशों में कॉमन बात ये है कि ये पड़ते हैं Indo-Pacific के इलाके के. और इसी Indo-Pacific में दबदबा बनाने की कोशिश चीन की रहती है, इसलिए जब भी भारत यहां कोई कदम उठाता है तो नज़रें चीन की भी टिकती हैं. लेकिन China का Indo-Pacific को लेकर जो विज़न और Policy है. उसमें गहरा गोता लगाने की ज़रूरत है. ताकि समझ पाएं कि China भारत और इस इलाके में पड़ने वाले अलग अलग देशों को लेकर किस तरह की प्लानिंग्स में लगा है. आज बात China के अलग अलग पंगों की- जापान, Australia और सबसे ज़रूरी Taiwan. हमारे साथ है Antara Ghosal Singh, Orf की Chinese मामलों की Expert है. पहले भी हमारी मेहमान रही हैं और China Taiwan में पढ़ीं हैं इसलिए हमारे लिए Perfect Guest भी हैं.

Credits:
Producer: Manav Dev Rawat
Host: Nitin Thakur
Sound: Aman Pal
Karachi attack का सच, Balochistan का दर्द और Pakistan का पानी प्रॉब्लम!: Padhaku Nitin World Affairs30 Jun 202601:04:29
पिछले हफ़्ते हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान ने इतना कुछ घटा है कि पाकिस्तान हर तरह से घिरता हुआ नज़र आ रहा है. एक तरफ़ कराची के सेना हेडक्वाटर्स में एक बड़ा हमला हुआ, जिसकी ज़िम्मेदारी ली TTP के एक गुट ने लेकिन पाकिस्तान ने मढ़ दिया भारत पर इल्ज़ाम. दूसरी तरफ़ दोनों देशों के बीच पानी का मसला ऐसे Escalate हुआ कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कह डाला कि पानी के मसले पर जंग भी कर देंगे साहब. ख़बरें बलोचिस्तान से भी आईं और ख़बर ये भी आई कि Iran-US के समझौते में हेल्प करने पहुंचे आसिम मुनीर को मारने के लिए Mossad ने प्लानिंग भी की थी. हमारे साथ आज मौजूद है Border Studies और South Asian geopolitics के माहिर Prof. Dhananjay Tripathi, South Asian University में पढ़ाते हैं और हमारे शो पर भी हमारे आपके सवालों के जवाब देने आते रहते हैं. आज भी देंगे.

Producer: Manav Dev Rawat
Host: Nitin Thakur
Video Editor: Ashish Rawat
Sound: Aman Pal
Iran US की किस्मत अगले 60 दिन में पलटने वाली है?: Padhaku Nitin World Affairs16 Jun 202600:56:27
Thesaurus Dictionary जानते हैं आप? वही डिक्शनरी जिसमें एक शब्द के कई पर्यायवाची यानी synonyms लिखे होते हैं। लगता है कि डोनाल्ड ट्रंप के पास भी ऐसी ही कोई Thesaurus Dictionary है, और उसमें दर्ज है कि Diplomacy का पर्याय Deal है।

15 जून 2026 को ट्रंप ने Truth Social पर लिखा— "सुनो, सुनो, सुनो! ईरान के साथ डील हो गई है। होर्मुज़ खुल रहा है। ले आओ अपने जहाज़।"

इसके बाद से दुनिया भर के बाज़ारों में उत्साह दिखाई दे रहा है। भारत का शेयर बाज़ार भी अगले दिन क़रीब एक प्रतिशत तक उछला। जो लोग इस बात से परेशान थे कि कहीं तेल की सप्लाई प्रभावित न हो जाए, उन्हें भी राहत मिली। और राहत हमें इसलिए भी है कि दुनिया के अलग-अलग कोनों में चल रही जंगों में से कम-से-कम एक संघर्ष अब ख़त्म होने की दिशा में बढ़ता दिखाई दे रहा है।

डिप्लोमेसी की दुनिया में अक्सर युद्ध के बाद समझौते होते हैं। लेकिन अगर थोड़ी दूरी से देखा जाए, तो हर समझौते के पीछे एक सवाल छिपा रहता है— आख़िर जीता कौन और हारा कौन? किस पक्ष को क्या हासिल हुआ? इस डील में किन-किन मुद्दों पर विभिन्न पक्षों ने अपने रुख़ बदले? और कौन-से ऐसे सवाल हैं जो अब भी अनसुलझे हैं?

ये सब तभी समझ में आएगा, जब सवाल किए जाएँगे।

तो Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में आज हम यही करने वाले हैं। हमारे साथ मौजूद हैं आपके चहेते Prof. Mohsin Raza Khan।

Producer: Manav Dev Rawat
Host: Nitin Thakur
Sound: Aman Pal
Bangladesh में क्रांति अभी बाकी है? Sheikh Hasina का Comeback plan क्या है? : Padhaku Nitin World Affairs09 Jun 202601:14:18
फरवरी और मई. ये दोनों महीने भारत और बांग्लादेश के रिश्तों के लिए बड़े अहम हैं. क्यों? क्योंकि फरवरी में पूरे डेढ़ साल की अंतरिम सरकार के बाद बांग्लादेश में चुनाव हुए और सत्ता संभाली BNP के तारिक रहमान ने. तब हमने इसपर पॉडकास्ट भी किया. आपने देखा भी होगा. अब मई में बंगाल में चुनाव हुए और 15 साल से सत्ता संभाले बैठी TMC बाहर हुई और सत्ता में आई BJP. अब ये इतनी बड़ी बात इसलिए है क्योंकि बांग्लादेश और भारत का पश्चिम बंगाल आपस में 2,217 KM का बॉर्डर शेयर करते हैं. बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल में पानी का बंटवारा भी एक बड़ा मुद्दा है. बांग्लादेश की तरफ़ से होने वाली Illegal घुसपैठ एक बड़ा मुद्दा है. साथ ही बांग्लादेश में Hindu Minorities के साथ जो भी घटा वो एक चिंता का विषय का सबके लिए. और अब बॉर्डर के इस तरफ़ जो सरकार आई है वो जानी जाती है हिंदुवादी होने के लिए. तो Padhaku Nitin World Affairs में ये ज़रूरी हो जाता है कि रुक कर बात की जाए. समझा जाए कि भारत-बांग्लादेश के बीच क्या घट रहा है? क्या रुक रहा है? दोनों तरफ़ सेंटिमेंट्स क्या है? कुछ Water Agreements, कुछ Border Fencing. कई सारे पहलू हैं. समझेंगे सब आज के मेहमान से Professor Sanjay Bhardwaj से. बांग्लादेश से जुड़े Water Sharing के मुद्दे पर इनका बेहतरीन काम है. वहां पढ़े भी हैं. फिलहाल पढ़ाते हैं JNU के Centre of South Asian Studies में Professor और Chairperson दोनों हैं.

