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Explorez tous les épisodes du podcast Music - Dotara & Ghazal Saaz

Plongez dans la liste complète des épisodes de Music - Dotara & Ghazal Saaz. Chaque épisode est catalogué accompagné de descriptions détaillées, ce qui facilite la recherche et l'exploration de sujets spécifiques. Suivez tous les épisodes de votre podcast préféré et ne manquez aucun contenu pertinent.

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सौ साल पहले की महिला कलाकारों का संघर्ष हमसे बहुत बड़ा था : S9, Ep 720 Mar 202200:24:33
शुभा मुद्गल हिंदुस्तानी म्यूज़िक का एक अहम नाम हैं. उनकी ज़िंदगी के क़िस्सों और खूबसूरत गायकी को समेटा हमनें 'गज़लसाज़' के इस खास सीज़न में. सुनिए इस सीज़न का आख़िरी एपिसोड. इस एपिसोड में बात हुई हैं शुभा मुद्गल की ज़िंदगी के संघर्ष की, वो क्या मानती हैं पुराने दौर की महिलाओं के संघर्ष के बारे में... सुनिए गज़लसाज़ के इस ख़ास एपिसोड में, जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से
जिस गीत को गाया उसे अपना बना लिया : ग़ज़लसाज़ S9 Ep 606 Mar 202200:31:16
शुभा मुद्गल की ख़ासियत यही है कि उन्होंने जिस गीत को अपनी आवाज़ से सजाया वो चाहे कितने भी सिंगर्स ने पहले गाया हो लेकिन फिर वो उन्हीं का होकर रह गया। आज भी उनके गाए हुए पुराने गीत जब गूंजते हैं तो गुज़रा हुआ दौर उनकी आवाज़ में लिपटकर आंखों के सामने आ जाता है। शुभा मुद्गल के कुछ ऐसे ही गीतों को सुनिए 'गज़लसाज़' में और उनके बारे में ज़िक्र कर रहे हैं जमशेद कमर सिद्दीक़ी.
फ़िल्मों में ना गाने का फ़ैसला कर चुके राशिद ख़ान, किसके कहने पर गाने को मजबूर हुए? : ग़ज़लसाज़, S8E431 Oct 202100:37:02
सुरों के सफ़ीर, क्लासिकल म्यूज़िक के सबसे बड़े दस्तख़्वत उस्ताद राशिद ख़ान ने फ़िल्मों में ना गाने का फ़ैसला करियर के शुरुआती दिनों में ही कर लिया था। लेकिन एक दोस्त म्यूज़िक डायरेक्टर के कहने पर उन्होंने मजबूर होकर एक गाना गाया। कौन सा है वो गाना? बता रहे हैं आजतक रेडियो के म्यूज़िकल पॉडकास्ट में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी.
उस्ताद राशिद ख़ान के लिए क्यों गले की हड्डी बन गया अंग्रेज़ी मीडियम स्कूल?: ग़ज़लसाज़ S8E317 Oct 202100:20:52
क्लासिकल सिंगर उस्ताद राशिद ख़ान साहब को एक बार क्यों पंडित भीमसेन जोशी के कॉन्सर्ट में फ्रंट सीट से उठाकर पीछे बैठने को कहा गया था. और उसी दिन राशिद साहब ने एक कसम खाई थी... क्या थी वो क़सम? सुनिए आजतक रेडियो के गज़लसाज़ में राशिद ख़ान सीज़न के तीसरे एपिसोड में कुछ बंदिश और कुछ क़िस्से, जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.
राशिद ख़ान, जो अपनी कला को उस्तादों की जूतियों के सदक़े रखते हैं : ग़ज़लसाज़ S8E203 Oct 202100:23:36
पद्मश्री उस्ताद राशिद ख़ान की ज़िंदगी से जुड़े कुछ याद किस्से और उनकी आवाज़ में कुछ रोहानी संगीत, सुनिए गज़लसाज़ के इस एपिसोड में, जमशेद कमर सिद्दीक़ी के साथ.
उस्तादों की पिटाई ने बनाया 'राशिद' से 'उस्ताद राशिद ख़ान' : ग़ज़ल साज़ S8E119 Sep 202100:28:22
पद्मश्री उस्ताद राशिद ख़ान की रोहानी आवाज़ दिल ओ ज़हन को अंदर तक छू लेती है। दुनिया भर के तमाम देशों तक हिंदुस्तानी रवायती संगीत को पहुंचाने वाले राशिद ख़ान ने कभी हारमोनियम पर रियाज़ नहीं किया। वो कहते हैं कि रियाज़ सिर्फ तानपुरे पर करना चाहिए। उनकी ज़िंदगी से जुड़े कुछ याद किस्से और उनकी आवाज़ में कुछ रोहानी संगीत, सुनिए गज़लसाज़ के इस एपिसोड में, जमशेद कमर सिद्दीक़ी के साथ.