Producer: Manav Dev Rawat
Host: Nitin Thakur
Sound: Rohan Bharti
Trump हैं चेहरा, लेकिन पीछे से जारी है इन 4 लोगों का खेल: Padhaku Nitin World Affairs02 Jun 202601:08:19
Donald Trump, JD Vance, Marco Rubio, Kash Patel और Pete Hegseth कैसे बने अमेरिका की नई पावर टीम? जानिए Trump Administration के 'Four Horsemen' की पूरी कहानी।

अमेरिका के राजनीतिक इतिहास में पहली बार कुछ ऐसा हो रहा है जिसे 'Unprecedented' कहना भी कम होगा। व्हाइट हाउस अब किसी अनुभवी टेक्नोक्रेट या पॉलिसी वेटरन के हाथ में नहीं, बल्कि उन लोगों के हाथ में है जिनकी सबसे बड़ी पहचान 'ट्रम्पिज्म' (Trumpism) के प्रति उनकी वफादारी है।

इन्हें कहा जा रहा है ट्रम्प के '4 Horsemen'— Pete Hegseth, JD Vance, Marco Rubio, और Kash Patel.

ये चार नाम आज वॉशिंगटन के उस पावर इकोसिस्टम के केंद्र में हैं, जो दुनिया के किसी भी कोने में हलचल मचाने की ताकत रखते हैं। लेकिन ये यहाँ तक पहुँचे कैसे? क्या ये सिर्फ एक इत्तेफाक है या किसी सोची-समझी स्क्रिप्ट का हिस्सा?

'पढ़ाकू नितिन' के इस खास एपिसोड में हम डिकोड करेंगे इन चारों किरदारों के 'Character Arcs' और उनकी दिलचस्प कहानियाँ। साथ ही, हमारे साथ स्टूडियो में मौजूद हैं सीनियर जर्नलिस्ट रोहित शर्मा, जो वॉशिंगटन की गलियों और अमेरिकी राजनीति की गहरी समझ रखते हैं। रोहित हाल ही में मार्को रूबियो का इंटरव्यू भी कर चुके हैं और आज हमें बताएंगे इस नए अमेरिकी पावर सेंटर की अंदरूनी खबरें।

सुनिए 'World Affairs' का यह बेहद जरूरी और जानकारी से भरपूर एपिसोड।

Producer: Manav Dev Rawat
Host: Nitin Thakur
Sound: Aman Pal
Rubio का Damage Control दौरा, Putin का Xi को Piano प्रणाम और Trump की चिढ़! : Padhaku Nitin World Affairs26 May 202601:05:31
19 मई से 26 मई 2026 का हफ्ता शीत युद्ध के बाद की दुनिया के सबसे रणनीतिक रूप से अहम हफ्तों में से एक साबित हो सकता है। वजह ये नहीं कि किसी एक घटना ने दुनिया बदल दी, बल्कि इसलिए क्योंकि एक ही समय पर हुई दो बड़ी घटनाओं ने दुनिया में उभरते नए शक्ति संतुलन को बहुत साफ तरीके से दिखा दिया।
एक तरफ — 26 मई को अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio नई दिल्ली पहुंचे, जहां क्वाड देशों की विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। इस समूह में अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। इस बैठक का मकसद था इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अमेरिका की मौजूदगी और उसके गठबंधनों को मजबूत दिखाना। अमेरिका इसे “फ्री, ओपन और मजबूत इंडो-पैसिफिक” की रणनीति कहता है।
दूसरी तरफ — Vladimir Putin ने 20 मई 2026 को अपनी दो दिन की चीन यात्रा खत्म की। यह उनकी 25वीं चीन यात्रा थी, और शायद अब तक की सबसे अहम यात्रा भी। इस दौरान रूस और चीन के बीच 40 से ज्यादा समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। दो बड़े संयुक्त बयान जारी किए गए। एक में “बहुध्रुवीय दुनिया” यानी Multipolar World और नए तरह के अंतरराष्ट्रीय संबंधों की बात हुई। दूसरे में 2030 तक रूस-चीन की रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने का ऐलान किया गया।
इस यात्रा के दौरान पुतिन ने निजी मुलाकात में Xi Jinping के लिए पियानो भी बजाया। वहीं शी जिनपिंग ने दोस्ती पर आधारित 2000 साल पुरानी चीनी कहावत का जिक्र किया। लेकिन सार्वजनिक तौर पर दोनों नेताओं ने अमेरिका की “एकतरफा दबदबे वाली नीति” यानी unilateral hegemony की खुलकर आलोचना की।
ये सिर्फ आम कूटनीतिक मुलाकातें नहीं थीं। समझिए क्यों? Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में प्रोफेसर मोहसिन रज़ा ख़ान से.

Producer- Manav Dev Rawat
Host - Nitin Thakur
Sound- Aman Pal
China में पढ़ी Expert से सुनिए Trump के चीन दौरे की कहानी : Padhaku Nitin World Affairs19 May 202601:08:17
दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है — ये वाक्य आपने कई दफ़ा सुना होगा। लेकिन क्या दुश्मन के दोस्त से बातचीत रखने में भी कोई फायदा होता है? ये सवाल शायद हम सबको मिलकर ट्रंप से पूछना चाहिए।

इस वक़्त अमेरिकी राष्ट्रपति युद्ध के माहौल में घिरे हुए हैं — ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच। और इसी दौरान, वो 43 घंटों के लिए चीन पहुंचे। 13 मई को बीजिंग पहुंचे, राष्ट्रपति Xi Jinping से मुलाकात की, शिखर वार्ता में हिस्सा लिया, Xi Jinping के घर पर डिनर किया और फिर वापस लौट आए।

लेकिन ट्रंप और जिनपिंग की इस मुलाकात में आखिर क्या बातें हुईं? इस बैठक से निकला क्या? इसे लेकर दुनिया भर के एक्सपर्ट्स और थिंक टैंक लगातार चर्चा कर रहे हैं। लोगों में जिज्ञासा है कि क्या ट्रंप के चीन दौरे का West Asia में चल रहे तनाव पर कोई असर पड़ेगा? क्या दुनिया जिस तेल संकट की आशंका से गुजर रही है, उससे उबर पाएगी?