जब पैंतीस साल बाद दिल्ली की निज़ामुद्दीन दरगाह पहुंची रेशमा : ग़ज़ल साज़ S7E705 Sep 202100:25:03
गज़लसाज़ के रेशमा सीज़न के सातवें और आखिरी एपिसोड में सुनिए रेशमा के अब्बा ने उनसे, उनके पुरखों की कब्रों के बारे में क्या नसीहत की थी? वो कब्रें जो रतनगढ़ में आज भी मौजूद हैं और जिन्हें छोड़कर उन्हें तक़्सीम के वक्त पाकिस्तान जाना पड़ा था। दिल्ली की निज़ामुद्दीन दरगाह और अजमेर की ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ की दरगाह पर रेशमा क्यों पैंतीस साल बाद हाज़िरी लगाने पहुंची थीं? सुनिए गज़ल साज़ के रेशमा सीज़न के आख़िरी पॉडकास्ट में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से
नींबू के अचार से रेश्मा की मुहब्बत का क़िस्सा22 Aug 202100:33:23
रेश्मा जब गाती थीं तो लगता था जैसे रेगिस्तान ने अपनी चुप्पी तोड़ दी हो। लेकिन उनकी आवाज़ के क़िस्सों के अलावा उनके खाने-पीने के शौक के बारे में भी कई बातें मशहूर हैं। इनमें से एक है भारत में बने नींबू के अचार से उनके इश्क़ का क़िस्सा। जब एक प्रोड्यूसर ने उन्हें नींबू का अचार खाने पर टोका था, तो क्या जवाब दिया था रेशमा ने, बता रहे हैं जमशेद क़मर सिद्दीक़ी गज़लसाज़ के इस एपिसोड में.
नींबू के अचार से रेश्मा की मुहब्बत का क़िस्सा22 Aug 202100:32:50
रेश्मा जब गाती थीं तो लगता था जैसे रेगिस्तान ने अपनी चुप्पी तोड़ दी हो। लेकिन उनकी आवाज़ के क़िस्सों के अलावा उनके खाने-पीने के शौक के बारे में भी कई बातें मशहूर हैं। इनमें से एक है भारत में बने नींबू के अचार से उनके इश्क़ का क़िस्सा। जब एक प्रोड्यूसर ने उन्हें नींबू का अचार खाने पर टोका था, तो क्या जवाब दिया था रेशमा ने, बता रहे हैं जमशेद क़मर सिद्दीक़ी गज़लसाज़ के इस एपिसोड में.
फ़िल्म 'बॉबी' में गाने के लिए रेशमा ने राजकपूर के सामने कौन सी शर्त रखी थी?08 Aug 202100:28:27
हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बंटवारे वाले साल में पैदा हुई रेशमा को ज़िंदगीभर ये मलाल रहा कि उनकी रेतीली ज़मीन राजस्थान सरहद से बंट गयी। इंदिरा गांधी से एक मुलाकात में उन्होंने कहा था कि अगर मेरा दूसरा जन्म हो तो मैं फिर से इसी मिट्टी में पैदा होना चाहती हूं। सुनिए रेशमा की ज़िदगी के ऐसे ही कुछ सुने-अनसुने क़िस्से जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से और कुछ चुनिंदा गज़लें रेशमा की आवाज़ में, सिर्फ गज़लसाज़ में
फ़िल्म 'बॉबी' में गाने के लिए रेशमा ने राजकपूर के सामने कौन सी शर्त रखी थी?08 Aug 202100:28:27
हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बंटवारे वाले साल में पैदा हुई रेशमा को ज़िंदगीभर ये मलाल रहा कि उनकी रेतीली ज़मीन राजस्थान सरहद से बंट गयी। इंदिरा गांधी से एक मुलाकात में उन्होंने कहा था कि अगर मेरा दूसरा जन्म हो तो मैं फिर से इसी मिट्टी में पैदा होना चाहती हूं। सुनिए रेशमा की ज़िदगी के ऐसे ही कुछ सुने-अनसुने क़िस्से जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से और कुछ चुनिंदा गज़लें रेशमा की आवाज़ में, सिर्फ गज़लसाज़ में
जब तस्वीर खींचे जाने पर नाराज़ होकर लौट गईं रेशमा: ग़ज़ल साज़, S7E425 Jul 202100:30:56
रेशमा की ज़िंदगी के जुड़े क़िस्सों और उनकी आवाज़ के जादू से सजी इस महफ़िल में शामिल हो जाइये, सुनिए गज़लसाज़ का रेशमा सीज़न, जमशेद क़मर सिद्दीक़ी के साथ, सिर्फ आजतक रेडियो पर.
हर बार अपनी गायकी से कैसे चौंका देती हैं शुभा मुद्गल? : ग़ज़लसाज़ S9E520 Feb 202200:27:25
एक कलाकार तबतक प्रासंगिक रहता है जब तक वो अपना सरप्राइज़ एलिमेंट नहीं खोता. प्रशंसक हर बार ये सोचते हैं कि इस बार क्या होगा? और ये कमाल तभी हो पाता है जब आर्टिस्ट के पास रेंज हो. शुभा मुद्गल के पास ज़बरदस्त रेंज है. वो पॉप भी गाती हैं, क्लासिकल भी. गज़लसाज़ के इस पॉडकास्ट में ज़िक्र शुभा जी की शानदार गायकी का. सुनिए जमशेद कमर सिद्दीक़ी से.
जब तस्वीर खींचे जाने पर नाराज़ होकर लौट गईं रेशमा: ग़ज़ल साज़, S7E425 Jul 202100:30:56
रेशमा की ज़िंदगी के जुड़े क़िस्सों और उनकी आवाज़ के जादू से सजी इस महफ़िल में शामिल हो जाइये, सुनिए गज़लसाज़ का रेशमा सीज़न, जमशेद क़मर सिद्दीक़ी के साथ, सिर्फ आजतक रेडियो पर.
जब रेशमा से मिलने पहुंचे दिलीप कुमार ने कहा, 'मैं आपका सबसे बड़ा फ़ैन हूं': ग़ज़ल साज़, S7E311 Jul 202100:36:36
रेशमा की मक़बूलियत का दायरा इतना था उस वक्त हिंदुस्तान की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें अपने आवास 1, सफ़दरजंग रोड पर दावत दी। रेश्मा जब मुंबई पहुंची और इस बारे में एक्टर दिलीप कुमार को पता चला तो वो उनसे मिलने पहुंच गए और कहा, "रेशमा जी, मैं आपका फ़ैन हूं और ये होटल आपकी शान के मुताबिक नहीं, मैंने आपका इंतज़ाम एक दूसरे आलिशान होटल में किया है।" रेशमा की ज़िंदगी के ऐसे ही और क़िस्सो और उनकी आवाज़ के जादू से सजी इस महफ़िल में शामिल हो जाइये, सुनिए गज़लसाज़ का रेशमा सीज़न, जमशेद क़मर सिद्दीक़ी के साथ, सिर्फ आजतक रेडियो पर.
जब रेशमा से मिलने पहुंचे दिलीप कुमार ने कहा, 'मैं आपका सबसे बड़ा फ़ैन हूं': ग़ज़ल साज़, S7E311 Jul 202100:36:36
रेशमा की मक़बूलियत का दायरा इतना था उस वक्त हिंदुस्तान की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें अपने आवास 1, सफ़दरजंग रोड पर दावत दी। रेश्मा जब मुंबई पहुंची और इस बारे में एक्टर दिलीप कुमार को पता चला तो वो उनसे मिलने पहुंच गए और कहा, "रेशमा जी, मैं आपका फ़ैन हूं और ये होटल आपकी शान के मुताबिक नहीं, मैंने आपका इंतज़ाम एक दूसरे आलिशान होटल में किया है।" रेशमा की ज़िंदगी के ऐसे ही और क़िस्सो और उनकी आवाज़ के जादू से सजी इस महफ़िल में शामिल हो जाइये, सुनिए गज़लसाज़ का रेशमा सीज़न, जमशेद क़मर सिद्दीक़ी के साथ, सिर्फ आजतक रेडियो पर.
जब होटल से घूमने निकलीं रेशमा रूस में रास्ता भटक गयीं : S7E227 Jun 202100:31:07
जमशेद क़मर सिद्दीक़ी सुना रहे हैं रेशमा की ज़िंदगी के कहे-अनकहे क़िस्से और साथ ही सुनिए कुछ यादगार गज़लें रेशमा की ख़ूबसूरत आवाज़ में, आजतक रेडियो की म्यूज़िकल पॉडकास्ट सीरीज़ 'गज़लसाज़' के रेशमा स्पेशल सीज़न के दूसरे एपिसोड में.
जब होटल से घूमने निकलीं रेशमा रूस में रास्ता भटक गयीं : S7E227 Jun 202100:28:51
जमशेद क़मर सिद्दीक़ी सुना रहे हैं रेशमा की ज़िंदगी के कहे-अनकहे क़िस्से और साथ ही सुनिए कुछ यादगार गज़लें रेशमा की ख़ूबसूरत आवाज़ में, आजतक रेडियो की म्यूज़िकल पॉडकास्ट सीरीज़ ‘गज़लसाज़’ के रेशमा स्पेशल सीज़न के दूसरे एपिसोड में.