सवाल कई हैं। और इन सवालों के जवाब देने के लिए हमारे साथ जुड़ी हैं एक ऐसी एक्सपर्ट, जो सालों से US-China रिश्तों पर लिखती रही हैं। वो चीन भी जा चुकी हैं, चीनी भाषा जानती हैं, वहां के थिंक टैंक्स और मीडिया — दोनों पर गहरी नज़र रखती हैं। कहा जा रहा है कि इस मीटिंग में ईरान के अलावा ताइवान पर भी चर्चा हुई। हमारी मेहमान ताइवान भी जा चुकी हैं।

हमारे साथ हैं Indian Think Tank Observer Research Foundation में फेलो के तौर पर जुड़ीं अंतरा घोषाल सिंह। इससे पहले वो पत्रकार रह चुकी हैं और MP-IDSA (Manohar Parrikar Institute for Defence Studies and Analyses) के साथ भी काम कर चुकी हैं।

Producer- Manav Dev Rawat
Host - Nitin Thakur
Sound- Aman Pal
नेपाल में क्रांति से सत्ता तक बालेन शाह का असली गेम प्लान क्या है?: Padhaku Nitin World Affairs13 May 202601:05:49
नेपाल की राजनीति में इस वक्त जबरदस्त हलचल है. 1991 के बाद पहली बार भारी बहुमत से बनी सरकार के सामने चुनौतियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. सड़कों पर पनपी क्रांति से उपजे बालेन शाह आखिर क्या चाहते हैं? क्या भारत और नेपाल के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ने वाला है? 'पढ़ाकू नितिन World Affairs' के इस खास एपिसोड में हम किसी भारतीय एक्सपर्ट से नहीं, बल्कि सीधे 'ग्राउंड ज़ीरो' से हकीकत जान रहे हैं. हमारे साथ जुड़े हैं नेपाल के पत्रकार और लेखक बिराट अनुपम (Birat Anupam), जो 'The Diplomat' जैसे बड़े संस्थानों के लिए नेपाल की डिप्लोमेसी पर लिखते हैं. वे बताएंगे कि बालेन शाह ने भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी और सर्जियो गोर जैसे दिग्गजों से मिलने से मना क्यों किया? क्या नेपाल का विरोध पत्र दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट घोलेगा? सुनिए पूरा एपिसोड.

Producer- Manav Dev Rawat
Host - Nitin Thakur
Sound- Suraj Singh
Balen Shah को क्यों हुई Kailash Mansarovar Yatra 2026 से दिक्कत! : Padhaku Nitin World Affairs05 May 202601:05:10
आपको Love Triangles पसंद हैं? अरे होता है न फिल्मों या कहानियों में कि दो लोगों को एक से प्यार हो जाता है. ऐसे में लिखने वालों और देखने वालों को मज़ा ही इसलिए आता है कि Complexities इतनी बढ़ जाती हैं. दो लोग कंपीट कर रहे हैं अपना प्यार प्रूव करने के लिए. Geopolitics में भी कई बार Love Triangles देखने को मिलते हैं. ज़्यादा दूर न जाइए पड़ोस में ही चलते हैं. भारत-नेपाल-चीन के बीच का Dynamic भी पिछले कई सालों से कुछ कुछ ऐसा ही रहा था. भारत और चीन दोनों नेपाल की दोस्ती चाहते रहे हैं. उसके लिए कंपीट करते रहे हैं. कभी Economically या कभी Diplomatically भी. वो भी इस हद तक कि जब भी नेपाल में कोई नई सरकार बनती थी तो इंडियन मीडिया में सबसे बड़ा सवाल यही गूंजा करता था कि नेपाल का नया पीएम प्रो चाइना है या प्रो इंडिया. लेकिन हाल के कुछ महीनों में कहानी पलटने लगी है. अब नेपाल का खुद का एक अलग सा कैरेक्टर Arch चालू है. पहले GenZ Protest. पुराने नेताओं को पीट पीटकर देश से भगाए जाना. फिर बालेन शाह के तौर पर एक नए नेता का भारी बहुमत से सत्ता में आना. और फिर 40 दिन की सत्ता में ही बालेन कैबिनेट से दो नेताओं का इस्तीफ़ा. वो नेपाल जो Diplomatically सबसे मिलता था, बात करता था. उसके सुर इतने बदले कि Balen Shah ने नेपाल पहुंचे American Ambassador Sergio Gor से मिलना तक ज़रूरी नहीं समझा. सब कुछ बहुत तेज़ी से बदल रहा है. ये नया नेपाल, पहचानने में ही नहीं आ रहा. लेकिन फिर भी बालेन शाह को समझने की. नए नेपाल की Foreign Policy समझने की कोशिशें जारी हैं. ये पॉडकास्ट भी वैसी ही कोशिश है, पसंदीदा मेहमान Prof. K उर्फ़ Professor मोहसिन रज़ा के साथ. एपिसोड पूरा सुनिए, शेयर कीजिए

Producer- Manav Dev Rawat
Host - Nitin Thakur
Sound- Aman Pal
बालेन शाह का इंडिया कनेक्शन, तूफानों से घिरा नेपाल और चीन की चिंता: Padhaku Nitin World Affairs28 Apr 202600:58:30
एक अमेरिकन अफ्रीकन एक्टिविस्ट थे फ्रेड हैंपटन. हैंपटन ने कहा था कि You can kill a revolutionary but you can never kill a revolution. यानि आप क्रांतिकारी को तो ख़त्म कर सकते हैं. क्रांति को नहीं. आपको याद होगा 2025 सितंबर में भारत के पड़ोसी देश नेपाल में एक बहुत बड़ी क्रांति हुई. जो किसी ऐसी आंधी की तरह थी कि सरकार का पूरा सिस्टम ही उड़ा ही ले गई थी. इस आंधी का नाम था GenZ क्रांति. और इस आंधी-तूफ़ान के बाद अब मालूम होता है कि मौसम साफ़ हो चुका है. एक नई सरकार गठित हो चुकी है. GenZ के नेता Balen Shah अब वहां के प्रधानमंत्री भी बन चुके हैं. लेकिन क्या ये शांति वाकई अच्छे मौसम की निशानी है या बादल दोबारा घूम कर तूफ़ान बनने की ओर लौट रहे हैं ये कहना अभी मुश्किल है. Balen Shah, बहुत एक्टिव तो नज़र आ रहे हैं. 100 Point Program लाए वो जिसमें वो कह रहे हैं कि Bureaucrats का पॉलिटिक्स में आना पूरी तरह रोक देंगे. Judicial System को और पारदर्शी बनाएंगे. यानि वही बात कि Revolution जारी है. लेकिन दूसरी तरफ़ बालेन शाह की पार्टी में खुद भी करप्शन के निशान दिख रहे हैं. तो इस एपिसोड में बात नेपाल और Balen Shah पर ही. समझेंगे Balen Shah का India को लेकर विज़न क्या है? वो कैसा नेपाल चाहते हैं? नेपाल के साथ भारत के रिश्ते कैसे चाहते हैं? ये सब समझिए South Asian University में International Relation पढ़ाने वाले Dhananjay Tripathi से. Border Studies पर इनका Specialised काम है.

प्रड्यूसर : मानव देव रावत
साउंड मिक्सिंग : रोहन भारती
वीडियो एडिटर : आशीष रावत
Hamas की क्रूरता, Israel की लापरवाही, और Iran की Ground-Breaking Reality! : Padhaku Nitin World Affairs22 Apr 202601:27:54
West Asia की जंग के बीच से ख़बरें आ रहीं हैं कि Islamabad में एक और Peace Talk होनी हैं. हालांकि सब कुछ इतना धुंधला है कि उधर ईरान कह रहा है कि भैया हमारे यहां से तो कोई अभी तक पाकिस्तान पहुंचा ही नहीं. तो जब इस मामले में कुछ साफ़ होगा तो उसपर तो बात करेंगे ही. आज एक अलग तरह का एपिसोड है. Exclusive Episode हैं. अभी कुछ दिन पहले हमने Anchor और Journalist Sweta Singh को बुलाया था जो Israel से Ground Reporting करके लौटी थीं. आज हमारे साथ हैं Anchor और Journalist Sumit Chaudhary. फरवरी 2026 में Sumit खुद ईरान गए. वहां रुके. रिपोर्टिंग की. कई ईरानी शहरों में गए और Protest भी कवर किए. उसके बाद से भी लगातार वहां की घटनाओं पर नज़र बनाए हुए हैं. तो Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में उनसे समझते हैं कि Iran, जिसको Stone Age में पहुंचाने की कसमें ट्रंप खा रहे हैं. वो दरअसल इन्हें कैसा दिखा?

प्रड्यूसर: मानव देव रावत
साउंड मिक्स: अमन पाल
एक फोन कॉल... और Fail हो गई Islamabad Peace Talk : Padhaku Nitin World Affairs14 Apr 202600:54:01
अगर Geopolitics कोई जीता जागता व्यक्ति होता, तो शायद उसे Vitamin D की ज़रूरत सबसे ज़्यादा होता. D for Diplomacy. D for Deal. पिछले पूरे हफ़्ते लोगों की नज़र इस्लामाबाद में होने वाली बड़ी Diplomatic Meeting पर थी. तेहरान और वॉशिंगटन से डेलिगेट्स आए. पूरी दुनिया को उम्मीदें थी कि शायद अब इस जंग को conclusion मिल ही जाए. लेकिन मालूम होता है कि बहुत कठिन है डगर Deal की. Talks fail हुईं. Blockade जारी है. टेंशन अब भी बनी हुई है और आशंकाएं भी. क्योंकि क्या पता ट्रंप कब क्या कर दें. Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में आज समझते हैं कि पीस डील में दोनों पक्षों के लिए है क्या? क्यों बात बनी नहीं? क्या पीस डील एकतरफ़ा है? Oman, Qatar को छोड़ अब इस्लामाबाद क्यों मध्यस्थता करवा रहा है? इसके कुछ फायदे नुकसान भी हैं क्या पाकिस्तान को? और सबसे बड़ी बात, भारत क्यों नहीं करवा रहा मध्यस्थता? पूछे हमने सारे सवाल हमारे मेहमान Prof. K उर्फ़ Prof Mohsin Raza Khan से.