कहानी 12 साल की रेशमा की जिसने बिना उस्ताद के, उस्तादों को मात दे दी : S7E113 Jun 202100:33:43
"लंबी जुदाई... चार दिनों दा..." इस नग़्मे में लिपटी आवाज़ सरहदों के पार हिंदुस्तान और पाकिस्तान की साझा विरासत है. राजस्थान में पैदाइश से लेकर लाहौर में वफ़ात के बीच रेशमा ने जो किया वो उनके जाने के बाद भी उनकी मौजूदगा का एहसास करवाता रहेगा. आज तक रेडियो की पॉडकास्ट सीरीज़- ग़ज़ल साज़ में सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से कुछ क़िस्से और कुछ गज़लें मशहूर सिंगर रेशमा की आवाज़ में.
कहानी 12 साल की रेशमा की जिसने बिना उस्ताद के, उस्तादों को मात दे दी : S7E113 Jun 202100:33:13
"लंबी जुदाई... चार दिनों दा..." इस नग़्मे में लिपटी आवाज़ सरहदों के पार हिंदुस्तान और पाकिस्तान की साझा विरासत है. राजस्थान में पैदाइश से लेकर लाहौर में वफ़ात के बीच रेशमा ने जो किया वो उनके जाने के बाद भी उनकी मौजूदगा का एहसास करवाता रहेगा. आज तक रेडियो की पॉडकास्ट सीरीज़- ग़ज़ल साज़ में सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से कुछ क़िस्से और कुछ गज़लें मशहूर सिंगर रेशमा की आवाज़ में.
बॉटनी की एक स्टूडेंट कैसे बन गयी ग़ज़ल की दुनिया का चमकता नाम?: ग़ज़ल साज़, S6E123 May 202100:25:37
"आपकी याद आती रही, रात भर…" गीत के लिए 1979 में राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार जीतने वाली मशहूर गायिका छाया गांगुली क्यों रहती हैं कैमरों की चमक-दमक से दूर? बॉम्बे यूनिवर्सिटी में वनस्पति विज्ञान पढ़ने वाली छाया गांगुली को किसने दी सुरों की सलाहियत? आज तक रेडियो की पॉडकास्ट सीरीज़- ग़ज़ल साज़ में सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से कुछ क़िस्से और कुछ गज़लें मशहूर सिंगर छाया गांगुली की आवाज़ में.
बॉटनी की एक स्टूडेंट कैसे बन गयी ग़ज़ल की दुनिया का चमकता नाम?: ग़ज़ल साज़, S6E123 May 202100:25:37
“आपकी याद आती रही, रात भर…” गीत के लिए 1979 में राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार जीतने वाली मशहूर गायिका छाया गांगुली क्यों रहती हैं कैमरों की चमक-दमक से दूर? बॉम्बे यूनिवर्सिटी में वनस्पति विज्ञान पढ़ने वाली छाया गांगुली को किसने दी सुरों की सलाहियत? आज तक रेडियो की पॉडकास्ट सीरीज़- ग़ज़ल साज़ में सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से कुछ क़िस्से और कुछ गज़लें मशहूर सिंगर छाया गांगुली की आवाज़ में.
कहानी उस एक फ़ोन कॉल की जिसने हरिहरन की ज़िंदगी बदल दी : ग़ज़ल साज़, S5E209 May 202100:30:46
साल 1992 में हरिहरन को वो एक फ़ोन कॉल किसने किया था जिसके बाद उनकी ज़िंदगी हमेशा के लिए बदल गयी? और जां निसार अख़्तर ने अपने बेटे जावेद अख़्तर को क्या नसीहत दी थी? आज तक रेडियो के पॉडकास्ट सीरीज़- ग़ज़ल साज़ में सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से कुछ क़िस्से और कुछ गज़लें मशहूर सिंगर हरिहरन की आवाज़ में.
जब स्टेज पर गाते-गाते हंसी नहीं रोक पाईं शुभा मुद्गल : ग़ज़लसाज़, S9 E406 Feb 202200:37:25
एक स्टेज परफॉर्मेंस के दौरान गाने में एक ऐसा शब्द आया कि शुभा जी की नज़रें स्टेज पर ही बैठे तबला बजे रहे उनके पति अनीश प्रधान साहब से जा टकराईं और फिर दोनों अपनी हंसी नहीं रोक पाए। इस हंसी की वजह क्या थी? और शुभा जी की माँ अपनी बेटी में अपनी माँ यानि शुभा जी की नानी का कौन सा अक्स देखती थीं? बता रहे हैं जमशेद कमर सिद्दीक़ी 'गज़लसाज़' के इस बेहद ख़ास पॉडकास्ट में.
पत्रकार बनकर किससे मिलने गए थे हरिहरन: ग़ज़ल साज़, S5E125 Apr 202100:29:36
ये है आज तक रेडियो की पॉडकास्ट सीरीज़- ग़ज़ल साज़. यहाँ हम आपको सुनवाएंगे दुनिया के सबसे मशहूर ग़ज़ल गायकों की ग़ज़लें, उनके जीवन और उनकी गायकी से जुड़े कुछ अनोखे किस्से. साथ ही बात होगी शायरों की भी. यह ग़ज़ल साज़ का पांचवा सीज़न है. इस सीज़न के पहले एपिसोड में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी लेकर आए हैं मशहूर गायक हरिहरन की ग़ज़लें और उनके शायरों से जुड़े कुछ क़िस्से.