प्रड्यूसर: मानव देव रावत
साउंड मिक्स: अमन पाल
जंग के बीच Israel से Ground Reporting के Unfiltered किस्से ft. Sweta Singh08 Apr 202601:02:19
रजत कपूर की एक फिल्म है आंखों देखी. बड़ी सुंदर फिल्म है. इसमें मुख्य किरदार है संजय मिश्रा का. जो एक बात कहता है- जब तक मैं खुद अपनी आंखों से नहीं देख लेता, मानूंगा नहीं. वो कहता है कही-सुनी नहीं मानूंगा. आंखों देखी मानूंगा. वेस्ट एशिया में जंग छिड़ी हुई है.. पिछले 4-5 हफ़्तों से तो हम हर एपिसोड पर इसी बारे में बात कह सुन रहे ही हैं. लेकिन आज हमारे साथ एक ऐसी मेहमान हैं, जिनके लिए ये युद्ध आंखों देखी है. पढ़ाकू नितिन World Affairs के इस एपिसोड में हमारी मेहमान हैं. न्यूज़ एंकर और जर्नलिस्ट श्वेता सिंह. श्वेता जी हाल ही में इस युद्ध के दौरान ही Israel गईं. हम जिन जिन इलाकों के नाम सुनते हैं. जैसे टेल अवीव. Israel Lebanon Border. बेत शेमैश. Jordan Israel Border. ये उन सब जगह खुद गईं. वो भी तब जब मिसाइलें लगातार गिर रहीं थीं. इनकी ग्राउंड रिपोर्ट्स में आपको पीछे मलबे का ढेर आसानी से दिख जाएगा. Background में Bomb Sirens, धमाकों की आवाज़ें भी सुनाई पड़ जाएंगी. इस एपिसोड में सुनिए वहां का आंखों देखा हाल.
Mojtaba Khamenei- IRGC की सेटिंग, Witkoff का कंफ्यूज़न और Trump के Mood Swing! : Padhaku Nitin World Affairs07 Apr 202601:02:15
Deadline! ये शब्द सुनते ही पैनिक सा मचने लगता है न? मन में Anxiety? कईयों के तो हाथ ही कांपने लगते हैं. आज 6 अप्रैल 2026 जो जब हम Padhaku Nitin World Affairs का ये एपिसोड रिकॉर्ड कर रहे हैं. तब भी हम एक डेडलाइन पर ही खड़े हैं. ये डेडलाइन है ट्रंप की. उन्होंने ईरान से कहा था कि 6 अप्रैल तक एक डील कर लें. वरना वो Iran के Infrastructure पर हमले शुरू करेंगे. उधर ईरान ने ऐसा कोई मन बनाया ही नहीं है. Iran के Foreign Minister Araghchi कह रहे हैं कि Trust level is at zero. तो फिलहाल कोई डील होती तो नहीं दिख रही है. लेकिन दरअसल ये डील क्यों नहीं हो रही है? आजकल इसपर बात करेंगे. US और Iran दोनों पक्षों की तरफ़ से कौन है जो इसमें अड़ंगा डाल रहा है. और ये भी कि अगर बाई चांस डील हो भी गई जंग रुक भी गई. तो आने वाले दिनों में ईरान का हाल क्या होने वाला है? खामेनेई सीनियर तो जा चुके. खामेनेई जूनियर अपना चेहरा तक नहीं दिखा रहे हैं. सामने आ रहे हैं तो बस IRGC के नए नए कमांडर्स. तो भी जानेंगे कि कहीं Iran Guard state बनने की तरफ़ तो नहीं जा रहा है. कहीं पाकिस्तान के बगल में एक और पाकिस्तान तो नहीं बनने जा रहा है? पूछेंगे सब कुछ Vishwajeet singh Akhawat से. VIF में रिसर्चर हैं आप इन्हें पिछले एपिसोड में भी सुन चुके हैं. West Asia में IRGC पर इनकी MPhil है. तो इनसे अच्छा कौन समझाएंगा. क्योंकि ये है Padhaku Nitin जहां हम कहते हैं एक लाइफ़ है… जानना सब है

प्रड्यूसर: मानव देव रावत
साउंड मिक्स: रोहन भारती
Trump का Report Card, IRGC की मनमानी और Netanyahu का Greater Israel Plan! : Padhaku Nitin World Affairs31 Mar 202601:12:17
फरवरी 2026 के आखिरी दिन, ट्रंप ने वेस्ट एशिया में जंग की शुरूआत कर दी थी. वही ट्रंप जो कि खुद को No war President कहते थे और सफ़ाई दी कि परेशान मत होइए आप लोग, बस यूं जाएंगे और 4 हफ़्तों में रिजीम चेंज करके जंग ख़त्म कर देंगे. सिंपल!

लेकिन हालात आज ऐसे हो गए हैं कि न तो 4 हफ़्तों में जंग ख़त्म हुई है, न ढंग से रिजीम चेंज. ऊपर से जिस ईरान को ट्रंप से हिसाब से अब तक टूट जाना चाहिए था. वही ईरान स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ पर कब्ज़ा किए बैठा है. तेल भी अटका रखा और अमेरिका इज़रायल समेत वेस्ट एशिया के कई देशों की जान भी.

उधर अब तक जिस जंग को ट्रंप मिसाइलों के ज़रिए लड़ रहे थे. उसी जंग में ट्रंप अब अमेरिकी सैनिक उतार रहे हैं. ट्रंप ने 4 हज़ार से ज्यादा अमेरिकी सैनिक(US Marines) और 82nd Airborne Division भेज दी है. Boots on Ground आ चुके हैं. उधर ईरान के अंग्रेज़ी अख़बार ने उनका स्वागत किया है अपने अख़बार के पहले पेज पर लिखा है “Welcome to Hell”. तो लगातार बदलते हालातों के बीच, बात ज़रूरी है. इसलिए Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में बात Iran War पर ही करेंगे. जानेंगे कि पिछले चार हफ़्तों में किसने क्या खोया? क्या पाया? जानेंगे कि जंग का पांचवा हफ़्ता क्या किसी ख़तरे का निशान है? इस पांचवे हफ़्ते में क्या नया होने को है? रणनीतियां कैसे बदल रही हैं? और क्या इस सबके बीच ट्रंप की कुर्सी को ख़तरा तो नहीं है? पूछे ये सारे सवाल हमारे नए मेहमान से. Dr. Vishwajeet Singh Akhawat हमारे साथ हैं. Vivekananda International Foundation में Research Associate के तौर पर काम करते हैं. West Asia और स्पेशली Iran के संदर्भ में सालों से पढ़ लिख रहे हैं. इनकी MPhil की रिसर्च का टॉपिक था Role of IRGC in Iranian Politics. और इनका कोर सब्जेक्ट है, Iranian Security और Foreign Policy.
Trump इन 5 दिनों में क्या खेल करेंगे? : Padhaku Nitin World Affairs24 Mar 202600:56:04
Iran War का असर अब बड़ी बड़ी कंपनियों के शेयर्स से लेकर फुटपाथों तक दिखने लगा है. चाय वाले तक चाय के दाम बढ़ा रहे हैं. उधर ट्रंप भी Confused नज़र आ रहे हैं. उन्होंने कहा था कि जंग 4 हफ़्तों में ख़त्म होगी. चौथा हफ़्ता ख़त्म होने को ही है. ज़रा देख समझ लेते हैं कि इस Deadline में ट्रंप ने क्या खोया क्या पाया? क्या वो वादा निभा पाएंगे? या Deadline Cross होने ही वाली है? कोई रास्ता निकल पाया है क्या? या दुनिया अब भी इस जंग में लंबे समय के लिए फंसने वाली है? पूछेंगे ये सारे सवाल हमारे नए मेहमान से. Prof. जजति पटनायक से. JNU के Centre of West Asian Studies में पढ़ाते हैं. पिछले 28 सालों से West Asia रीजन पर इनकी पकड़ रही है. एपिसोड पूरा सुनिएगा

प्रड्यूसर: मानव देव रावत
साउंड मिक्स: अमन पाल
West Asia की टेंशन, LPG Crisis का समाधान और घबराए Trump की Confusion! : Padhaku Nitin World Affairs17 Mar 202601:17:09
Geopolitics में भी पिछले महीने कुछ ऐसा घटा है जिसका असर स्क्रीन और सोशल मीडिया छोड़ कर सीधा भारतीयों की रसोई और वाहनों की टंकियों पर दिखने लगा है. और अब लगभग पूरी दुनिया Iran का नाम भी जानती है. America भी. उन्हें ये भी पता है कि LPG की किल्लत की ख़बरें आ रही हैं. पेट्रोल भी महंगा होने की संभावना है. और उनका इंट्रेस्ट इस बात में भी बढ़ने लगा है कि जाना जाए… क्यों हो रहा है ये सब? Padhaku Nitin World Affairs का ये एपिसोड इसी पर. जानिए कि West Asia में ऐसा क्या चल रहा है कि पूरी दुनिया वहां देख रही है? पिछले हफ़्तों में अब क्या बदला है? कब तक बदलेगा? ट्रंप की दिक्कतें-मजबूरियां. Iran में नए लीडर की मजबूरियां. Europe और West Asia के अलग देशों की मजबूरियां.. ये सब समझिए Professor Mohsin Raza से.

प्रड्यूसर: मानव देव रावत
साउंड मिक्स: सूरज सिंह
Khamenei पहले ही बना गए थे US की नाक में दम करने का ये प्लान! : Padhaku Nitin World Affairs03 Mar 202601:06:39
West Asia में जंग भड़क चुकी है और आप भी इसे महसूस कर रहे होंगे। सोशल मीडिया की बहसों से लेकर टीवी डिबेट्स तक… अख़बारों की सुर्खियों से लेकर गली–नुक्कड़ की चर्चाओं तक, हर जगह इसी टकराव की गूंज है.

पिछले एपिसोड में हमने Padhaku Nitin World Affairs पर Ambassador Anil Trigunayat जी के साथ एक बेहद अहम और गहरी बातचीत की। अगर आपने वो एपिसोड नहीं देखा है, तो ज़रूर देखिएगा — क्योंकि उसमें War के इर्द-गिर्द चल रही Diplomacy पर कई ऐसी Exclusive बातें सामने आईं, जो आपको कहीं और सुनने को नहीं मिलेंगी। इस एपिसोड में आज बात हुई है War के Military पक्ष की. मेहमान हैं Defence Expert Sandeep Unnithan. आप इन्हें Padhaku Nitin पर पहले भी देख चुके हैं. लेकिन आज इनकी मौजूदगी सिर्फ़ एक चर्चा नहीं, बल्कि एक ज़रूरत है. क्योंकि इस वक्त ज़रूरी है कि शोर से अलग हटकर War का ठंडे दिमाग़ से Strategic Analysis किया जाए.
आख़िर तक सुनिएगा

प्रड्यूसर: मानव देव रावत
साउंड मिक्स: रोहन भारती
Khamenei की हत्या के बाद अब Iran किस बड़ी तैयारी में? : Padhaku Nitin World Affairs02 Mar 202601:00:01
जिस जंग के बारे में हम लगभग हर दूसरे हफ्ते Padhaku Nitin World Affairs में बात करते थे, वह पिछले दो दिनों में इतनी तेज़ी से escalate हुआ है कि यकीन करना मुश्किल है.

आज से ठीक एक हफ्ते पहले तक डोनाल्ड ट्रंप जिन खामेनेई के साथ नेगोशिएशन टेबल पर थे, वही खामेनेई अब 40 शीर्ष कमांडरों समेत US–Israel की स्ट्राइक्स में मारे जा चुके हैं.

ईरान ने जहां-जहां अमेरिका के बेस थे, वहां-वहां जवाबी हमले किए हैं। पूरा वेस्ट एशिया अब इस युद्ध की गिरफ़्त में आता दिख रहा है।

इसीलिए इस एपिसोड में चर्चा सिर्फ इसी मुद्दे पर होगी. हमारे मेहमान आपके जाने-पहचाने हैं.. एंबेसडर अनिल त्रिगुणायत। पिछले तीन दशकों में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व दुनिया के अलग-अलग देशों में किया है. जॉर्डन, लीबिया और माल्टा में वे राजदूत रह चुके हैं. यानी वेस्ट एशिया और उसकी जटिलताओं को वे गहराई से समझते हैं.

अंत तक बने रहिए, पूरा एपिसोड सुनिएगा और शेयर ज़रूर कीजिएगा.

प्रड्यूसर: मानव देव रावत
साउंड मिक्स: सूरज सिंह
भिड़ंत को मजबूर क्यों हो गए हैं Pakistan और Afghanistan? : Padhaku Nitin World Affairs24 Feb 202601:11:02
पाकिस्तान का बॉर्डर जिससे मिल जाए, उससे उसका दिल मिलना अक्सर नामुमकिन सा ही होता है. ये बात हाल ही में तालिबान को फिर याद आई. क्योंकि 22 फरवरी, 2026 को पाकिस्तान ने अफ़गानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में AirStrikes कीं. पाकिस्तान ने कहा कि ये सब उसने TTP और IS-K जैसे आतंकी संगठनों को टार्गेट करने के लिए किया. जबकि अफ़गानिस्तान ने खुलासा किया कि इन एयरस्ट्राइक्स में दरअसल बच्चे और सिविलियंस मारे गए. तालिबान सरकार ने साफ़ कर दिया है कि अब पाकिस्तान को करारा जवाब मिलेगा. उधर, ईरान की घेराबंदी करने वाले ट्रंप न जाने क्या चाहते हैं? डरा तो रहे हैं, मगर करेंगे क्या? फिर से कोई डील? या वेनेज़ुएला वाला हाल? दोनों मुद्दों पर चर्चा ज़रूरी थी तो सोच ऐसे मेहमान को बुलाया जाए जिनकी महारथ दोनों ही विषयों पर बराबर हो. Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में देखिए-सुनिए Prof. Mohsin Raza Khan को. जो हमारे पुराने मेहमान हैं, International Studies के प्रोफेसर हैं. आजकल यूट्यूब पर Prof. K Show नाम का यूट्यूब चैनल भी चला रहे हैं. तो पहले ये सुनिए, फिर वो देखिएगा