अमीर ख़ुसरो ने किससे ख़रीदे हज़रत निज़ामुद्दीन के जूते : ग़ज़ल साज़, S4E411 Apr 202100:25:44
ये है आज तक रेडियो की पॉडकास्ट सीरीज़- ग़ज़ल साज़. यहाँ हम आपको सुनवाएंगे दुनिया के सबसे मशहूर ग़ज़ल गायकों की ग़ज़लें, उनके जीवन और उनकी गायकी से जुड़े कुछ अनोखे किस्से. साथ ही बात होगी शायरों की भी. यह ग़ज़ल साज़ का चौथा सीज़न है. इस सीज़न के चौथे एपिसोड में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी लेकर आए हैं मशहूर गायिका आबिदा परवीन से जुड़े कुछ क़िस्से और ग़ज़लें.
वो आवाज़ जो सूफ़ी गायकी को मज़ारों से निकालकर कॉनसर्ट्स तक लाई : ग़ज़ल साज़, Ep S4E328 Mar 202100:34:17
ये है आज तक रेडियो की पॉडकास्ट सीरीज़- ग़ज़ल साज़. यहाँ हम आपको सुनवाएंगे दुनिया के सबसे मशहूर ग़ज़ल गायकों की ग़ज़लें, उनके जीवन और उनकी गायकी से जुड़े कुछ अनोखे किस्से. साथ ही बात होगी शायरों की भी. यह ग़ज़ल साज़ का चौथा सीज़न है. इस सीज़न के दूसरे एपिसोड में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी लेकर आए हैं मशहूर गायिका आबिदा परवीन से जुड़े कुछ क़िस्से और ग़ज़लें.
आबिदा परवीन कंधे पर जो रंगीन कपड़ा डाले रहती हैं उसका राज़ : ग़ज़ल साज़ S4E214 Mar 202100:29:43
ये है आज तक रेडियो की पॉडकास्ट सीरीज़- ग़ज़ल साज़. यहाँ हम आपको सुनवाएंगे दुनिया के सबसे मशहूर ग़ज़ल गायकों की ग़ज़लें, उनके जीवन और उनकी गायकी से जुड़े कुछ अनोखे किस्से. साथ ही बात होगी शायरों की भी. यह ग़ज़ल साज़ का चौथा सीज़न है. इस सीज़न के दूसरे एपिसोड में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी लेकर आए हैं मशहूर गायिका आबिदा परवीन से जुड़े कुछ क़िस्से और ग़ज़लें.
आबिदा परवीन ने ग़ज़लों पर क्यों चढ़ाया सूफ़ियाना रंग : ग़ज़ल साज़ S4E103 Jan 202100:37:09
यह है आज तक रेडियो की पॉडकास्ट सीरीज़- ग़ज़ल साज़. यहाँ हम आपको सुनवाएंगे दुनिया के सबसे मशहूर ग़ज़ल गायकों की ग़ज़लें, उनके जीवन और उनकी गायकी से जुड़े कुछ अनोखे किस्से. साथ ही बात होगी शायरों की भी. यह ग़ज़ल साज़ का चौथा सीज़न है। इस सीज़न में अंजुम शर्मा लेकर आए हैं मशहूर गायिका आबिदा परवीन से जुड़े कुछ क़िस्से और ग़ज़लें.
यह चौथे सीज़न का पहला एपिसोड है जिसमें आप सुनेंगे असग़र गोंडवी, शाह नियाज़ अहमद बरेलवी और ज़हीन शाह ताजी की लिखे कलाम और आबिदा परवीन से जुड़े कुछ किस्से।
साउंड मिक्सिंग : कपिल देव सिंह
फ़ैज़ की ग़ज़ल 'गुलों में रंग भरे बाद-ए-नौ-बहार चले' : दोतारा Ep1027 Dec 202000:04:21
'दो तारा'. कविता को संगीत के साथ पिरोकर Chinmayi Tripathi और Joell Mukherji ने एक अनोखा रंग बुना है. Poetry और Music का यह बेजोड़ मिलन अब से आप सुन सकते हैं आज तक रेडियो पर. आज 'दो तारा' में सुनिए फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की ये ग़ज़ल गुलों में रंग भरे बाद-ए-नौ-बहार चले जिसे आवाज़ दी है मेहदी हसन ने.