प्रड्यूसर: मानव देव रावत
साउंड मिक्स: सूरज सिंह
Macron का India Agenda, US Europe का Divorce और Trump का Daddy Syndrome! : Padhaku Nitin World Affairs17 Feb 202600:57:06
अभी साल के सिर्फ़ दो महीने बीते हैं और geopolitics न जाने क्या-क्या रंग दिखा रही है। दुनिया के अलग-अलग कोनों में इस दौरान काफ़ी कुछ घट चुका है। कुछ देशों पर indirect कब्ज़ा हो चुका है, और कुछ देशों की arm-twisting की जा रही है। भारत के संदर्भ में कहें तो इन दो महीनों में दो बड़ी deals हो चुकी हैं — mother of all deals। पिछले महीने के आख़िरी हफ़्ते में उस पर मोहर लगी, और उसके अगले ही हफ़्ते US-India की भी एक deal हुई। हमने दोनों पर ही बात की है। एक बार Professor Mohsin Raza वाला एपिसोड भी देखिएगा, और दूसरा Professor Ummu Salma Bava के साथ। Professor Bava आज भी हमारी मेहमान हैं। वे Germany के highest civil honour से सम्मानित हैं, Ministry of External Affairs के Foreign Service Institute में guest faculty हैं, और UGC Europe Area Studies Programme की director रह चुकी हैं। मुद्दा फिर से इनके expertise का है — Europe। कुछ दिन पहले Germany के Munich में Munich Security Conference हुई। Europe के कई देशों के नेता और US सरकार के कई representatives वहां आए। कई बड़े, defining बयान दिए गए, जिन्होंने यह तस्वीर और साफ़ कर दी कि Europe और US के बीच का मनमुटाव अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है। तो इस एपिसोड में उस पर ही बात की। साथ ही France के President Macron भी अपने भारत दौरे पर हैं — आज मुंबई में PM Modi से मिले हैं। इसलिए Macron की इस visit के मायने भी समझिए, एपिसोड पूरा सुनिएगा।

प्रड्यूसर: मानव देव रावत
साउंड मिक्स: सूरज सिंह
Bangladesh Election 2026 का गोरखधंधा, Mohammad Yunus का Master Plan और Hindus in Bangladesh की सबसे बड़ी दिक्कत!10 Feb 202600:58:41
मॉडर्न प्रजातंत्र के संदर्भ में अक्सर कहा जाता है कि चुनाव किसी त्योहार से कम नहीं होते। लाइन घिसी-पिटी लग सकती है, लेकिन बात सच है। अगर चुनाव को लेकर भाव त्योहार जैसा न भी हो, तो भी उसका तामझाम और तैयारियाँ किसी उत्सव से कम नहीं होतीं। अभी हमारे पड़ोस में, बांग्लादेश में, चुनाव होने जा रहे हैं। 12 फ़रवरी को बांग्लादेश में 300 सीटों के लिए 12.7 करोड़ मतदाता मतदान करने वाले हैं। यूँ तो यह किसी आम चुनाव जैसा लग सकता है, लेकिन 2024 में बांग्लादेश में जो हुआ, उसके बाद ये चुनाव देश के लिए वाकई make-or-break साबित हो सकते हैं।

Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में चर्चा बांग्लादेश पर ही है। इस बार के बांग्लादेश चुनाव इतने खास क्यों हैं? शेख हसीना के बिना हो रहा यह पहला चुनाव किस तरह का है? उनके प्रति जो असंतोष था, क्या वह उनके जाने के बाद भी कायम है? बांग्लादेश का Gen Z अब किस ओर देख रहा है? इन्हीं सवालों पर हमने बात की ढाका में मौजूद अपने पत्रकार मित्र सलाहुद्दीन शोएब चौधरी से, जो बांग्लादेश के Blitz अख़बार के एडिटर हैं। वह पहले भी हमारे मेहमान रह चुके हैं—वह एपिसोड भी देखिए-सुनिए, और इस एपिसोड को भी अंत तक ज़रूर देखिए।

प्रड्यूसर: मानव देव रावत
साउंड मिक्स: अमन पाल
Epstein Files की लगाई आग, Trump का प्रेशर या रूपए का चक्कर - क्यों हुई India-US Deal?: Padhaku Nitin World Affairs05 Feb 202601:03:16
Deal और War. पिछले दो-तीन सालों को देखें तो ऐसा मालूम होता है कि Geopolitics इसी के इर्द गिर्द घूमती रहती है. ट्रंप ने इसी शब्द के आसपास अपनी पूरी geopolitics रच रखी है. उन्होंने एक डील करने का ऐलान फिर से कर दिया है. इस बार भारत के साथ. सोमवार शाम पहले ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट लिखा और बताया कि देखो भारत और US की डील होने वाली है. US ने भारत के प्रति जो ट्रैरिफ लगाए थे उनमें नरमी बरती है. कहा मोदी जी मेरे इतने अच्छे दोस्त हैं कि भारत भी हम पर अब से मात्र 0% टैरिफ लगाएगा. और हम भारत पर 18% टैरिफ़ लगाएंगे. उस के बाद से ही सोशल मीडिया और देश में बवाल मचा हुआ है . एक तबका नाराज़ है. एक बहुत खुश है. मार्केट उछल रहा है. उधर विपक्ष कह रहा है कि मोदी जी झुक गए हैं. तो Padhaku Nitin World Affairs के इस Episode में इस डील का ही रेशा रेशा खोला गया है. इस ऐलान के बाद से कौन से सवाल हैं जिनके जवाब मिल गए हैं? कौनसे सवालों के जवाब अभी भी नदारद हैं? कौनसे नए सवाल खड़े हो गए हैं? और इनमें परते क्या हैं? Epstein और America Iran के मसले को भी छुआ. क्योंकि हमारे साथ एक ऐसे गेस्ट हैं जो इन सभी मुद्दों पर बराबर अथॉरिटी रखते हैं. Prof. Mohsin Raza. हमारे Regular मेहमान हैं. क्योंकि ये बातें बड़ी चटपटी तरह से समझाते हैं और आपको भी पसंद आते हैं. पूरा पॉडकास्ट देखिएगा और चैनल Subscribe भी करना न भूलिएगा.