जब हुक़ूमत की पाबंदियों के बीच फ़रीदा ख़ानम के कॉन्सर्ट हुए लोकप्रिय : ग़ज़ल साज़ S3E320 Dec 202000:37:46
ये है आज तक रेडियो की पॉडकास्ट सीरीज़- ग़ज़ल साज़. यहां हम आपको सुनवाएंगे दुनिया के सबसे मशहूर ग़ज़ल गायकों की ग़ज़लें, उनके जीवन और उनकी गायकी से जुड़े कुछ अनोखे क़िस्से. साथ ही बात होगी शायरों की भी. यह ग़ज़ल साज़ का तीसरा सीज़न है. इस सीज़न में अंजुम शर्मा लेकर आए हैं मशहूर ग़ज़ल गायिका फ़रीदा ख़ानम से जुड़े कुछ क़िस्से और ग़ज़लें. यह तीसरे सीज़न का अंतिम एपिसोड है जिसमें आप सुनेंगे मोमिन ख़ां मोमिन, और दाग़ देहलवी की लिखी ग़ज़लें और फ़रीदा ख़ानम की गायिकी से जुड़े कुछ क़िस्से
साउंड मिक्सिंग : कपिल देव सिंह
सत्यजीत रे ने क्यों लिखा था फ़रीदा ख़ानम को पत्र? : ग़ज़ल साज़ S3E206 Dec 202000:41:32
ये है आज तक रेडियो की पॉडकास्ट सीरीज़- ग़ज़ल साज़. यहां हम आपको सुनवाएंगे दुनिया के सबसे मशहूर ग़ज़ल गायकों की ग़ज़लें. उनके जीवन और उनकी गायकी से जुड़े कुछ अनोखे किस्से. साथ ही बात होगी शायरों की भी. यह ग़ज़ल साज़ का तीसरा सीज़न है. इस सीज़न में अंजुम शर्मा लेकर आए हैं मशहूर ग़ज़ल गायिका फ़रीदा ख़ानम से जुड़े कुछ क़िस्से और ग़ज़लें. यह तीसरे सीज़न का दूसरा एपिसोड है, जिसमें आप सुनेंगे फ़ैज़ अहमद फ़ैज़. मीर तक़ी मीर और मिर्ज़ा ग़ालिब की लिखी ग़ज़लें और फ़रीदा ख़ानम और उनके भारत आने से जुड़े कुछ किस्से.
होटल नीडोस, फ़ैज़ की ग़ज़ल और फ़रीदा ख़ानम की गायिकी : ग़ज़ल साज़ S3E122 Nov 202000:44:40
ये है 'आज तक रेडियो' की पॉडकास्ट सीरीज़- ग़ज़ल साज़. यहाँ हम आपको सुनवाएंगे दुनिया के सबसे मशहूर ग़ज़ल गायकों की ग़ज़लें, उनके जीवन और उनकी गायकी से जुड़े कुछ अनोखे किस्से. साथ ही बात होगी शायरों की भी. यह ग़ज़ल साज़ का तीसरा सीज़न है. इस सीज़न में अंजुम शर्मा लेकर आए हैं मशहूर ग़ज़ल गायिका फ़रीदा ख़ानम से जुड़े कुछ क़िस्से और ग़ज़लें. ये तीसरे सीज़न का पहला एपिसोड है जिसमें आप सुनेंगे फ़ैज़ अहमद फ़ैज़, आग़ा हश्र काश्मीरी और चराग़ हसन हसरत की लिखी ग़ज़लें और फ़रीदा ख़ानम के शुरुआती सफ़र की दास्तान.
जब मेहदी हसन और लता मंगेशकर ने अलग अंदाज़ में की एक दूसरे की तारीफ़ : ग़ज़लसाज़ S2E408 Nov 202000:38:08
यह है आज तक रेडियो पॉडकास्ट सीरीज़- ग़ज़ल साज़. यहां हम आपको सुनवाएंगे दुनिया के सबसे मशहूर ग़ज़ल गायकों की ग़ज़लें, उनके जीवन और उनकी गायकी से जुड़े कुछ अनोखे किस्से. साथ ही बात होगी शायरों की भी. इसके दूसरे सीज़न में अंजुम शर्मा लेकर आए हैं मशहूर ग़ज़ल गायक मेहदी हसन से जुड़े कुछ क़िस्से और ग़ज़लें. ये है इस कड़ी का अंतिम भाग जिसमें आप सुनेंगे आलम ताब तिश्ना, एहसान दानिश और अब्दुल हमीद की लिखी ग़ज़लें और मेहदी हसन की ख़ूबियों की दास्तान
जब यूनिवर्सिटी में फैज़ के सामने शुभा मुद्गल ने पढ़ी उन्हीं की गज़ल : ग़ज़लसाज़, S9 E323 Jan 202200:38:51
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम में मशहूर 'शायर ए इंकलाब' फैज़ अहमद फैज़ आए हुए थे। 22 साल की शुभा मुद्गल को इस कार्यक्रम में गज़ल पढ़नी थी लेकिन जिस कागज़ पर उन्होंने गज़ल दर्ज की थी, उस पर फैज़ की नज़र पड़ गयी। पर्ची देखकर फैज़ साहब ने शुभा मुद्गल से क्या सवाल किया था? सुनिए 'गज़लसाज़' के इस एपिसोड में, जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से
मेहदी हसन, मीर, दाग़ और शायर लखनवी के किस्से : ग़ज़ल साज़ S2E325 Oct 202000:40:01
ये है आज तक रेडियो पॉडकास्ट सीरीज़- ग़ज़ल साज़. यहां हम आपको सुनवाएंगे दुनिया के सबसे मशहूर ग़ज़ल गायकों की ग़ज़लें, उनके जीवन और उनकी गायकी से जुड़े कुछ अनोखे किस्से. साथ ही बात होगी शायरों की भी. इसके दूसरे सीज़न में अंजुम शर्मा लेकर आए हैं मशहूर ग़ज़ल गायक मेहदी हसन से जुड़े कुछ क़िस्से और ग़ज़लें. ये है इस कड़ी का तीसरा भाग जिसमें आप सुनेंगे मीर, दाग़ और शायर लखनवी की लिखी ग़ज़लें और मेहदी हसन की ख़ूबियों की दास्तान.
साउंड मिक्सिंग : कपिल देव सिंह
हरिवंश राय बच्चन की कविता- जीवन की आपाधापी में: दोतारा Ep0518 Oct 202000:07:23
'दो तारा'. कविता को संगीत के साथ पिरोकर Chinmayi Tripathi और Joell Mukherji ने एक अनोखा रंग बुना है. Poetry और Music का यह बेजोड़ मिलन अब से आप सुन सकते हैं आज तक रेडियो पर. आज 'दो तारा' में सुनिएहरिवंश राय बच्चन की कविता 'जीवन की आपाधापी में'
मेहदी हसन ने जब एक युवा शायर से मांगी उसकी ग़ज़ल: ग़ज़ल साज़ S2E211 Oct 202000:35:04
आज तक रेडियो आपके लिए लेकर आया है, नई पॉडकास्ट सीरीज़- ग़ज़ल साज़. यहाँ हम आपको सुनाएंगे दुनिया के सबसे मशहूर ग़ज़ल गायकों की ग़ज़लें, उनके जीवन और उनके कलाम से जुड़े कुछ अनोखे किस्से. इसका दूसरे सीज़न में अंजुम शर्मा लेकर आए हैं मशहूर ग़ज़ल गायक मेहदी हसन से जुड़े कुछ क़िस्से और ग़ज़लें. सुनिए इसका दूसरा भाग.

साउंड मिक्सिंग: कपिल देव सिंह
निदा फ़ाज़ली की ग़ज़ल, गरज बरस प्यासी धरती पर फिर पानी दे मौला : दोतारा Ep0404 Oct 202000:06:47
जब 8 बरस के मेहदी हसन ने 40 मिनट तक बसंत पंचम गाया : ग़ज़ल साज़ S2E127 Sep 202000:32:17
कबीर की कलम से निकला कलाम, ज़रा हल्के गाड़ी हांको : दोतारा Ep0320 Sep 202000:05:14
'दो तारा'. कविता को संगीत के साथ पिरोकर Chinmayi Tripathi और Joell Mukherji ने एक अनोखा रंग बुना है. Poetry और Music का यह बेजोड़ मिलन अब से आप सुन सकते हैं आज तक रेडियो पर. आज 'दो तारा' में सुनिए कबीर की कविता - 'ज़रा हल्के गाड़ी हांको'.
जब इक़बाल बानो के इश्क़ में गिरफ़्तार हुए क़तील शिफ़ाई : ग़ज़ल साज़ Ep0313 Sep 202000:30:43
इक़बाल बानो के प्रोग्राम्स में सादे कपड़ों में शामिल होते थे फ़ौजी जनरल: ग़ज़ल साज़ Ep0230 Aug 202000:31:40
ग़ज़ल साज़
बांधो न नाव इस ठाँव बंधु: दोतारा Ep0123 Aug 202000:06:21
Poetry और Music का यह बेजोड़ मिलन अब से आप सुन सकते हैं आज तक रेडियो पर. आज 'दो तारा' में सुनिए कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की कविता - 'बाँधो न नाव इस ठाँव बंधु'.