प्रड्यूसर: मानव देव रावत
साउंड मिक्स: रोहन भारती
EU India Trade Deal देसी भाषा में Decoded! : Padhaku Nitin World Affairs28 Jan 202601:08:25
World Order अब स्मूदली नहीं बदल रहा है, समीकरण बिखर रहे हैं. टूट रहे हैं नए समीकरण बन रहे हैं. ये बात पिछले हफ़्ते Davos में गूंजी. लेकिन इसका असर brussels से लेकर दिल्ली तक देखने को मिल रहा है और ब्रसेल्स-दिल्ली दोनों को देखने को मिल रहा है. 26 जनवरी की परेड में चीफ़ गेस्ट रहीं European Union की Commissioner Ursula Von der leyen और उसके अगले ही दिन हुई एक बड़ी डील India-EU का FTA. ख़ास बात ये है कि ये डील 18 साल से अटकी हुई थी. लेकिन फिर अचानक क्या हुआ कि इतनी बड़ी डील जिससे India-EU का ट्रेड 250 Billion Dollar का बनने की ओर है. वो एकदम से हो गया? दरअसल यही Geopolitics है. दुनिया के एक कोने में हलचल होती है, Shock Waves दुनिया भर में फैलती है और कुछ बड़ा और अहम घट जाता है. जैसे कि ये डील. तो आज पहले तो इसी डील को समझेंगे. समझेंगे कि क्यों PM Modi ने इसे कहा Mother of all Deals? इस डील से आम आदमी को क्या फायदा पहुंचेगा? इस डील के अनाउंस होते ही अमेरिका क्यों चिढ़ रहा है? ये सब समझेंगे एक ऐसी एक्सपर्ट से जिन्होंने इस डील को बहुत क्लोज़ली observe किया. डील जिस कमरे में हुई ये खुद वहां मौजूद थीं. Germany के Highest Civil Honour से सम्मानित हैं. Ministry of External Affairs के Foreign Service Institute में Guest Faculty हैं. UGC Europe Area Studies Programme की Director रह चुकी हैं. School Of International Studies JNU की Chairperson भी. नाम है Professor Ummu Salma Bava.

प्रड्यूसर: मानव देव रावत
साउंड मिक्स: सूरज सिंह
Iran की शैतान Theory, Israel की Insecurity और Trump का 'Plan Shah' Explained! : Padhaku Nitin World Affairs20 Jan 202601:02:56
अगर आप सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं तो पिछले महीने दो महीने में आपने ईरान से आती तस्वीरें ज़रूर देखी होंगी. कभी तेहरान में पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाती ईरानी जनता. कभी ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की फोटो को सिगरेट से जलाती महिला का फोटो. कभी मस्जिद को नुकसान पहुंचाते ईरानी प्रदर्शनकारी. ये वही ईरान है जिसने 1979 में Islamic Revolution देखा. ये वही ईरान है जो एक दौर में निहायत ही Westernised था और फिर वो दौर भी जब हिजाब ठीक से न पहनने पर एक महिला पहले अरेस्ट की गई फिर कस्टडी में ही उसने दम तोड़ा. पिछले डेढ़ दो महीने से ईरान में सरकार के खिलाफ़ भयंकर प्रदर्शन जारी थे. ईरानी सरकार ने उसे दबाने के लिए बहुत सख़्त कदम भी उठाए. लेकिन मामला Domestic से Geopolitical तब बन गया जब Venezuela में ‘Democracy’ स्थापित करके आए ट्रंप ने कहा- मैं यहां भी आ जाऊं क्या? यहां से मामला बहुत ज़्यादा पेचीदा हो गया है. तो आज इसे ही समझते हैं. समझेंगे कि Iran में ये प्रदर्शन छिड़े क्यों? इनके पीछे सिर्फ़ जनता का असंतोष था या कि कुछ और ताकतें भीं? Iran में होते Protest ने कैसे भारत के चावल व्यापारियों तक को तंग कर रखा है? और Iran ऐसा क्या करने जा रहा है जिससे भारत का 60% Energy Sector सकते में आ सकता है? Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में हमने ये सवाल पूछे हमारे मेहमान और Ex-Ambassador Anil Trigunayat जी से. पिछले 3 दशकों में उन्होंने भारत को दुनियाभर में अलग अलग जगहों पर Represent किया है. Jordan, Libya Malta में Ambassador भी रहे यानि Middle East को जानते समझते बहुत अच्छे से हैं.

प्रड्यूसर: मानव देव रावत
साउंड मिक्स: रोहन भारती
German Chancellor से लेकर French President तक क्यों मिलाना चाहते हैं PM Modi से हाथ? : Padhaku Nitin World Affairs15 Jan 202601:04:07
BMW, Volkswagen, Audi और Mercedes-Benz. इन गाड़ियों में कॉमन क्या है? एक ये कि भारतीय सड़कों पर आपको इन गाड़ियों की धूम खूब दिखती है. मिडल क्लास की Aspirations का हिस्सा रही है ये गाड़ियां. लेकिन एक Common बात ये भी है कि ये गाड़ियां इस बात का प्रमाण है कि Europe में हमारा सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर जर्मनी है. ये सारी जर्मन गाड़ियां हैं जिनमें भारतियों का इंट्रेस्ट पुरानी बात है, लेकिन नई बात है Germany का भारतीयों में इंट्रेस्ट. ये तस्वीरें देखिए ये हैं Germany के Chancellor फ्रेड्रिक मर्ज़ जो कि State Visit पर भारत के दो दिनी दौरे पर आए हैं. उन्होंने पहले पीएम मोदी के साथ अहमदाबाद में पतंग उड़ाई फिर वो बैंग्लोर पहुंचे. साथ में लाए 23 जर्मन CEOs और Industry leaders को. साथ में प्रेस कांफ्रेंस की, और इस बात पर ज़ोर दिया कि वो भारत को Indo-Pacific नें जर्मनी का साथी बनाना चाहते हैं. अभी जर्मन चांसलर आए हैं. फिर पोलिश प्रेसिडेंट आने को हैं. फ्रेंच प्रेसिडेंट मेंक्रों भी आने को है फरवरी में. और उससे पहले 26 जनवरी के कार्यक्रम में European Union की हेड Ursula Von der Leyen भी आने को हैं.लेकिन सवाल उठता है कि आखिर यूरोप को अचानक भारत में इंट्रेस्ट क्यों आने लगा है? इसमें बहुत पेंच हैं. बहुत Complexities हैं. जिन्हें हमारे लिए Decode किया है इस एपिसोड में मेहमान बनकर आईं Dr. Sheetal Sharma ने. वो Associate Professor हैं JNU में. European Studies पढ़ाती हैं.

प्रड्यूसर: मानव देव रावत
साउंड मिक्स: अमन पाल
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