इक़बाल बानो की 6 शानदार ग़ज़लें और उससे जुड़े क़िस्से: ग़ज़ल साज़ Ep0109 Aug 202000:39:34
आज तक रेडियो आपके लिए लेकर आया है, नई पॉडकास्ट सीरीज़- ग़ज़ल साज़. यहाँ हम आपको सुनाएंगे दुनिया के सबसे मशहूर ग़ज़ल गायकों की ग़ज़लें, उनके जीवन और उनके कलाम से जुड़े कुछ अनोखे किस्से. ग़ज़ल साज़ की शुरुआत कर रहे हैं इक़बाल बानो से. वो पाकिस्तान में जन्मीं और भारत में पली-बढ़ीं लेकिन मुहब्बत दोनों देशों में उन्होंने बराबर लूटी. इक़बाल बानो ही थीं जिन्होंने पाकिस्तान के फौजी डिक्टेटर ज़िया-उल-हक़ के फरमान के ख़िलाफ़ साड़ी पहनकर फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की नज़्म ‘हम देखेंगे’ को इस तरह गाया था कि सुनने वालों के रौंगटे खड़े हो गए थे. ग़ज़ल साज़ के पहले एपिसोड में परवेज़ आलम ने समेटा है इक़बाल बानो की यादों को. साउंड मिक्सिंग: तिलक राज भाटिया इमेज क्रेडिट: गूगल डूडल
आवाज़ जिसने क्लासिकल म्यूज़िक को 'कूल' बना दिया : ग़ज़लसाज़, S9 E209 Jan 202200:39:50
शुभा मुद्गल वो आवाज़ है जिसने साल 1996 में 'अली मोरे अंगना' गाने के साथ नौजवानों के दिल में शास्त्रीय संगीत के लिए मुहब्बत पैदा की। अपनी आवाज़ और अंदाज़ से दशकों तक हिंदुस्तान की तहज़ीब की खुश्बू को दुनिया में बिखेरने वाली शुभा मुद्गल की ज़िंदगी के बारे में सुनिए कुछ ख़ास क़िस्से और कुछ खनकते हुए गीत उन्हीं की आवाज़ में, सिर्फ गज़लसाज़ में, जमशेद कमर सिद्दीक़ी के साथ.
कथक सीखने वाली शुभा मुद्गल के क्लासिकल सिंगर बनने की कहानी : ग़ज़लसाज़ Ep126 Dec 202100:29:49
हिंदुस्तान की वो क्लासिकल गायिका जिसकी आवाज़ दुनिया के तमाम देशों में गूंजती है। जिसने क्लासिकल गायन को पॉप के साथ मिलाकर नौजवान पीढ़ी को संगीत की जड़ों से जोड़ा - शुभा मुद्गल। गज़लसाज़ में सुनिए शुभा जी की ज़िंदगी की सुनी अनसुनी कहानियां और उनकी आवाज़ में कुछ शानदार गायिकी, गज़लसाज़ के इस एपिसोड में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी के साथ.

साउंड मिक्सिंग : अमृत रेगी
जब राशिद ख़ान साहब को मिली पहली स्कॉलरशिप : ग़ज़लसाज़ S8 E712 Dec 202100:28:09
हिंदुस्तान की वो आवाज़ जिसने सरहदों पार अपने होने की निशानी दी है। जिसने हिंदुस्तानी रवायती संगीत को उस ऊंचाई पर सजाया है कि जहां से उसकी खुश्बू पूरी दुनिया में फैलती है। राशिद ख़ान, क्लासिकल सिंगिंग का नायाब सितारा। और उसी सितारे के बारे में 'गज़लसाज़' के इस सीज़न में ये है सातवां एपिसोड। सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीकी से.
राशिद ख़ान जिन्होंने हिंदी फ़िल्मों की चकाचौंध में गुम होने से खुद को बचाए रखा : ग़ज़लसाज़ S8 E628 Nov 202100:20:20
राशिद ख़ान साहब की ज़िंदगी से जुड़े कुछ सुने अनसुने क़िस्से और उनकी रूहानी आवाज़ में हिंदुस्तानी क्लासिकल म्यूज़िक के इस गुलदस्ते को लेकर गज़लसाज़ फिर से हाज़िर है। सुनिए आजतक रेडियो पर 'गज़लसाज़' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से
जब पंडित भीम सेन जोशी ने राशिद साहब को दस हज़ार का नज़राना दिया : ग़ज़लसाज़ S8E514 Nov 202100:30:07
दुनिया के हर उस मुल्क में जहां हिंदुस्तानी रवायती संगीत को चाहने वाले ज़िंदा हैं उस मुल्क की अदबी हवाओं में उस्ताद राशिद ख़ान का नाम ज़रूर गूंजता है. आजतक रेडियो के 'गज़लसाज़' पॉडकास्ट में सुनिए राशिद साहब की आवाज़ में कुछ ख़ास बंदिश और साथ ही कुछ यादगार किस्से. बरेली शरीफ़ से उस्ताद का क्या रिश्ता है? कौन थे निख़िल काका जिन्होंने राशिद साहब के बचपन में ही उनके बेहद कामयाब होने की भविष्यवाणी कर दी थी? बता रहे हैं जमशेद क़मर सिद्दीक़ी 'गज़लसाज़' के पांचवें एपिसोड में
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